Sagar: मध्य प्रदेश के सागर में आजाद समाज पार्टी के नेता दामोदर सिंह यादव की सभा को लेकर विवाद गहरा गया है। एक तरफ दामोदर यादव का कार्यक्रम है, तो दूसरी तरफ करणी सेना से जुड़े ओकेंद्र राणा के सागर पहुंचने के ऐलान ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी। दोनों पक्षों के बीच सोशल मीडिया और सार्वजनिक बयानों के जरिए चल रही जुबानी जंग के बाद पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई है। इससे पहले भी ओकेंद्र राणा को सागर में प्रवेश से रोके जाने की खबर सामने आ चुकी है।
विवाद की शुरुआत कैसे हुई?
पूरे विवाद की शुरुआत दामोदर यादव के करणी सेना को लेकर दिए गए कथित आपत्तिजनक बयान से हुई। अगस्त में सामने आए एक वीडियो में उन्होंने करणी सेना के लिए बेहद तीखी भाषा का इस्तेमाल किया था। रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने संगठन के कार्यकर्ताओं को लेकर गंभीर टिप्पणी करते हुए उन्हें गहरे गड्ढे में गाड़ने की बात तक कही थी। इसके बाद करणी सेना और सर्व समाज से जुड़े लोगों ने उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई।
Sagar: ओकेंद्र राणा ने दी सागर आने की चुनौती
दामोदर यादव के बयान के जवाब में करणी सेना से जुड़े ओकेंद्र राणा ने सोशल मीडिया के जरिए प्रतिक्रिया दी। दोनों तरफ से वीडियो और बयान सामने आने के बाद विवाद और बढ़ गया। राणा की ओर से दामोदर यादव को सागर में आमने-सामने आकर बातचीत करने की चुनौती दी गई और सागर पहुंचने का ऐलान किया गया। इसके बाद प्रशासन के सामने संभावित टकराव को रोकने की चुनौती खड़ी हो गई।
सागर पहुंचने पर पुलिस ने रोका काफिला
ओकेंद्र राणा के सागर पहुंचने की कोशिश के दौरान पुलिस की कार्रवाई भी सामने आई। राणा को सागर में प्रवेश से रोका गया। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद करणी सेना और पुलिस के बीच विवाद की स्थिति बनी। सोशल मीडिया पर भी इस पूरे घटनाक्रम को लेकर कई वीडियो और दावे वायरल हुए, हालांकि वायरल दावों और आधिकारिक तौर पर पुष्ट तथ्यों में अंतर हो सकता है।
Sagar: सभा से पहले पुलिस क्यों हुई अलर्ट?
दामोदर यादव के कार्यक्रम और ओकेंद्र राणा के विरोध के ऐलान के बीच प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती कानून-व्यवस्था बनाए रखना है। दोनों पक्षों के समर्थकों के एक ही जगह जुटने की संभावना को देखते हुए पुलिस की तैनाती बढ़ाई गई। इससे पहले भी दोनों नेताओं के बीच आमने-सामने आने की चुनौती को लेकर विवाद सामने आ चुका है। ऐसे में प्रशासन का फोकस किसी भी संभावित टकराव को रोकने और कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने पर है।
फिलहाल सागर का यह विवाद केवल दो नेताओं की बयानबाजी तक सीमित नहीं है। एक तरफ दामोदर यादव के पुराने बयानों को लेकर विरोध है, तो दूसरी तरफ ओकेंद्र राणा के सागर पहुंचने और पुलिस द्वारा रोके जाने ने मामले को और तूल दिया है। अब प्रशासन के सामने चुनौती है कि दोनों पक्षों के कार्यक्रम और विरोध के बीच शहर में कानून-व्यवस्था बनी रहे।
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