SANJAY RAUT STATEMENT: लोकसभा में पेश किए गए एंटी पेपर लीक संशोधन विधेयक, 2026 को लेकर शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के सांसद संजय राउत ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि केवल सजा और जुर्माना बढ़ाने से पेपर लीक की समस्या समाप्त नहीं होगी।
‘नए कानून में नया क्या है?’
संजय राउत ने कहा कि पहले भी पेपर लीक के खिलाफ कानून मौजूद था। अब केवल सजा को बढ़ाकर 10 वर्ष और जुर्माने को ₹10 करोड़ करने से समस्या का समाधान नहीं होगा। उन्होंने सवाल किया कि सरकार नए कानून बनाकर क्या हासिल करना चाहती है।
SANJAY RAUT STATEMENT: सरकार की कार्यशैली पर उठाए सवाल
राउत ने आरोप लगाया कि देश में कानून का सही तरीके से पालन नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि जब मौजूदा कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन नहीं हो पा रहा, तो नए कानून बनाने से कोई विशेष फर्क नहीं पड़ेगा।
दल-बदल कानून का दिया उदाहरण
उन्होंने कहा कि देश में दल-बदल विरोधी कानून होने के बावजूद सांसदों और विधायकों के दल बदलने तथा राजनीतिक दलों के टूटने की घटनाएं होती रही हैं। उनके मुताबिक, यदि मौजूदा कानून प्रभावी ढंग से लागू नहीं हो रहे हैं, तो केवल नया कानून बनाना पर्याप्त नहीं होगा।
SANJAY RAUT STATEMENT: आरएसएस पर भी साधा निशाना
संजय राउत ने आरोप लगाया कि शैक्षणिक संस्थानों में बैठे लोग पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने में विफल रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि कठोर कानून लाने के बावजूद व्यवस्था में सुधार तभी संभव होगा, जब उसके प्रभावी क्रियान्वयन पर ध्यान दिया जाए।
हंगामे के बीच लोकसभा में पेश हुआ विधेयक
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने सोमवार को लोकसभा में लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक-2026 पेश किया। हालांकि विपक्ष के हंगामे और नारेबाजी के कारण सदन की कार्यवाही बाधित रही और चर्चा शुरू नहीं हो सकी। विपक्ष ने 20 जुलाई को प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा।
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