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FIR पर गरमाई सियासत! रुचिका सिंह के समर्थन में उतरीं महुआ मोइत्रा, सरकार पर लगाया बड़ा आरोप

CJP Protest: जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित अभद्र टिप्पणी करने के आरोप में रुचिका सिंह के खिलाफ दर्ज जीरो एफआईआर के बाद तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा उनके समर्थन में सामने आई हैं। उन्होंने इस कार्रवाई को “बदले की भावना से किया गया राज्य मशीनरी का इस्तेमाल” बताया।

महुआ मोइत्रा ने सरकार पर साधा निशाना

महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि 25 वर्षीय प्रदर्शनकारी के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि सरकार आलोचना से सबक लेने के बजाय विरोध करने वालों पर कार्रवाई कर रही है।

CJP Protest: CJP ने भी दर्ज कराई आपत्ति

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने भी रुचिका सिंह के खिलाफ दर्ज एफआईआर का विरोध किया है। पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि गाली-गलौज के मामले में आपराधिक कार्रवाई उचित नहीं है और युवाओं को निशाना बनाना बंद किया जाना चाहिए।

क्या है मामला

पुलिस के अनुसार, गाजियाबाद निवासी स्मृति सिंह की शिकायत पर नोएडा के सेक्टर-168 निवासी रुचिका सिंह के खिलाफ जीरो एफआईआर दर्ज की गई। आरोप है कि 23 जुलाई को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया।

CJP Protest: इन धाराओं में दर्ज हुआ केस

एफआईआर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 352 (शांति भंग करने के उद्देश्य से अपमान), 353(1) (सार्वजनिक रूप से शरारतपूर्ण बयान) और 356(1) (मानहानि) के तहत दर्ज की गई है। पुलिस ने बताया कि यह जीरो एफआईआर है, जिसे आगे की जांच के लिए नई दिल्ली पुलिस को स्थानांतरित किया जाएगा।

क्या होती है जीरो एफआईआर

जीरो एफआईआर ऐसी शिकायत होती है, जिसे किसी भी पुलिस थाने में दर्ज किया जा सकता है। बाद में अधिकार क्षेत्र के अनुसार संबंधित थाने को जांच के लिए स्थानांतरित कर दिया जाता है, ताकि शिकायत दर्ज करने में देरी न हो।

CJP Protest: प्रदर्शन के बाद बढ़ा विवाद

जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक के विरोध में हुए आंदोलन के बाद यह मामला सामने आया है। अब एफआईआर को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और विपक्ष सरकार पर विरोध की आवाज दबाने का आरोप लगा रहा है, जबकि पुलिस का कहना है कि कार्रवाई शिकायत के आधार पर कानून के अनुसार की गई है।

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