Warm Milk Benefits: बचपन से ही यह माना जाता रहा है कि रात में एक गिलास गुनगुना दूध पीने से अच्छी नींद आती है। दूध हड्डियों और शरीर के लिए फायदेमंद माना जाता है, लेकिन क्या यह वास्तव में नींद को बेहतर बनाने में मदद करता है? बढ़ती अनिद्रा की समस्या के बीच यह सवाल कई लोगों के मन में आता है। इस विषय पर हरियाणा के सिरसा स्थित रामहंस चेरिटेबल हॉस्पिटल के आयुर्वेदिक विशेषज्ञ Dr. Shrey Sharma ने विस्तार से जानकारी दी है।
Warm Milk Benefits: गुनगुना दूध नींद में कर सकता है मदद-
डॉ. श्रेय शर्मा के अनुसार, बहुत ज्यादा गर्म नहीं बल्कि हल्का गुनगुना दूध पीना बेहतर माना जाता है। आयुर्वेद में दूध को स्वाभाविक रूप से नींद लाने वाला आहार माना गया है। विशेषज्ञ बताते हैं कि भैंस का दूध अपेक्षाकृत भारी होता है, जबकि गाय का दूध हल्का माना जाता है। यही वजह है कि रात के समय दूध पीने की सलाह दी जाती है।
Warm Milk Benefits: स्टडी में भी मिले सकारात्मक संकेत-
साल 2015 में Journal of Medicinal Food में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, रात में दूध पीने से शरीर में शांत करने और चिंता कम करने वाले प्रभाव देखे गए। शोध के मुताबिक, दूध में मौजूद ट्रिप्टोफैन, मेलाटोनिन और केसिन प्रोटीन से बनने वाले पेप्टाइड्स शरीर और दिमाग को रिलैक्स करने में मदद कर सकते हैं। हालांकि, शोधकर्ताओं का कहना है कि यह अनिद्रा की दवा का विकल्प नहीं है, लेकिन बेहतर नींद में सहयोग कर सकता है।
रात का रूटीन भी निभाता है अहम भूमिका-
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर कोई व्यक्ति रोजाना सोने से पहले गुनगुना दूध पीने की आदत बनाता है, तो दिमाग इसे सोने के संकेत के रूप में पहचानने लगता है। इससे शरीर धीरे-धीरे आराम की स्थिति में आने लगता है। ठंड के मौसम में गुनगुना दूध शरीर को गर्माहट देकर तनाव कम करने में भी मदद कर सकता है।
हर व्यक्ति पर एक जैसा असर नहीं होता-
डॉ. श्रेय शर्मा के अनुसार, हर व्यक्ति का शरीर अलग तरह से काम करता है। कुछ लोगों को गुनगुना दूध पीने से जल्दी नींद आ सकती है, जबकि कुछ लोगों को इसका खास असर महसूस नहीं होता। यदि नींद की समस्या तनाव, एंग्जायटी, स्लीप एपनिया, हार्मोनल बदलाव या किसी अन्य बीमारी के कारण है, तो केवल दूध पीने से समस्या दूर नहीं होगी।
सोने से पहले कब और कैसे पिएं दूध-
विशेषज्ञों के मुताबिक, सोने से लगभग 30 से 60 मिनट पहले हल्का गुनगुना दूध पीना बेहतर माना जाता है। दूध में अधिक चीनी मिलाने से बचना चाहिए। स्वाद के लिए थोड़ी मात्रा में हल्दी या दालचीनी मिलाई जा सकती है, लेकिन इसका सेवन भी सीमित मात्रा में ही करना चाहिए।
किन लोगों को बरतनी चाहिए सावधानी-
लैक्टोज इनटॉलरेंस से पीड़ित लोगों को दूध पीने के बाद गैस, पेट दर्द या दस्त जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे लोगों के लिए रात में दूध पीना फायदेमंद नहीं हो सकता। वहीं, डायबिटीज या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे लोगों को डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह के बाद ही इसे अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए।
बेहतर नींद के लिए इन आदतों को भी अपनाएं-
डॉ. श्रेय शर्मा का कहना है कि सिर्फ गुनगुना दूध पीना ही पर्याप्त नहीं है। अच्छी नींद के लिए रोजाना एक तय समय पर सोने और जागने की आदत बनाएं। सोने से कम से कम एक घंटा पहले मोबाइल, लैपटॉप और टीवी की स्क्रीन से दूरी रखें। शाम के समय चाय, कॉफी और कैफीन वाले पेय कम लें। साथ ही नियमित एक्सरसाइज और मेडिटेशन को भी अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।
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