CJP Protest: जंतर-मंतर पर हुए एक प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने के मामले में नोएडा की एक युवती के खिलाफ जीरो FIR दर्ज की गई है। यह कार्रवाई गाजियाबाद की अधिवक्ता स्मृति सिंह चंदेल की शिकायत पर नोएडा के एक्सप्रेसवे थाना पुलिस ने की है। शिकायत में युवती की पहचान रुचिका सिंह के रूप में की गई है।
आपत्तिजनक और अभद्र भाषा का प्रयोग
शिकायतकर्ता स्मृति सिंह चंदेल ने गुरुवार शाम अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो जारी कर मामले की जानकारी दी। उन्होंने आरोप लगाया कि सेक्टर-168, नोएडा निवासी रुचिका सिंह ने जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक मंच से प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक और अभद्र भाषा का प्रयोग किया, जिससे देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद की गरिमा को ठेस पहुंची। उन्होंने कहा कि इसी आधार पर उन्होंने कानूनी कार्रवाई की मांग की थी। फिलहाल पुलिस प्रदर्शन के दौरान बनाए गए वीडियो, सोशल मीडिया पर वायरल क्लिप और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जंतर मंतर प्रोटेस्ट में PM मोदी के लिए आपत्तिजनक शब्द बोलने पर रुचिका सिंह के खिलाफ FIR दर्ज कराने वाली अधिवक्ता स्मृति सिंह चंदेल को सुनिए !! https://t.co/AKglYAo4HV pic.twitter.com/IxWCz64jFF
— Sachin Gupta (@Sachingupta) July 30, 2026
इस मामले में हिंदू सुरक्षा सेवा संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनूप खेतान ने भी सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया। उन्होंने दावा किया कि वीडियो में दिखाई देने वाली युवती वही है, जिसने 23 जुलाई 2026 को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री के खिलाफ कथित रूप से अभद्र टिप्पणी की थी। उन्होंने वीडियो में FIR की प्रति और युवती की तस्वीर भी साझा करते हुए दावा किया कि युवती बालिग है और नोएडा में एक मॉल में हेयर कटिंग का कार्य करती है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
CJP Protest: मामले की जांच में जुटी पुलिस
वीडियो में अनूप खेतान ने समर्थकों से सोशल मीडिया पर मामले को साझा करने तथा उत्तर प्रदेश पुलिस और नोएडा पुलिस को टैग कर कार्रवाई की मांग करने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन किसी भी संवैधानिक पद या भारतीय सेना के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल स्वीकार्य नहीं होना चाहिए। वहीं, अधिवक्ता स्मृति सिंह चंदेल ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री और उनकी दिवंगत माता के खिलाफ कथित रूप से अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया गया। उन्होंने कहा कि समाज में शालीन भाषा और मर्यादित संवाद को बनाए रखना आवश्यक है, क्योंकि सार्वजनिक मंचों पर इस्तेमाल की जाने वाली भाषा का समाज और युवाओं पर व्यापक प्रभाव पड़ता है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में संबंधित युवती की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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