CJI Surya: भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने सोशल मीडिया पर अदालती कार्यवाही के वीडियो और छोटी क्लिप्स को बिना संदर्भ के साझा किए जाने पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि उनकी मौखिक टिप्पणी को संदर्भ से हटाकर पेश किया गया और ऐसी सामग्री के जरिए युवाओं को गुमराह करने की कोशिश की गई। उन्होंने मीडिया और आम नागरिकों से जिम्मेदार तरीके से न्यायिक कार्यवाही को प्रस्तुत करने की अपील की।
‘कॉकरोच’ टिप्पणी को लेकर दी सफाई
डीडी न्यूज से बातचीत में CJI सूर्यकांत ने अपनी उस टिप्पणी का जिक्र किया, जिसे सोशल मीडिया पर ‘कॉकरोच’ वाली टिप्पणी के तौर पर प्रसारित किया गया था। उन्होंने कहा कि अदालत में कही गई बात को अलग संदर्भ में पेश किया गया और ऐसी बातें भी उनके नाम से दिखाई गईं, जो उन्होंने कही ही नहीं थीं। यह विवाद 15 मई को सुप्रीम कोर्ट में एक मामले की सुनवाई के दौरान हुई टिप्पणी के बाद शुरू हुआ था। उस दौरान फर्जी डिग्री रखने वाले कुछ लोगों को लेकर की गई टिप्पणी पर सोशल मीडिया में काफी प्रतिक्रिया देखने को मिली थी। इसके बाद ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ नाम से एक ऑनलाइन अभियान भी शुरू हुआ था।
CJI Surya: युवाओं को गुमराह करने पर जताई चिंता
CJI ने कहा कि अदालती कार्यवाही की क्लिप्स को संदर्भ से हटाकर साझा करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने इसे युवाओं को गुमराह करने वाली कोशिश बताया। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी बातों का इस तरह अर्थ निकाले जाने की कभी कल्पना नहीं की थी। उन्होंने जिम्मेदार रिपोर्टिंग की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि सोशल मीडिया, प्रिंट मीडिया या किसी अन्य माध्यम से जानकारी साझा करने वाले हर व्यक्ति को अपने अधिकारों के साथ संवैधानिक जिम्मेदारियों का भी ध्यान रखना चाहिए।
अधिकारों के साथ जिम्मेदारियां भी जरूरी
CJI सूर्यकांत ने कहा कि अभिव्यक्ति और सूचना के अधिकार महत्वपूर्ण हैं, लेकिन इनके साथ जिम्मेदारी भी जुड़ी है। सभी लोगों को यह सुनिश्चित करने का प्रयास करना चाहिए कि समाज में सद्भाव बना रहे। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका में पारदर्शिता बढ़ाना जरूरी है, लेकिन पारदर्शिता का इस्तेमाल किसी के निजी या व्यावसायिक लाभ के लिए नहीं किया जाना चाहिए।
CJI Surya: लाइव स्ट्रीमिंग का गलत इस्तेमाल रोकने की अपील
CJI ने सुप्रीम कोर्ट की लाइव स्ट्रीमिंग का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया में पारदर्शिता के उद्देश्य से लाइव स्ट्रीमिंग शुरू की गई है, लेकिन इसका गलत इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से अदालती कार्यवाही की छोटी-छोटी क्लिप्स को निजी या व्यावसायिक फायदे के लिए संदर्भ से काटकर इस्तेमाल किए जाने पर चिंता जताई और जिम्मेदार उपयोग की जरूरत बताई।
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