Gold Price: सोने और चांदी की कीमतों में हाल के दिनों में जोरदार उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। वैश्विक बाजार और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों से जुड़े फैसलों के बीच कीमती धातुओं पर निवेशकों की नजर बनी हुई है। इसी बीच ग्लोबल बैंक जेफरीज की ओर से सोने की कीमत को लेकर बड़ा लॉन्ग टर्म अनुमान सामने आया है। जेफरीज के ग्लोबल हेड ऑफ इक्विटी स्ट्रेटजी क्रिस्टोफर वुड के अनुसार, आने वाले समय में सोने की कीमत 10,000 डॉलर प्रति औंस के स्तर को पार कर सकती है। भारतीय मुद्रा में यह कीमत करीब ₹3.08 लाख प्रति 10 ग्राम के बराबर बैठती है।
Gold Price: शुक्रवार को कहां बंद हुआ सोना-चांदी-
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर शुक्रवार, 18 सितंबर को सोना ₹1,54,600 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बंद हुआ। वहीं चांदी ₹2,43,047 प्रति किलोग्राम पर क्लोज हुई। ऑल इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स के अनुसार, 18 सितंबर को 24 कैरेट सोने की कीमत ₹1,53,727 प्रति 10 ग्राम रही। 22 कैरेट सोना ₹1,48,814 और 18 कैरेट सोना ₹1,15,295 प्रति 10 ग्राम पर रहा। वहीं चांदी का भाव ₹2,36,908 प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया।
Gold Price: फेड के फैसले के बाद क्यों बढ़ी सोने-चांदी की कीमत-
इंटेलीसिस वेंचर्स के फाउंडर और सेबी रजिस्टर्ड मार्केट एवं कमोडिटी एक्सपर्ट अमित सुरेश जैन के मुताबिक, फेड के फैसले से जुड़ी जानकारी बाजार में पहले ही काफी हद तक डिस्काउंट हो चुकी थी। उनका कहना है कि इसी वजह से शुरुआती गिरावट के बाद सोने-चांदी में तेजी से रिकवरी देखने को मिली।
क्या सोना पुराना हाई तोड़ सकता है-
अमित सुरेश जैन के मुताबिक, सोने और चांदी के लिए जनवरी के पुराने हाई को तुरंत पार करने की संभावना कम दिखाई देती है। उनके अनुसार, सोने में ₹1.56 लाख से ₹1.58 लाख का स्तर महत्वपूर्ण हो सकता है, जबकि ₹1.49 लाख के नीचे कमजोरी का जोखिम बढ़ सकता है। हालांकि, लंबी अवधि में उन्होंने सोने के ₹1.75 लाख से ₹1.80 लाख और चांदी के ₹3 लाख से ₹3.20 लाख तक पहुंचने की संभावना बताई है।
क्या अभी सोना-चांदी खरीदना चाहिए-
मौजूदा तेजी के बीच आम निवेशकों को तुरंत बाजार में उतरने को लेकर अमित सुरेश जैन ने सावधानी बरतने की सलाह दी है। उनके मुताबिक, फिजिकल सोने में खरीद-बिक्री के दौरान डिस्काउंट का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए बिना सोचे-समझे तेजी में निवेश करने के बजाय बड़े डिप या करेक्शन का इंतजार किया जा सकता है।
क्या बाजार में बड़ा क्रैश आ सकता है-
अमित सुरेश जैन ने कहा कि कमोडिटी बाजार में समय-समय पर करेक्शन और कंसोलिडेशन देखने को मिलता है। बड़ी तेजी से पहले बाजार में लंबा कंसोलिडेशन फेज भी आ सकता है। उन्होंने निवेशकों को छोटे-छोटे हिस्सों में निवेश करने और बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच संयम बरतने की बात कही।
अगले हफ्ते गोल्ड, सिल्वर और क्रूड पर क्या रणनीति-
अमित सुरेश जैन के अनुसार, तकनीकी और मनोवैज्ञानिक नजरिए से क्रूड ऑयल और नेचुरल गैस में सीमित जोखिम के साथ बेहतर रिस्क-रिवॉर्ड देखने को मिल सकता है। वहीं, सोने और चांदी में शॉर्ट टर्म या लॉन्ग टर्म पोजीशन बनाने से पहले उन्होंने वित्तीय सलाहकार से सलाह लेने और स्टॉपलॉस का पालन करने की बात कही।
जेफरीज के ₹3 लाख वाले अनुमान पर क्या बोले अनुज गुप्ता-
सेबी रजिस्टर्ड मार्केट एवं कमोडिटी एक्सपर्ट अनुज गुप्ता ने बताया कि जेफरीज के ग्लोबल हेड ऑफ इक्विटी स्ट्रेटजी क्रिस्टोफर वुड ने सोने के लिए 10,000 डॉलर प्रति औंस का लॉन्ग टर्म टारगेट दिया है। भारतीय रुपये में यह कीमत करीब ₹3.08 लाख प्रति 10 ग्राम से ज्यादा बैठती है। क्रिस्टोफर वुड के अनुसार अमेरिकी डेट, कम यील्ड और केंद्रीय बैंकों की सोने की खरीदारी इसकी कीमत को सपोर्ट कर सकती है। अनुज गुप्ता के मुताबिक, अगर सोने की कीमत 3,800-4,000 डॉलर के स्तर तक आती है तो उसे धीरे-धीरे जमा करने पर विचार किया जा सकता है। उन्होंने भारतीय घरेलू और ज्वैलरी मांग को भी सोने के लिए संभावित सपोर्ट बताया।
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