Mayawati’s Statement: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने आरक्षण में क्रीमी लेयर को लेकर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के हालिया बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि आरक्षण में क्रीमी लेयर की बात करना न केवल अनुचित है, बल्कि यह बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर के मानवतावादी संविधान के उद्देश्यों के भी खिलाफ है।
एससी-एसटी और ओबीसी के लिए आरक्षण महत्वपूर्ण: मायावती
मायावती ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि एससी, एसटी और ओबीसी वर्गों के लिए आरक्षण सामाजिक परिवर्तन, आर्थिक मुक्ति और आत्मसम्मान से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है। उन्होंने कहा कि सदियों से जातिगत भेदभाव, शोषण और अन्याय का सामना करने वाले वर्गों के लिए आरक्षण की जरूरत आज भी बनी हुई है।
Mayawati’s Statement: क्रीमी लेयर की बात सामाजिक न्याय के खिलाफ
बसपा प्रमुख ने कहा कि ऐसे में आरक्षण में क्रीमी लेयर की बात करना सामाजिक न्याय की भावना के अनुरूप नहीं है। उन्होंने आरएसएस प्रमुख के उस कथित बयान पर भी आपत्ति जताई, जिसमें आरक्षण के राजनीतिकरण और इसके लाभार्थियों द्वारा स्वेच्छा से लाभ छोड़ने की बात कही गई थी।
आरक्षण को सिर्फ आर्थिक उन्नति से नहीं आंका जा सकता
मायावती ने कहा कि आरक्षण केवल आर्थिक उन्नति से जुड़ा विषय नहीं है, बल्कि यह सदियों से सामाजिक भेदभाव के शिकार लोगों को समानता और सम्मान का संवैधानिक अधिकार देने का माध्यम है। उन्होंने आरोप लगाया कि जातिगत भेदभाव आज भी समाज के विभिन्न स्तरों पर मौजूद है।
Mayawati’s Statement: एससी-एसटी को क्रीमी लेयर से बाहर रखने की पैरवी करे सरकार
उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार उचित तर्कों और प्रभावी कानूनी पैरवी के जरिए एससी और एसटी वर्ग को क्रीमी लेयर के दायरे से बाहर रखने का पक्ष अदालत के समक्ष रखती है तो यह उचित और संवैधानिक कदम होगा।
लचर कानूनी पैरवी पर भी उठाए सवाल
मायावती ने सरकारों की कानूनी पैरवी पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि कई बार लचर पैरवी के कारण सामाजिक न्याय से जुड़े मामलों में अपेक्षित परिणाम नहीं मिल पाते हैं। उन्होंने आरएसएस से आरक्षण के मुद्दे पर राजनीति छोड़ने और संविधान के सामाजिक न्याय संबंधी उद्देश्यों का सम्मान करने की अपील की।
Mayawati’s Statement: ‘समतामूलक समाज व्यवस्था’ की स्थापना पर जोर
बसपा सुप्रीमो ने कहा कि आरक्षण में किसी भी प्रकार के बदलाव की वकालत करने के बजाय देश में समतामूलक समाज व्यवस्था स्थापित करने के संवैधानिक लक्ष्य को मजबूत करने की दिशा में काम किया जाना चाहिए। उन्होंने इसे समय की जरूरत बताया।
ये भी पढ़े… भोपाल निवास पर तिरंगा फहराकर सीएम मोहन यादव ने शुरू किया ‘हर घर तिरंगा’ अभियान








