New Delhi: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) प्रतिनिधिमंडल और केंद्र सरकार के मंत्रियों के बीच शुक्रवार को कंस्टीट्यूशन क्लब में करीब डेढ़ घंटे तक चली बैठक के बाद CJP शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ी रही। उसने सरकार को शनिवार तक का समय दिया है।हालांकि सरकार ने प्रदर्शनकारियों को मुआवजा देने और FIR वापस लेने की मांग पर सकारात्मक संकेत दिये हैं। सभी बिंदुओं पर विचार करने के बाद शनिवार दोपहर बाद फिर से मिलने का समय भी तय किया है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं निकाला जा सकता है कि शनिवार को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हो ही जाएगा।
भाजपा के भरोसेमंद रणनीतिकार
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़े हुए सीजेपी नेतृत्व को सोचना चाहिए कि धर्मेंद्र प्रधान सिर्फ एक वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री नहीं हैं, बल्कि उनका भाजपा के भीतर काफी बड़ा राजनीतिक कद है। वे पार्टी के कद्दावर ओसीबी चेहरे और दूसरी पंक्ति के बड़े नेता हैं। इसके साथ ही वे पार्टी के काफी भरोसेमंद व प्रभावशाली रणनीतिकार भी माने जाते हैं। वे ओडिशा की राजनीति से उठकर राष्ट्रीय फलक पर आए और राज्य में पार्टी को मजबूत करने में मुख्य भूमिका निभाई।बिहार, कर्नाटक, उत्तराखंड और झारखंड जैसे विभिन्न राज्यों में पार्टी के लिए चुनाव प्रबंधन व प्रभारी की महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं।
New Delhi: संघ पृष्ठभूमि के नेता
भाजपा संगठन में वे संघ (RSS) पृष्ठभूमि के नेता हैं। संघ में उनकी गहरी जड़ों का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उन्होंने राजनीतिक करियर की शुरुआत अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से की।साल 2004 से 2006 तक वे भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे।उनके पिता डॉ. देबेंद्र प्रधान भी अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में केंद्रीय मंत्री और संघ के निष्ठावान कार्यकर्ता रहे हैं। साफ है कि संघ और भाजपा में उनकी एक समृद्ध पृष्ठभूमि है।
New Delhi: राष्ट्रीय शिक्षा नीति का कार्यान्वयन
धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 का कार्यान्वयन, डिजिटल शिक्षा और कौशल विकास (Skill Development) का मुख्य एकीकरण हुआ है।राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत एनसीईआरटी (NCERT) की किताबों और पाठ्यक्रम में कई बड़े बदलाव किए गए हैं, जिनमें पाठ्यक्रम का आधुनिकीकरण, ऐतिहासिक तथ्यों का समायोजन और नए विषयों को शामिल करना शामिल है। ऐसे में सरकार उन्हें हटाना नहीं चाहेगी।
New Delhi: इस्तीफा अभी मुश्किल
हालांकि छात्र संगठनों और विपक्षी दलों द्वारा नीट पेपर लीक व अन्य मुद्दों पर इस्तीफे की मांग को लेकर भारी राजनीतिक दबाव बनाया जा रहा है, लेकिन उनका इस्तीफा फिलहाल अनिश्चित है।सरकार ने इस पर CJP को कोई स्पष्ट आश्वासन नहीं दिया है।संसद में भी इस पूरे घटनाक्रम और परीक्षाओं की प्रणाली पर चर्चा का ही आश्वासन दिया गया। ऐसे में यही लगता है कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा अभी मुश्किल है।








