Duleep Trophy 2026: क्या अर्शदीप सिंह दिलीप ट्रॉफी में चमका पाएंगे अपनी किस्मत?

 Duleep Trophy 2026:

Duleep Trophy 2026: भारत के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह को अपनी गेंदबाजी को और निखारने के लिए सुनहरा मौका मिला है। अर्शदीप सिंह 23 अगस्त से शुरू होने वाली दिलीप ट्रॉफी में नॉर्थ ज़ोन की टीम के साथ खेलेंगे। वहीं, इस टीम की कप्तानी की बात करें तो टीम की कमान विकेटकीपर कन्हैया वाधवन को सौंपी गई है।

अर्शदीप सिंह करियर स्टेट्स-
 गेंदबाजी-
फॉर्मेटमैचपारीगेंदरनविकेटसर्वश्रेष्ठ प्रदर्शनऔसतइकॉनमीस्ट्राइक रेट4 विकेट5 विकेट
वनडे1817825755305/3725.165.4927.511
टी20I91891,9032,7151355/5120.118.5614.021
फर्स्ट क्लास22383,8602,056676/4030.683.1957.612
लिस्ट-ए48462,2962,004835/3424.145.2327.643
टी202152124,5386,5832785/3223.678.7016.352
ल्लेबाजी-
फॉर्मेटमैचपारीनाबादरनसर्वोच्च स्कोरऔसतगेंदस्ट्राइक रेटशतकअर्धशतकचौकेछक्केकैच
वनडे1812374188.2262119.3500735
टी20I913316103126.0510499.03009321
फर्स्ट क्लास223292623611.3933578.200025168
लिस्ट-ए482271594910.60144110.410013812
टी20215532917623*7.3317898.870016549
Duleep Trophy 2026: अंशुल कंबोज को मिली टीम में जगह-

लंबे समय से भारतीय टेस्ट टीम से बाहर चल रहे अंशुल कंबोज को भी नॉर्थ ज़ोन की टीम में शामिल किया गया है। अंशुल कंबोज के आंकड़ों पर नज़र डालें तो देखा जा सकता है कि साल 2024 में हरियाणा की ओर से खेलते हुए इस खिलाड़ी ने केरल के खिलाफ रणजी ट्रॉफी में 10 विकेट (10/49) लेकर इतिहास रचा था। चयनकर्ताओं का मानना है कि कंबोज के अंदर अच्छी गेंदबाजी करने की क्षमता है। बस उन्हें मौके की ज़रूरत है।

Duleep Trophy 2026: आयुष बडोनी बने उपकप्तान-

नॉर्थ ज़ोन टीम की कप्तानी की कमान कन्हैया वाधवन के पास है। वहीं, टीम के उपकप्तान की जिम्मेदारी 26 वर्षीय आयुष बडोनी निभाएंगे। जानकारी के अनुसार, आयुष बडोनी ने दिलीप ट्रॉफी में कभी कप्तानी नहीं की है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प रहेगा कि वह इस जिम्मेदारी को कैसे निभाते हैं और टीम का नेतृत्व किस तरह करते हैं।

दलीप ट्रॉफी के लिए नॉर्थ जोन की टीम-

कन्हैया वधावन(कप्तान), आयुष बदोनी (उपकप्तान), सनत सांगवान, कामरान इकबाल, यश ढुल, आयुष दोसेजा, अब्दुल समद, निशांत सिंधू, अर्जुन शर्मा, आबिद मुश्ताक, अर्शदीप सिंह, सुनील कुमार, अंशुल कंबोज, युधवीर सिंह और निखिल कश्यप

यह भी पढ़े- Chemsex क्या है? NCB ने युवाओं के लिए जारी किया अलर्ट, जानें क्यों है यह खतरनाक ट्रेंड

Chemsex क्या है? NCB ने युवाओं के लिए जारी किया अलर्ट, जानें क्यों है यह खतरनाक ट्रेंड

Chemsex Side Effects:

Chemsex Side Effects: नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने Chemsex के बढ़ते चलन को लेकर पब्लिक एडवाइजरी जारी की है। एजेंसी ने माता-पिता, शिक्षकों और युवाओं से सतर्क रहने की अपील की है। NCB के अनुसार, यह ट्रेंड तेजी से युवाओं के बीच फैल रहा है और इसके कारण नशे की लत, मानसिक समस्याएं तथा शारीरिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है। VNA हॉस्पिटल, दिल्ली के सीनियर कंसल्टेंट (यूरोलॉजी एवं एंड्रोलॉजी) डॉ. विनीत मल्होत्रा के मुताबिक, Chemsex में इस्तेमाल होने वाले ड्रग्स सीधे दिमाग पर असर डालते हैं, जिससे व्यक्ति की निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित होती है। इससे ओवरडोज, दुर्घटना, असुरक्षित यौन संबंध और मृत्यु तक का खतरा बढ़ सकता है।

Chemsex Side Effects: Chemsex क्या है-

केमसेक्स ऐसी स्थिति है, जिसमें यौन गतिविधियों के दौरान या उससे पहले नशीले पदार्थों का इस्तेमाल किया जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह आदत धीरे-धीरे गंभीर लत का रूप ले सकती है और कई स्वास्थ्य संबंधी जोखिम पैदा कर सकती है।

Chemsex Side Effects: Chemsex में किन ड्रग्स का इस्तेमाल होता है-

NCB और विशेषज्ञों के अनुसार, Chemsex में मुख्य रूप से इन ड्रग्स का इस्तेमाल किया जाता है:

क्रिस्टल मेथामफेटामाइन (Crystal Methamphetamine)

गामा हाइड्रॉक्सीब्यूटिरेट (GHB)

गामा ब्यूटिरोलैक्टोन (GBL)

मेफेड्रोन (Mephedrone)

अन्य सिंथेटिक स्टिमुलेंट्स और नशीले पदार्थ

ड्रग्स के इस्तेमाल से क्या हो सकते हैं खतरे-

विशेषज्ञों का कहना है कि बार-बार ड्रग्स लेने से व्यक्ति इसकी लत का शिकार हो सकता है। कई बार ज्यादा असर के लिए एक से अधिक ड्रग्स लेने से ओवरडोज का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

ये लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें-

आंखों की पुतलियों का असामान्य रूप से बड़ा होना

आंखों का लाल होना

अत्यधिक बेचैनी

बिना वजह गुस्सा आना

भ्रम की स्थिति

हाथ कांपना

लंबे समय तक नींद न आना

खाने और सोने की आदतों में अचानक बदलाव

स्टडी में क्या सामने आया-

Current Neuropharmacology में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, Chemsex किसी एक समुदाय तक सीमित नहीं है और इसे सार्वजनिक स्वास्थ्य की गंभीर समस्या माना जा रहा है। इसके कारण HIV, हेपेटाइटिस-सी, अन्य यौन संचारित संक्रमण (STI), चोट और असुरक्षित यौन संबंधों का खतरा बढ़ सकता है।

ओवरडोज के क्या हो सकते हैं परिणाम-

विशेषज्ञों के अनुसार, एक साथ कई ड्रग्स लेने (Polydrug Use) से शरीर पर गंभीर असर पड़ सकता है। GHB और GBL जैसी ड्रग्स के ओवरडोज से:

सांस लेने में दिक्कत

अचानक बेहोशी

हार्ट बीट असामान्य होना

ब्लड प्रेशर में तेज उतार-चढ़ाव

कोमा

मृत्यु तक का खतरा

मेंटल हेल्थ पर भी पड़ता है असर-

लगातार ड्रग्स के सेवन से:

एंग्जायटी

डिप्रेशन

पैनिक अटैक

भ्रम

चिड़चिड़ापन

आत्महत्या के विचार जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

डॉक्टर की सलाह-

डॉ. विनीत मल्होत्रा का कहना है कि यौन जीवन को बेहतर बनाने के लिए किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थ का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। यदि किसी को नशे या यौन संचारित संक्रमण से जुड़ी समस्या हो, तो सामाजिक शर्म या डर की वजह से इलाज टालने के बजाय जल्द से जल्द विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए

यह भी पढ़े- 30 साल बाद टूटा बीजेपी का बांकीपुर किला, प्रशांत किशोर की ऐतिहासिक जीत के पीछे रहे ये 6 बड़े कारण

30 साल बाद टूटा बीजेपी का बांकीपुर किला, प्रशांत किशोर की ऐतिहासिक जीत के पीछे रहे ये 6 बड़े कारण

 Bankipur By Election Result:

Bankipur By Election Result: बिहार की राजनीति में सोमवार का दिन बड़े राजनीतिक बदलाव का गवाह बना। बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जन सुराज के प्रमुख प्रशांत किशोर ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 30 साल पुराने गढ़ को ध्वस्त कर ऐतिहासिक जीत दर्ज की। यह सीट 1995 से लगातार भाजपा के कब्जे में थी। पहले … Read more

यूपी में खेलों को मिलेगा नया आयाम, हर जिले में ‘एक जनपद-एक खेल’ और हर तहसील में बनेंगे मिनी स्टेडियम

 Yogi Sports Initiative:

Yogi Sports Initiative: उत्तर प्रदेश सरकार राज्य में खेल संस्कृति को मजबूत बनाने के लिए बड़े स्तर पर काम कर रही है। सरकार का लक्ष्य गांव से लेकर विद्यालयों तक खेलों को बढ़ावा देना और युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसी दिशा में प्रत्येक जिले में ‘एक जनपद-एक खेल’ योजना और प्रत्येक … Read more

वायु प्रदूषण को कम करने के लिए NCR ने जारी की “NO PUCC, NO FUEL” नीति

NCR New Policy:

NCR New Policy: देशभर के वाहन चालकों के लिए अहम खबर है। सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) ने वायु प्रदूषण को कम करने और उसे नियंत्रित करने की दिशा में अहम कदम उठाया है। बता दें कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) ने अक्टूबर में लागू होने वाली “NO PUCC, NO FUEL” नीति की तैयारी तेज कर दी है।

NCR New Policy: क्या है “NO PUCC, NO FUEL” नीति-

इस नीति के तहत राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) ने पेट्रोल पंपों पर ANPR कैमरे लगाने का फैसला लिया है। इस योजना के तहत गुरुग्राम में 300 से अधिक पेट्रोल पंपों पर ANPR कैमरे लगाने की तैयारी की जा रही है।

NCR New Policy: एनसीआर के सभी पेट्रोल पंपों पर लगेंगे ANPR कैमरे-

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने नई व्यवस्था के तहत एनसीआर के सभी पेट्रोल पंपों पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरे लगाने का निर्देश जारी किया है। आयोग का लक्ष्य 30 सितंबर तक क्षेत्र के सभी 2,780 पेट्रोल पंपों को इस सिस्टम से जोड़ना है।

गुरुग्राम, फरीदाबाद समेत 4 जिलों में लगेंगे ANPR कैमरे-

“NO PUCC, NO FUEL” नीति के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) अगस्त के पहले चरण के दौरान गुरुग्राम, फरीदाबाद, झज्जर और सोनीपत जिलों के कुल 775 पेट्रोल पंपों पर ANPR कैमरे लगाएगा।

कैसे काम करेंगे ANPR कैमरे-

गुरुग्राम, फरीदाबाद, झज्जर और सोनीपत जिलों के कुल 775 पेट्रोल पंपों पर ANPR कैमरे लगाए जाएंगे। ANPR तकनीक के तहत ये कैमरे पेट्रोल पंप पर आने वाले वाहनों की नंबर प्लेट को स्वचालित रूप से स्कैन करेंगे। इसके बाद सिस्टम वाहन की PUCC (Pollution Under Control Certificate) की वैधता की जांच करेगा। यदि किसी वाहन की PUCC नहीं बनी है या उसकी वैधता समाप्त हो चुकी है, तो उस वाहन चालक को पेट्रोल नहीं दिया जाएगा

यह भी पढ़े- MP में 9 साल बाद होंगे छात्रसंघ चुनाव, सितंबर में कराएगी सरकार

MP में 9 साल बाद होंगे छात्रसंघ चुनाव, सितंबर में कराएगी सरकार

MP Student Election:

MP Student Election: मध्य प्रदेश में करीब 9 साल बाद छात्रसंघ चुनाव का रास्ता साफ हो गया है। 2017 के बाद से छात्रसंघ चुनाव नहीं हुए थे। अब हाईकोर्ट की सख्ती के बाद राज्य सरकार ने कोर्ट को बताया है कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 में सितंबर के दौरान छात्रसंघ चुनाव कराए जाएंगे। सरकार के इस … Read more

IBS जीवनभर रहने वाली बीमारी है या ठीक हो सकती है? गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट से जानें सच

IBS Lifelong Condition:

IBS Lifelong Condition: इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (IBS) पाचन तंत्र से जुड़ी एक सामान्य लेकिन लंबे समय तक रहने वाली समस्या है। इसमें पेट दर्द, गैस, ब्लोटिंग, कब्ज या दस्त जैसे लक्षण बार-बार हो सकते हैं। हालांकि, सही इलाज, संतुलित आहार और लाइफस्टाइल में बदलाव से इसके लक्षणों को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

IBS Lifelong Condition: क्या IBS पूरी तरह ठीक हो सकता है-

आकाश हेल्थकेयर के गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी, हेपेटोलॉजी एवं थेराप्यूटिक एंडोस्कोपी विभाग के सीनियर कंसल्टेंट और डायरेक्टर डॉ. शरद मल्होत्रा के अनुसार, IBS एक क्रॉनिक स्थिति हो सकती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि मरीज हमेशा परेशान रहेगा। सही डाइट, तनाव नियंत्रण और डॉक्टर की सलाह से इसके लक्षणों को प्रभावी ढंग से मैनेज किया जा सकता है। कई लोगों में समय के साथ लक्षण कम भी हो जाते हैं।

IBS Lifelong Condition: क्या IBS जानलेवा है-

साल 2020 में The American Journal of Gastroenterology में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, IBS से मृत्यु का जोखिम नहीं बढ़ता। यह बीमारी जानलेवा नहीं मानी जाती, हालांकि इसके लक्षण मरीज के जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकते हैं।

IBS के लक्षण किन कारणों से बढ़ सकते हैं-

डॉ. शरद मल्होत्रा के अनुसार, निम्न कारण IBS को ट्रिगर कर सकते हैं:

तला-भुना और अधिक फैट वाला भोजन

हाई-FODMAP फूड्स

बहुत मसालेदार खाना

अनियमित खानपान

तनाव और चिंता

पर्याप्त नींद न लेना

हर मरीज में ट्रिगर अलग-अलग हो सकते हैं, इसलिए अपने शरीर की प्रतिक्रिया को समझना जरूरी है।

क्या IBS से कैंसर का खतरा बढ़ता है-

साल 2022 में The American Journal of Gastroenterology में प्रकाशित रिसर्च के अनुसार, IBS से कैंसर का खतरा नहीं बढ़ता। अध्ययन में यह भी पाया गया कि IBS मरीजों में पाचन तंत्र के कैंसर का जोखिम सामान्य आबादी की तुलना में अधिक नहीं था।

IBS को कंट्रोल करने के आसान तरीके-

1. संतुलित आहार अपनाएं-

ऐसे खाद्य पदार्थों की पहचान करें जो लक्षण बढ़ाते हैं। फूड डायरी बनाना और जरूरत पड़ने पर डाइटीशियन की सलाह लेना फायदेमंद हो सकता है।

2. तनाव कम करें-

योग, मेडिटेशन और नियमित व्यायाम तनाव कम करने में मदद करते हैं, जिससे IBS के लक्षण भी नियंत्रित हो सकते हैं।

3. नियमित दिनचर्या रखें-

समय पर भोजन करें, पर्याप्त नींद लें और रोजाना शारीरिक गतिविधि करें। इससे पाचन तंत्र बेहतर तरीके से काम करता है

यह भी पढ़े- लोकसभा में पास हुआ सुप्रीम कोर्ट संशोधन बिल, अब CJI समेत होंगे 38 जज

लोकसभा में पास हुआ सुप्रीम कोर्ट संशोधन बिल, अब CJI समेत होंगे 38 जज

SC Amendment Bill:

SC Amendment Bill: लोकसभा ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट संशोधन बिल 2026 को बिना किसी बहस के ध्वनिमत से पारित कर दिया। इस विधेयक के लागू होने के बाद भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सहित सुप्रीम कोर्ट में जजों की कुल संख्या 34 से बढ़कर 38 हो जाएगी। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने … Read more

गुजरात के मांजलपुर में बीजेपी की बड़ी जीत, सतेंद्रभाई पटेल ने कांग्रेस को 30,630 वोटों से हराया

Manjalpur Bypoll:

Manjalpur Bypoll: गुजरात की मांजलपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने एक बार फिर शानदार जीत दर्ज की है। बीजेपी उम्मीदवार सतेंद्रभाई (सतीश) पटेल ने कांग्रेस के भीखाभाई रबारी को 30,630 वोटों के बड़े अंतर से हराया। सतेंद्रभाई पटेल को 55,481 वोट मिले, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार को 24,851 वोट प्राप्त … Read more

नीट यूजी काउंसलिंग रजिस्ट्रेशन कल से शुरू, उम्मीदवार आवश्यक दस्तावेजों का रखें ध्यान

MCC Counselling 2026:

MCC Counselling 2026: मेडिकल काउंसलिंग कमिटी (MCC) ने NEET UG Counselling 2026 का शेड्यूल जारी कर दिया है। ऑल इंडिया कोटा (AIQ) की सीटों, डीम्ड यूनिवर्सिटी, सेंट्रल यूनिवर्सिटी में MBBS, BDS, B.Sc (Nursing) समेत अन्य पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए 4 अगस्त से रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। ऐसे में उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे समय रहते रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी कर लें। उम्मीदवारों की जानकारी के लिए बता दें कि काउंसलिंग प्रक्रिया का आयोजन चार राउंड में किया जाएगा।

MCC Counselling 2026: क्या है काउंसलिंग शेड्यूल-

एमसीसी ने NEET UG काउंसलिंग का शेड्यूल जारी कर दिया है। सूत्रों के अनुसार, काउंसलिंग कुल चार चरणों में होगी। सभी चरणों का शेड्यूल डेट-वाइज यहां से चेक कर सकते हैं और उसी के अनुसार काउंसलिंग में भाग लेकर एडमिशन प्राप्त कर सकते हैं।

चरणAIQ/डीम्ड एवं केंद्रीय यूनिवर्सिटी (MCC)राज्य काउंसलिंग
प्रथम चरण (Round 1)4 अगस्त – 17 अगस्त 202613 अगस्त – 22 अगस्त 2026
प्रथम चरण जॉइनिंग की अंतिम तिथि22 अगस्त 202628 अगस्त 2026
द्वितीय चरण (Round 2)24 अगस्त – 2 सितंबर 202631 अगस्त – 8 सितंबर 2026
द्वितीय चरण जॉइनिंग की अंतिम तिथि8 सितंबर 202614 सितंबर 2026
तृतीय चरण (Round 3)10 सितंबर – 18 सितंबर 202616 सितंबर – 26 सितंबर 2026
तृतीय चरण जॉइनिंग की अंतिम तिथि26 सितंबर 20261 अक्टूबर 2026
स्ट्रे वैकेंसी राउंड28 सितंबर – 3 अक्टूबर 20263 अक्टूबर – 5 अक्टूबर 2026
स्ट्रे वैकेंसी जॉइनिंग की अंतिम तिथि10 अक्टूबर 202610 अक्टूबर 2026
UG शैक्षणिक सत्र प्रारंभ8 सितंबर 20268 सितंबर 2026
MCC Counselling 2026: उम्मीदवार इन दस्तावेजों का रखें विशेष ध्यान-

जो उम्मीदवार एडमिशन लेने की योजना बना रहे हैं, वे जरूरी दस्तावेज जैसे NEET स्कोरकार्ड, NEET परीक्षा का एडमिट कार्ड, 10वीं का प्रमाण पत्र एवं मार्कशीट, 12वीं का प्रमाण पत्र एवं मार्कशीट, आईडी प्रूफ (आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस या पासपोर्ट), 8 पासपोर्ट साइज फोटो, प्रोविजनल अलॉटमेंट लेटर, जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो), निवास प्रमाण पत्र तथा दिव्यांग प्रमाण पत्र (यदि लागू हो) आदि दस्तावेज पहले से तैयार कर लें, ताकि एडमिशन लेने में किसी प्रकार की समस्या न आए

यह भी पढ़े- NEET Protest: छात्रों पर नहीं होगी FIR, 2700 आरोपियों पर कार्रवाई जारी; सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस को भी दी चेतावनी