Assam Flood News: असम सरकार ने गुरुवार को बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत देते हुए बड़ा ऐलान किया। सरकार ने कहा कि बाढ़ से प्रभावित लोगों को लिए गए सभी तरह के लोन की EMI चुकाने के लिए छह महीने की मोहलत (मोराटोरियम) दी जाएगी। वहीं, पिछले 24 घंटों में दो और लोगों की मौत होने के बाद इस साल बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 80 हो गई है। राज्य में अब तक 2.12 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हैं।
इसी बीच, असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर नुकसान का जायजा लिया और राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि राज्य सरकार ने केंद्र से बाढ़ पीड़ितों के राहत और पुनर्वास के लिए विशेष सहायता पैकेज की मांग की है।
चार जिलों के लोगों को मिलेगा 6 महीने का मोराटोरियम
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने फेसबुक लाइव के दौरान बताया कि उन्होंने राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC) की विशेष बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI), नाबार्ड, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) और अन्य सभी वाणिज्यिक बैंकों के अधिकारी शामिल हुए।बैठक में फैसला लिया गया कि शिवसागर, चराईदेव, जोरहाट और गोलाघाट जिलों के बाढ़ प्रभावित लोनधारकों को छह महीने तक EMI नहीं भरनी होगी।
केवल बाढ़ प्रभावित लोगों को मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि बैंक पहले यह जांच करेंगे कि कौन-से ग्राहक वास्तव में बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। केवल उन्हीं लोगों को छह महीने की राहत मिलेगी। उन्होंने बाकी लोगों से अपील की कि यदि वे बाढ़ से प्रभावित नहीं हैं, तो अपनी EMI समय पर भरते रहें।इससे पहले विपक्षी दल असम जातीय परिषद ने भी सरकार और RBI से बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए छह महीने का मोराटोरियम लागू करने की मांग की थी।
लोन की अवधि बढ़ेगी, दुकानदारों को अतिरिक्त मदद
मुख्यमंत्री ने बताया कि बाढ़ प्रभावित लोगों के लोन की अवधि कर्ज के प्रकार के अनुसार एक से सात साल तक बढ़ाई जा सकती है।उन्होंने कहा कि कई छोटे दुकानदारों की दुकानें बाढ़ में पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं। ऐसे लोगों को बिना किसी नए मॉर्गेज या अतिरिक्त गारंटी के उनके मौजूदा लोन खाते में 10,000 रुपये की अतिरिक्त राशि दी जाएगी, ताकि वे दोबारा अपना काम शुरू कर सकें।
राज्य सरकार ने यह भी घोषणा की है कि शिवसागर और चराईदेव जिलों में बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुए वैष्णव परंपरा के पूजा स्थल ‘नामघर’ के पुनर्निर्माण के लिए प्रत्येक संस्था को एकमुश्त 1.5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
बाढ़ से मौतों का आंकड़ा पहुंचा 80
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के ताजा बुलेटिन के अनुसार, पिछले 24 घंटे में शिवसागर जिले में दो लोगों की डूबने से मौत हुई है। इनमें एक लड़का भी शामिल है।इन दोनों मौतों के बाद इस साल बाढ़ से जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 80 हो गई है।फिलहाल चराईदेव, गोलाघाट, जोरहाट और शिवसागर जिलों में 2,12,400 से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। सबसे ज्यादा असर चराईदेव जिले में पड़ा है, जहां करीब 80,000 लोग प्रभावित हैं। इसके बाद शिवसागर में लगभग 71,000 और जोरहाट में करीब 40,000 लोग प्रभावित हैं।
बाढ़ की स्थिति में आया सुधार
प्रशासन के अनुसार, बुधवार के मुकाबले बाढ़ की स्थिति में कुछ सुधार हुआ है। दो दिन पहले इन चार जिलों में तीन लाख से ज्यादा लोग प्रभावित थे।फिलहाल प्रशासन 112 राहत शिविर चला रहा है, जहां 75,583 प्रभावित लोगों को रहने, भोजन और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
राज्यपाल ने किया हवाई सर्वे और राहत शिविरों का दौरा
राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने शिवसागर, चराईदेव और जोरहाट जिलों के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वे किया। इसके बाद उन्होंने शिवसागर जिले के राहत शिविरों का दौरा कर प्रभावित परिवारों से बातचीत की।उन्होंने लोगों की समस्याएं सुनीं, राहत सामग्री वितरित की और भोजन, पीने के पानी, स्वास्थ्य सेवाओं, साफ-सफाई तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता का भी जायजा लिया।
सरकार हर प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है
बाढ़ प्रभावित लोगों से बातचीत के दौरान राज्यपाल ने भरोसा दिलाया कि सरकार हर परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है और जल्द से जल्द सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी असम की बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और राज्य को हर जरूरी सहायता उपलब्ध करा रहे हैं।
राज्यपाल ने जिला प्रशासन को निर्देश दिया कि राहत शिविरों में रह रहे बच्चों, महिलाओं, गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं, बुजुर्गों तथा छात्रों की जरूरतों का विशेष ध्यान रखा जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी प्रभावित परिवार आवश्यक मदद से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि सामान्य स्थिति पूरी तरह बहाल होने तक राहत कार्य लगातार और प्रभावी ढंग से जारी रहने चाहिए।
केंद्र से विशेष सहायता पैकेज की मांग
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बताया कि राज्य सरकार ने इंटर-मिनिस्ट्रियल सेंट्रल टीम के सामने विशेष राहत पैकेज की मांग रखी है। यह टीम बुधवार को ऊपरी असम के बाढ़ प्रभावित जिलों का चार दिन का दौरा पूरा कर चुकी है।सरकार ने केंद्र से अनुरोध किया है कि ऊपरी असम में आई इस बाढ़ को एक असामान्य और बेहद तेज़ी से आई प्राकृतिक आपदा के रूप में माना जाए, ताकि नुकसान का आकलन और राहत देने के नियम आसान बनाए जा सकें।
राज्य सरकार ने शिवसागर, चराईदेव, जोरहाट और गोलाघाट जिलों के लिए विशेष केंद्रीय सहायता पैकेज की मांग की है। इसमें राहत, आवास, बुनियादी ढांचे की मरम्मत और लोगों की आजीविका बहाल करने के लिए आर्थिक मदद शामिल है। हालांकि, मुख्यमंत्री ने यह नहीं बताया कि इस पैकेज के तहत केंद्र से कितनी राशि मांगी गई है।
13 हजार घरों में अब भी नहीं लौटी बिजली
मुख्यमंत्री ने बताया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों के लगभग 13,000 घरों में अभी भी बिजली बहाल नहीं हो सकी है। कई जिले पिछले करीब 11 दिनों से अभूतपूर्व कीचड़ वाली बाढ़ का सामना कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि प्रशासन लगातार हालात की समीक्षा कर रहा है और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए चरणबद्ध तरीके से बिजली आपूर्ति बहाल की जा रही है।
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