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ACL चोट से कॉमनवेल्थ गोल्ड तक, जूडो चैंपियन की प्रेरणादायक कहानी

 Harsh Singh:

Harsh Singh: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के जूडो खिलाड़ी हर्ष सिंह ने 60 किलोग्राम वर्ग में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। वह कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में जूडो में गोल्ड जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बने। दैनिक जागरण को दिए एक विशेष इंटरव्यू में हर्ष ने अपनी संघर्ष और सफलता की कहानी साझा की।

Harsh Singh: गोल्ड जीतकर भावुक हुए हर्ष सिंह-

हर्ष सिंह ने बताया कि यह उनके करियर का पहला अंतरराष्ट्रीय पदक है। फाइनल जीतने के बाद जब वह पोडियम पर पहुंचे और राष्ट्रगान बजा, तो वह पल उनके लिए बेहद भावुक और यादगार बन गया। उन्होंने इस सफलता का श्रेय इंडियन आर्मी, अपने कोच, परिवार और दोस्तों को दिया।

Harsh Singh: निशांत सिंह की सलाह बनी जीत की कुंजी-

हर्ष ने बताया कि कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले वह काफी नर्वस थे। ऐसे समय में निशांत सिंह ने उनका आत्मविश्वास बढ़ाया और अपनी तकनीक पर भरोसा रखने की सलाह दी। यही सलाह फाइनल मुकाबले में उनके लिए निर्णायक साबित हुई।

ऑस्ट्रेलियाई ओलंपियन को हराकर जीता गोल्ड-

फाइनल मुकाबले में हर्ष सिंह का सामना ऑस्ट्रेलिया के ओलंपियन जोशुआ काट्ज से हुआ। हर्ष ने बताया कि पहली ग्रिप बनाते ही उन्हें विश्वास हो गया था कि वह मुकाबला जीत सकते हैं। आत्मविश्वास और शानदार तकनीक के दम पर उन्होंने गोल्ड मेडल अपने नाम किया।

भारत लौटने पर मिला शानदार स्वागत-

हर्ष सिंह ने कहा कि भारत लौटने पर एयरपोर्ट पर मिला भव्य स्वागत उनकी उम्मीद से कहीं ज्यादा था। उन्होंने बताया कि गोल्ड मेडल जीतने के बाद देशवासियों का प्यार उनके लिए सबसे बड़ा सम्मान है।

अब एशियन गेम्स 2026 पर नजर-

हर्ष सिंह का अगला लक्ष्य एशियन गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल जीतना है। उन्होंने कहा कि जापान और कोरिया जैसे मजबूत खिलाड़ियों को ध्यान में रखते हुए वह अपनी तकनीक और ग्रिप पर खास मेहनत करेंगे।

8 साल की उम्र में शुरू किया था जूडो-

हर्ष ने बताया कि उन्होंने केवल 8 साल की उम्र में जूडो खेलना शुरू किया। शुरुआत में उन्हें जूडो की ड्रेस और ब्लैक बेल्ट ने आकर्षित किया। धीरे-धीरे यही रुचि उनके जुनून में बदल गई और उन्होंने इस खेल को अपना करियर बना लिया।

परिवार का मिला पूरा साथ-

हर्ष ने अपनी सफलता का सबसे बड़ा श्रेय परिवार को दिया। उन्होंने बताया कि उनके बड़े भाई हमेशा उन्हें अनुशासन में रहने और समय पर ट्रेनिंग करने के लिए प्रेरित करते हैं। माता-पिता ने भी हर कदम पर उनका साथ दिया।

ACL चोट के बाद की शानदार वापसी-

हर्ष सिंह ने बताया कि साल 2025 में उन्हें ACL की गंभीर चोट लगी थी, जिसके कारण वह करीब एक साल तक ट्रेनिंग से दूर रहे। लंबे समय तक बिस्तर पर रहने के बाद उन्होंने मेहनत से वापसी की और 2026 में कॉमनवेल्थ गेम्स का गोल्ड जीतकर शानदार कमबैक किया।

भारत में जूडो का बढ़ता क्रेज-

हर्ष का मानना है कि भारत में जूडो की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि उनके गोल्ड मेडल जीतने के अगले ही दिन कई अभिभावक अपने बच्चों का जूडो में दाखिला कराने पहुंचे, जो इस खेल के बढ़ते भविष्य का संकेत है

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