Home » Breaking News » असम-बिहार ने खोले राहत के दरवाजे, बंगाल पर टिकीं निगाहें; CJP का अगला कदम क्या?

असम-बिहार ने खोले राहत के दरवाजे, बंगाल पर टिकीं निगाहें; CJP का अगला कदम क्या?

CJP PROTEST NEWS: नीट पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में हुए छात्र प्रदर्शनों के बाद असम और बिहार सरकार ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों में राहत देने की पहल की है। वहीं पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से अब तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। इस बीच मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी मंगलवार को राज्य के 100 नीट टॉपर्स का सम्मान करेंगे।

असम और बिहार सरकार ने दी राहत

बिहार सरकार ने घोषणा की है कि 26 जुलाई की शाम तक प्रदर्शन में शामिल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कोई प्रतिकूल या प्रतिशोधात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। पुलिस के अनुसार बिहार बंद के दौरान हिरासत में लिए गए 694 लोगों में से 339 नाबालिगों को छोड़ दिया गया है, जबकि शेष मामलों की समीक्षा की जा रही है।

असम सरकार ने भी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही है। राज्य में परीक्षा लीक आंदोलन से जुड़े पांच मामले दर्ज हुए थे और 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया था।

CJP PROTEST NEWS: बंगाल में सरकार की चुप्पी

पश्चिम बंगाल सरकार ने अब तक प्रदर्शनकारियों को लेकर कोई राहत संबंधी घोषणा नहीं की है। हालांकि मंगलवार को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी कोलकाता के नाबन्न सभागार में नीट यूजी परीक्षा में सफल शीर्ष 100 छात्रों को सम्मानित करेंगे। यह कार्यक्रम ऐसे समय आयोजित हो रहा है, जब हाल ही में कोलकाता में पेपर लीक विरोधी प्रदर्शन हिंसक हो गए थे।

कोलकाता में हुई थी हिंसक झड़प

राजधानी कोलकाता में प्रदर्शन के दौरान वाम समर्थित कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प हुई थी। हालात नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया था। प्रदर्शनकारियों ने डोरिना क्रॉसिंग को जाम कर दिया था और पुलिस पर पथराव व बोतलें फेंकी थीं।

CJP PROTEST NEWS: CJP ने दी फिर आंदोलन की चेतावनी

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर वापस नहीं ली गईं तो आंदोलन दोबारा शुरू किया जाएगा। पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि सरकार ने लिखित आश्वासन देने का वादा किया था और अब उसे उसका पालन करना चाहिए।

वकीलों की टीम कर रही मदद

सीजेपी की कानूनी टीम की सदस्य रत्ना सिंह ने दावा किया कि असम, बिहार और पश्चिम बंगाल में गिरफ्तार प्रदर्शनकारियों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कोलकाता में गिरफ्तार 11 लोगों में से 10 मुस्लिम समुदाय से हैं और उनके खिलाफ कठोर धाराएं लगाए जाने की आशंका है।

CJP PROTEST NEWS: भाजपा शासित राज्यों पर नजर

सीजेपी ने कहा है कि बिहार और असम के बाद अन्य भाजपा एवं एनडीए शासित राज्यों में भी इसी तरह के आदेश जारी कराने की कोशिश की जा रही है। पार्टी का कहना है कि किसी भी छात्र या आंदोलनकारी को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा।

दिल्ली में सुरक्षा बढ़ाई गई

सीजेपी की ओर से दोबारा आंदोलन की चेतावनी के बाद दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर और नई दिल्ली क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी है। पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया गया है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

ये भी पढ़े… दतिया में CM मोहन यादव का शक्ति प्रदर्शन, रोड शो में उमड़ा जनसैलाब; कांग्रेस को लगा बड़ा झटका