Assam Flood Relief: असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा ने सोमवार को डिब्रूगढ़ स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान बाढ़ प्रभावित परिवारों को बड़ी राहत दी। उन्होंने शिवसागर, चराईदेव, जोरहाट और गोलाघाट जिलों के करीब 75,000 बाढ़ प्रभावित परिवारों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से लगभग 112 करोड़ रुपये की अंतरिम बाढ़ राहत राशि भेजी।
हर परिवार को मिलेंगे 15 हजार रुपये
इस योजना के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को 15,000 रुपये की अंतरिम आर्थिक सहायता दी जाएगी, ताकि वे बाढ़ के बाद अपनी जरूरी जरूरतों को पूरा कर सकें। कार्यक्रम में राज्य के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री केशव महंत भी मौजूद रहे। यह सहायता हाल की बाढ़ से प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत पहुंचाने के उद्देश्य से दी गई है।मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर बताया कि बाढ़ प्रभावित जिलों के परिवारों के लिए अंतरिम बाढ़ सहायता की पहली किस्त आधिकारिक रूप से जारी कर दी गई है।
राहत और पुनर्वास कार्यों में आई तेजी
इससे पहले 1 अगस्त को मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा था कि राज्य सरकार ने बाढ़ राहत कार्यों को और तेज कर दिया है। उन्होंने बताया कि राहत वितरण केंद्रों की संख्या बढ़ाकर 1,811 कर दी गई है। सरकार लगातार प्रभावित इलाकों में राहत पहुंचाने, लोगों के पुनर्वास और सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर बाढ़ की स्थिति साझा करते हुए कहा था कि राज्यभर में राहत अभियान का विस्तार किया जा रहा है, ताकि हर प्रभावित परिवार तक जल्द से जल्द सहायता पहुंचाई जा सके।
25 जिलों में बाढ़ का असर
29 अप्रैल से 31 जुलाई तक जारी आधिकारिक बाढ़ बुलेटिन के अनुसार, असम के 25 जिलों, 77 राजस्व सर्किलों और 2,251 गांवों में बाढ़ का असर देखा गया। इस दौरान 11.45 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए।सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 218 राहत शिविरों में 71,889 विस्थापित लोग रह रहे थे। वहीं, प्रभावित लोगों तक भोजन, पीने का पानी और अन्य जरूरी सामान पहुंचाने के लिए राज्य सरकार ने 1,811 राहत वितरण केंद्र स्थापित किए हैं।








