Vinesh Phogat: दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों के मामले में भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह को बरी कर दिया। अदालत के इस फैसले के बाद पहलवान विनेश फोगाट ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए निराशा जताई।
विनेश फोगाट ने सोशल मीडिया पर क्या कहा?
विनेश फोगाट ने अपने पोस्ट में लिखा कि महिला पहलवानों को सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करना पड़ा और सत्ताधारी पार्टी के एक प्रभावशाली नेता के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए काफी हिम्मत जुटानी पड़ी।उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता और प्रभाव के दम पर बृजभूषण शरण सिंह ने कई लड़कियों को डराकर अपने आरोप वापस लेने के लिए मजबूर किया। हालांकि, उन्होंने कहा कि कई महिला पहलवान आखिर तक डटी रहीं और अदालत में लगातार कानूनी लड़ाई लड़ती रहीं।विनेश ने लिखा कि उन्हें इस बात का बेहद दुख है कि अदालत ने महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन हिंसा के आरोपों में बृजभूषण शरण सिंह को दोषी नहीं माना।
— Vinesh Phogat (@Phogat_Vinesh) August 3, 2026
फैसले के खिलाफ अपील की तैयारी
अपने पोस्ट में विनेश फोगाट ने आगे कहा कि शुरुआत से ही पूरा सिस्टम, सरकार और प्रशासन बृजभूषण शरण सिंह को बचाने में लगा हुआ था।उन्होंने बताया कि महिला पहलवानों ने अपने वकीलों को अदालत के इस फैसले के खिलाफ अपील करने का निर्देश दे दिया है और जल्द ही उच्च अदालत में चुनौती दी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने उम्मीद नहीं छोड़ी है और अपनी लड़ाई आगे भी जारी रखेंगी।सोमवार सुबह फैसला आने से पहले बृजभूषण शरण सिंह दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट पहुंचे थे। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, “जो कोर्ट कहेगा वही होगा, अभी हम कुछ नहीं कहेंगे।”
सह-आरोपी विनोद तोमर भी बरी
सुनवाई के दौरान अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) अश्विनी पंवार ने बृजभूषण शरण सिंह को सभी आरोपों से बरी करने का फैसला सुनाया। इस मामले में सह-आरोपी और भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व सहायक सचिव विनोद तोमर को भी अदालत ने बरी कर दिया।इससे पहले 2 जुलाई को अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला छह महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों से जुड़ा है। जनवरी 2023 में, जब नए संसद भवन का उद्घाटन हो रहा था, उसी दौरान कुछ किलोमीटर दूर ओलंपिक पदक विजेता साक्षी मलिक, बजरंग पुनिया और विनेश फोगाट समेत कई पहलवानों ने विरोध प्रदर्शन किया था।पहलवानों ने बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न और अपने पद के दुरुपयोग के आरोप लगाए थे। शिकायतों के आधार पर दिल्ली पुलिस ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। एफआईआर में बृजभूषण शरण सिंह के साथ भारतीय कुश्ती संघ के तत्कालीन सहायक सचिव विनोद तोमर का नाम भी शामिल था।
चार्जशीट और मुकदमे की कार्रवाई
दिल्ली पुलिस ने जून 2023 में बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ विभिन्न धाराओं में चार्जशीट दाखिल की थी। इसके बाद मई 2024 में ट्रायल कोर्ट ने पांच महिला पहलवानों से जुड़े मामलों में उनके खिलाफ यौन उत्पीड़न और महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के आरोप तय किए थे।इस मामले में एक नाबालिग महिला पहलवान ने भी बृजभूषण शरण सिंह पर आरोप लगाए थे। हालांकि, बाद में उसने अपनी शिकायत वापस ले ली। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज मामले में कैंसिलेशन रिपोर्ट दाखिल कर दी, जिसे स्वीकार किए जाने के बाद वह मामला बंद हो गया।
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