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स्पेन-मोरक्को सीमा पर मची अफरातफरी, हजारों लोगों ने किया अवैध प्रवेश का प्रयास, 18 की मौत

स्पेन सीमा पर अफरातफरी, 18 की मौत

Spain Border Crisis: स्पेन और मोरक्को की सीमा पर हालात अचानक बेहद तनावपूर्ण हो गए। बेहतर जीवन की उम्मीद में हजारों लोगों ने अवैध तरीके से स्पेन के छोटे शहर स्यूटा (Ceuta) में प्रवेश करने की कोशिश की। कुछ लोग समुद्र तैरकर पहुंचे, जबकि कई लोगों ने सीमा पर लगी बाड़ पार कर ली। सामने आए वीडियो में बड़ी संख्या में लोगों को सीमा की ओर दौड़ते और समुद्र के रास्ते आते देखा गया।

द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस अफरातफरी में कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई। हालात इतने गंभीर हो गए कि स्पेन सरकार को सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए सेना भेजनी पड़ी। सड़कों पर भारी भीड़, समुद्र में शव और सीमा पर बिगड़ती व्यवस्था ने पूरे यूरोप की चिंता बढ़ा दी है।

सेना तैनात करने का फैसला

स्पेन सरकार ने कहा कि स्यूटा में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सेना को सिविल गार्ड की मदद के लिए भेजा जा रहा है। सरकार ने यह भी जानकारी दी कि प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज शुक्रवार को गृह मंत्री फर्नांडो ग्रांदे-मार्लास्का के साथ स्यूटा का दौरा करेंगे।स्यूटा सीमा पर तैनात सिविल गार्ड अधिकारियों के संगठन के प्रमुख राशिद स्बीही ने समाचार एजेंसी AP से कहा कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण से बाहर है। उनके अनुसार, सीमा पार करने वालों की सही संख्या बताना मुश्किल है, लेकिन हजारों लोग लगातार अंदर आ रहे हैं और सीमा व्यवस्था पूरी तरह टूट चुकी है।

महिलाओं और बच्चों ने भी किया प्रवेश का प्रयास

उत्तरी मोरक्को के मानवाधिकार संगठन के सदस्य अशरफ मैमूनी ने इस घटना को असाधारण बताया। उन्होंने कहा कि शुक्रवार सुबह तराजाल सीमा असामान्य परिस्थितियों में खोली गई, जिसके बाद बड़ी संख्या में लोग स्यूटा की ओर बढ़ने लगे।वीडियो में अधिकतर मोरक्को के युवा पुरुष दिखाई दिए, लेकिन उनके साथ महिलाएं और छोटे बच्चों वाले परिवार भी मौजूद थे। ये लोग तराजाल समुद्र तट के रास्ते स्थानीय सड़कों तक पहुंचते नजर आए।

‘वीवा एस्पान्या’ के लगे नारे

AP के लिए काम कर रहे एक फोटोग्राफर के मुताबिक, सीमा पार करने की कोशिश कर रहे कुछ लोग “वीवा एस्पान्या” (स्पेन जिंदाबाद) के नारे भी लगा रहे थे। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इतनी बड़ी संख्या में लोग अचानक स्यूटा क्यों पहुंच गए।इस संकट का असर इटली तक भी पहुंचा है। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो वह अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए स्पेन के साथ लागू शेंगेन (Schengen) खुले सीमा समझौते को अस्थायी रूप से निलंबित करने पर विचार कर सकती हैं। हालांकि, इटली और स्पेन की आपस में कोई सीधी सीमा नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर भी चर्चा

स्यूटा प्रशासन ने पहले इस बढ़ती भीड़ के पीछे स्पेन के सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले को एक वजह बताया था। इस फैसले में कहा गया था कि समुद्र के रास्ते आने वाले प्रवासियों को बिना कानूनी प्रक्रिया अपनाए तुरंत वापस नहीं भेजा जा सकता। हालांकि, यह फैसला जमीन के रास्ते आने वाले लोगों पर लागू नहीं होता।

सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जताया अलग मत

मोरक्को के कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि केवल इस कानूनी फैसले की वजह से इतनी बड़ी संख्या में लोग सीमा पर नहीं पहुंचे। उनका कहना है कि ज्यादातर प्रवासियों को ऐसे कानूनी फैसलों की जानकारी भी नहीं होती।उनके मुताबिक, लोग बेहतर रोजगार, आर्थिक अवसरों और अपने देशों में हिंसा से बचने के लिए यूरोप का रुख करते हैं। स्पेन का स्यूटा शहर अफ्रीका से यूरोप पहुंचने का एक प्रमुख प्रवेश द्वार माना जाता है। कई लोग मोरक्को के फनिदेक शहर से करीब पांच किलोमीटर समुद्र तैरकर स्यूटा पहुंचने की कोशिश करते हैं, जबकि कुछ लोग बेल्यूनेश शहर से भी कम दूरी वाले रास्ते का इस्तेमाल करते हैं।

2021 जैसे संकट की याद

मौजूदा हालात ने मई 2021 के उस बड़े सीमा संकट की याद ताजा कर दी है, जब सिर्फ दो दिनों के भीतर 8,000 से ज्यादा लोग अवैध रूप से स्यूटा पहुंच गए थे। इस बार भी बड़ी संख्या में लोगों के सीमा पार करने की कोशिश ने स्पेन और पूरे यूरोप के सामने सुरक्षा और प्रवासन को लेकर नई चुनौती खड़ी कर दी है।

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