Rahul Gandhi: कांग्रेस नेता राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संसद भवन में आंतरिक सुरक्षा को लेकर एक अहम उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, आईबी चीफ समेत सुरक्षा से जुड़े कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। दिल्ली में जारी प्रदर्शनों और देश में संभावित कानून-व्यवस्था की चुनौतियों के बीच इस बैठक को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे पहले मंगलवार को भी अमित शाह ने देर रात तक वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर विभिन्न सुरक्षा मुद्दों पर चर्चा की थी।
आंतरिक सुरक्षा पर हुई अहम समीक्षा
संसद भवन में हुई बैठक के दौरान देश की मौजूदा आंतरिक सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की गई। अधिकारियों से संवेदनशील क्षेत्रों और संभावित सुरक्षा चुनौतियों को लेकर जानकारी ली गई। बैठक में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने की रणनीति पर भी चर्चा होने की बात सामने आई है।
Rahul Gandhi: अजीत डोभाल और आईबी चीफ भी रहे मौजूद
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी बैठक में शामिल हुए। उनके साथ आईबी चीफ और अन्य वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में सीमाओं की सुरक्षा, क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों और देश से जुड़े सामरिक मामलों पर भी विचार-विमर्श किए जाने की जानकारी है। सुरक्षा एजेंसियों से मिले इनपुट के आधार पर आगे की रणनीति तैयार किए जाने की संभावना है।
दिल्ली में प्रदर्शनों के बीच बैठक अहम
दिल्ली में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच गृह मंत्री अमित शाह की लगातार उच्चस्तरीय बैठकों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मंगलवार देर रात भी उन्होंने गृह सचिव, आईबी चीफ और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की थी। वहीं, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से दोबारा विरोध प्रदर्शन शुरू करने की चेतावनी के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार की चिंता बढ़ी है।
Rahul Gandhi: योगी आदित्यनाथ ने किया बड़ा दावा
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा कि देशद्रोहियों के दिन गिने-चुने रह गए हैं। उन्होंने अमित शाह के देर रात तक संसद भवन में रहने और लंबे अंतराल के बाद अजीत डोभाल के संसद पहुंचने का जिक्र करते हुए कहा कि इसका मतलब साफ है कि देशद्रोहियों के लिए बुरे दिन शुरू हो चुके हैं। हालांकि, बैठक में किसी बड़े फैसले को लेकर सरकार की ओर से आधिकारिक तौर पर कोई जानकारी सामने नहीं आई है।
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