Prashant Kishor Statement: बांकीपुर उपचुनाव में जीत के बाद जन सुराज के संस्थापक और नवनिर्वाचित विधायक प्रशांत किशोर ने कहा कि यह सिर्फ उनकी जीत नहीं, बल्कि बिहार की जनता का संदेश है। उन्होंने दावा किया कि मतदाता अब केवल बड़े नेताओं के चेहरे या पुराने राजनीतिक समीकरणों के आधार पर वोट नहीं देंगे।
Prashant Kishor Statement: ‘सम्राट चौधरी या तेजस्वी यादव, किसी से समझौता नहीं’-
प्रशांत किशोर ने साफ कहा कि अगर राजनीतिक परिस्थितियां ऐसी बनती हैं कि उन्हें सम्राट चौधरी या तेजस्वी यादव में से किसी एक के साथ जाना पड़े, तो वह ऐसा नहीं करेंगे। उन्होंने कहा, “अगर यही करना होता तो पहले ही उनके साथ चले गए होते।”
Prashant Kishor Statement: ‘हार मंजूर, लेकिन सिद्धांतों से समझौता नहीं’-
उन्होंने कहा कि उनकी राजनीति का उद्देश्य सिर्फ सत्ता हासिल करना नहीं है। उनका कहना था, “हार मंजूर है, जन सुराज बंद करना भी मंजूर है, लेकिन राजनीतिक समझौता नहीं करेंगे।”
बीजेपी को भी दी नसीहत-
प्रशांत किशोर ने कहा कि किसी भी दल को यह नहीं मानना चाहिए कि सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे पर हर चुनाव जीता जा सकता है। उन्होंने कहा कि स्थानीय मुद्दे और उम्मीदवार अब मतदाताओं के लिए ज्यादा अहम होते जा रहे हैं।
जनता को कमतर आंकने पर दी चेतावनी-
उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए कुछ बयानों का जिक्र करते हुए कहा कि जब यह संदेश जाता है कि किसी को भी उम्मीदवार बनाकर चुनाव जीता जा सकता है, तो इससे जनता के स्वाभिमान को ठेस पहुंचती है। लोकतंत्र में मतदाताओं को हल्के में लेने का खामियाजा राजनीतिक दलों को भुगतना पड़ता है।
बांकीपुर के विकास का रखा रोडमैप-
जीत के बाद प्रशांत किशोर ने कहा कि विधायक से जुड़े किसी भी काम में भ्रष्टाचार नहीं होने देंगे। उन्होंने क्षेत्र के विकास के लिए विस्तृत ब्लूप्रिंट तैयार करने और सरकारी स्कूलों की व्यवस्था में एक साल के भीतर सुधार लाने का वादा किया। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर गरीब बच्चों की निजी अंग्रेजी स्कूलों में पढ़ाई का खर्च उठाने की व्यवस्था की जाएगी।
जातीय राजनीति से ऊपर उठने का दावा-
प्रशांत किशोर ने कहा कि बांकीपुर में उन्हें सभी वर्गों और जातियों का समर्थन मिला। उनके मुताबिक, अगर जनता के सामने बेहतर उम्मीदवार और मजबूत मुद्दे हों तो मतदाता जातीय समीकरणों से ऊपर उठकर भी मतदान करते हैं।
शिक्षा, रोजगार और पलायन होंगे प्रमुख मुद्दे-
उन्होंने कहा कि उनकी राजनीति का उद्देश्य सत्ता पक्ष या विपक्ष का चेहरा बनना नहीं, बल्कि आम लोगों की आवाज बनना है। शिक्षा, रोजगार, पलायन रोकना और बिहार का विकास उनकी राजनीति के प्रमुख मुद्दे रहेंगे। अब बांकीपुर की जीत के बाद इन वादों को जमीन पर उतारना उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती होगी।
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