Weather Update: देश के कई राज्यों में लगातार हो रही भारी बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। केरल में बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं में अब तक 8 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 8 लोग लापता हैं। वहीं, कर्नाटक के शिवमोग्गा जिले में भूस्खलन की चपेट में आने से एक ही परिवार के तीन लोगों की जान चली गई। इस तरह दोनों राज्यों में मरने वालों की संख्या 11 हो गई है।
Weather Update: केरल में 209 राहत शिविर, हजारों लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचे-
केरल मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के अनुसार, राज्य में भारी बारिश से 13 लोग घायल हुए हैं। प्रशासन ने 5,792 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाकर 209 राहत शिविरों में ठहराया है। बारिश और भूस्खलन के कारण 27 घर पूरी तरह नष्ट हो गए हैं, जबकि 196 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं।
Weather Update: अलप्पुझा में बाढ़ का खतरा बढ़ा-
केरल के अलप्पुझा जिले के कुट्टनाड और अपर कुट्टनाड क्षेत्रों में पंबा और अचनकोविल नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। वीयापुरम और चेरुथाना गांवों में 100 से अधिक घर प्रभावित हुए हैं। जिले में 11 राहत शिविरों में 169 परिवारों के 580 लोगों को ठहराया गया है।
केरल के 5 डैम पर रेड अलर्ट-
लगातार बारिश के कारण मूझियार, कल्लारकुट्टी, एरट्टयार, लोअर पेरियार और पोरिंगलकुथु डैम का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। प्रशासन ने इन डैमों के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।
उत्तराखंड में लैंडस्लाइड से केदारनाथ मार्ग प्रभावित-
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग और केदार घाटी में लगातार हो रही बारिश के कारण कई स्थानों पर भूस्खलन और चट्टानें गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। इससे केदारनाथ यात्रा मार्ग और राष्ट्रीय राजमार्ग बाधित हो गए हैं। कांवड़ यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
राजस्थान के 24 जिलों में बारिश, अजमेर में जलभराव-
राजस्थान के 24 जिलों में बारिश का दौर जारी है। अजमेर में कई सड़कों पर पानी भर गया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ और लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
तमिलनाडु में बारिश के लिए विशेष नमाज-
दूसरी ओर, तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली में सूखे और भीषण जल संकट के बीच मुस्लिम समाज के करीब 2,000 लोगों ने बारिश के लिए विशेष नमाज सलात अल-इस्तिस्का अदा की। राज्य के कई जिलों में तापमान 37.5 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है।
जम्मू-कश्मीर में बादल फटने की घटनाएं क्यों होती हैं-
विशेषज्ञों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी क्षेत्रों में ऊंची पर्वत श्रृंखलाओं और संकरी घाटियों के कारण नमी भरी हवाएं ऊपर उठकर तेजी से बादलों का निर्माण करती हैं। जब बादलों में अत्यधिक नमी जमा हो जाती है, तो अचानक तेज बारिश यानी बादल फटने की घटनाएं होती हैं। यही कारण है कि डोडा, किश्तवाड़, रामबन, पुंछ, राजौरी, सोनमर्ग और कश्मीर घाटी के ऊंचे इलाकों में ऐसी घटनाएं अधिक देखने को मिलती हैं।
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