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राजस्थान हाईकोर्ट का विशेष इंतजाम, जयपुर से होगी जोधपुर और जयपुर बेंच के मामलों की सुनवाई

Jaipur News

Jaipur News: राजस्थान हाईकोर्ट ने न्यायिक कार्यों को बिना किसी बाधा के जारी रखने के लिए एक विशेष प्रशासनिक व्यवस्था लागू की है। इसके तहत शुक्रवार को हाईकोर्ट के सभी 39 न्यायाधीश जयपुर से ही जोधपुर मुख्य पीठ और जयपुर बेंच से जुड़े मामलों की सुनवाई करेंगे। न्यायिक कार्य के लिए कुल 25 बेंचों का गठन किया गया है, जिनमें बड़ी बेंच, डिवीजन बेंच और सिंगल बेंच शामिल हैं। जोधपुर मुख्य पीठ के मामलों की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की जाएगी, जबकि जयपुर बेंच के मामलों की सुनवाई सामान्य रूप से होगी। यह व्यवस्था तीन दिनों तक लागू रहेगी क्योंकि सभी न्यायाधीश जयपुर में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लेने के लिए मौजूद रहेंगे।

25 बेंचों का गठन, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होगी सुनवाई

हाईकोर्ट प्रशासन ने दिनभर की न्यायिक कार्यवाही के लिए चार बड़ी बेंच, छह डिवीजन बेंच और 15 सिंगल बेंच का गठन किया है। इनमें से जोधपुर मुख्य पीठ से संबंधित मामलों की सुनवाई एक बड़ी बेंच, तीन डिवीजन बेंच और चार सिंगल बेंच वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से करेंगी। वहीं जयपुर बेंच में दायर मामलों के लिए तीन बड़ी बेंच, तीन डिवीजन बेंच और 11 सिंगल बेंच बनाई गई हैं। इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि न्यायिक कार्य प्रभावित न हो और वादकारियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

Jaipur News: अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में शामिल होंगे सभी न्यायाधीश

सभी 39 न्यायाधीश शुक्रवार शाम से शुरू होने वाले तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लेने के लिए जयपुर में रहेंगे। यह सम्मेलन राजस्थान स्टेट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी द्वारा आयोजित किया जा रहा है। सम्मेलन का विषय शांति, मध्यस्थता और कानून के शासन से जुड़ा है। इसमें कॉमनवेल्थ देशों के न्यायाधीश, वरिष्ठ अधिवक्ता, मध्यस्थ, विधि विशेषज्ञ, शिक्षाविद और नीति निर्माता भाग लेंगे। इस आयोजन का उद्देश्य न्यायिक प्रणाली में वैकल्पिक विवाद समाधान और विधिक सहयोग को बढ़ावा देना है।

महत्वपूर्ण मामलों पर होगी सुनवाई

गठित बड़ी बेंचों के समक्ष कई अहम कानूनी मामलों की सुनवाई होगी। इनमें वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं, बच्चों और दिव्यांगों से जुड़े मामलों को प्राथमिकता देने का प्रश्न शामिल है। इसके अलावा वर्ष 1989 से लंबित आचार्य धर्मेंद्र एवं अन्य की याचिकाएं, जो जयपुर बेंच परिसर में मनु की प्रतिमा स्थापित करने से संबंधित हैं, उन पर भी सुनवाई होगी। इसी तरह पाक्सो अधिनियम के तहत सजा काट रहे दोषियों और नाबालिगों से दुष्कर्म के मामलों में दोषी व्यक्तियों को ओपन जेल में स्थानांतरित किए जाने की पात्रता से जुड़े कानूनी प्रश्नों पर भी विचार किया जाएगा।

Jaipur News: न्यायिक और प्रशासनिक दृष्टि से अहम पहल

राजस्थान हाईकोर्ट की यह विशेष व्यवस्था न्यायिक और प्रशासनिक दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि सभी न्यायाधीश एक ही स्थान पर होने के बावजूद अदालत की नियमित कार्यवाही निर्बाध रूप से चलती रहे। कई मामलों में होने वाले फैसलों से महत्वपूर्ण कानूनी व्याख्याएं सामने आने की संभावना है, जो भविष्य में समान प्रकृति के मामलों के निपटारे में मार्गदर्शक सिद्ध हो सकती हैं। हाईकोर्ट की यह पहल आधुनिक तकनीक और प्रभावी प्रशासनिक समन्वय के जरिए न्यायिक व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने का एक महत्वपूर्ण उदाहरण मानी जा रही है।

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