PM MODI SANDESH: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक संस्कृत सुभाषित साझा करते हुए निस्वार्थ सेवा और परोपकार का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि महान और उदार हृदय वाले लोग बिना किसी स्वार्थ या अपेक्षा के दूसरों का हित करते हैं, क्योंकि परोपकार उनके स्वभाव का हिस्सा होता है।
संस्कृत श्लोक के जरिए दिया संदेश
प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा- “किं चन्द्रमाः प्रत्युपकारलिप्सया करोति गोभिः कुमुदावबोधनम्। स्वभाव एवोन्नतचेतसां सतां परोपकारव्यसनं हि जीवितम्॥” इसका हिंदी अर्थ बताते हुए उन्होंने कहा कि जिस प्रकार चंद्रमा किसी प्रतिफल की इच्छा के बिना अपनी किरणों से कुमुदिनी को प्रकाशित करता है, उसी प्रकार उदार और श्रेष्ठ व्यक्ति बिना किसी अपेक्षा के दूसरों का भला करते हैं।
PM MODI SANDESH: लगातार साझा कर रहे हैं प्रेरक सुभाषित
प्रधानमंत्री इससे पहले भी लगातार संस्कृत श्लोकों के माध्यम से प्रेरक संदेश साझा कर रहे हैं। गुरुवार को उन्होंने मातृभूमि की सेवा का संदेश देते हुए पृथ्वी को कल्याणकारी और सुख-साधनों को देने वाली माता बताया था।
युवाओं और राष्ट्र निर्माण पर भी दिया था संदेश
बुधवार को प्रधानमंत्री ने आत्मिक विकास, सेवा, समर्पण और राष्ट्र निर्माण से जुड़ा संस्कृत श्लोक साझा किया था। वहीं मंगलवार को उन्होंने ज्ञान और निरंतर साधना के महत्व पर आधारित श्लोक पोस्ट कर युवाओं को आत्मविकास और कर्मयोग का संदेश दिया था।
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