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CJP आंदोलन को विदेशी फंडिग का आरोप, NIA से जांच की मांग, हाईकोर्ट ने स्वीकार की PIL

New Delhi: CJP आंदोलन को विदेशी फंडिग का आरोप, NIA से जांच की मांग, हाईकोर्ट ने स्वीकार की PIL
New Delhi: आजादी के बाद देश में बहुत बड़े-बड़े आंदोलन हुए।आपातकाल के खिलाफ तो इतना ऐतिहासिक आंदोलन हुआ कि बच्चे से लेकर बूढ़े तक इस आंदोलन में थे। राष्ट्रीय स्तर पर ही नहीं, असम, झारखंड और उत्तराखंड जैसे राज्यों में वर्षों तक जन आंदोलन चले, लेकिन इन आंदोलनों में फंडिग को लेकर कहीं से भी कोई सवाल नहीं उठे। आश्चर्यजनक है कि हाल के कुछ वर्षों से आंदोलनों को शंका की नजर से देखा जाने लगा है कि उन्हें कहां से सहयोग अथवा फंडिग हो रही है? कौन आंदोलन के पीछे है? इन दिनों राजधानी दिल्ली में चल रहे  कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन को भी कुछ लोगों द्वारा शंका की दृष्टि से देखा जा रहा है। 

हाईकोर्ट में शुक्रवार को होगी सुनवाई

इस बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन को विदेशी फंडिंग मिलने का आरोप लगाया गया है। दिल्ली हाईकोर्ट में दायर एक जनहित याचिका में आरोप लगाया गया है कि CJP का विरोध-प्रदर्शन देश को अस्थिर करने की साजिश थी, जिसमें विदेशी-फंडेड समूहों की भूमिका हो सकती है। याचिका में मांग की गई है कि सीजेपी के संसद मार्च और प्रदर्शन की एनआईए (NIA) जांच की जाए। जनहित याचिका दिल्ली हाईकोर्ट में स्वीकार की गई है। शुक्रवार को मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति डीके उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की बेंच याचिका पर सुनवाई करेगी। जनहित याचिका सतीश कुमार अग्रवाल की ओर से अधिवक्ता वरूण सिन्हा ने दायर की है।

New Delhi: आरोपों के विपरीत CJP ने किया ये दावा…

आंदोलन के दौरान कुछ नेताओं ने आरोप लगाया है कि यह आंदोलन प्रायोजित है। जल्द ही इसकी फंडिंग करने वालों का खुलासा होगा। इन आरोपों के विपरीत सीजेपी आंदोलन के मुख्य आयोजक अभिजीत दीपके का दावा है कि यह आंदोलन भ्रष्टाचार और बेरोजगारी के खिलाफ युवाओं का एक स्वतंत्र, गैर-राजनीतिक आंदोलन है।इस मामले में अभी दिल्ली पुलिस और खुफिया एजेंसियों द्वारा जांच की जा रही है।