Maharashtra SIR News: महाराष्ट्र में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि राज्य में करीब 9.70 करोड़ मतदाताओं में से लगभग 2 करोड़ नाम हटाए गए हैं। हालांकि, यह आंकड़ा रोहित पवार का दावा है और इसके समर्थन में उन्होंने कोई स्वतंत्र प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया है।
सत्यापन में डेटा नहीं मिलने पर नाम हटाने का दावा
पत्रकारों से बातचीत में रोहित पवार ने कहा कि सत्यापन के दौरान जिन मतदाताओं का डेटा उपलब्ध नहीं हो सका, उनके नाम प्रक्रिया में हटाए गए हैं। उन्होंने कहा कि मृत व्यक्तियों या दूसरी जगह स्थायी रूप से जा चुके लोगों के नाम हटाना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है, लेकिन वास्तविक मतदाताओं के नाम भी सूची से बाहर होने की आशंका बनी हुई है।
Maharashtra SIR News: SIR की पारदर्शिता पर उठाए सवाल
पवार ने SIR की प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर कई सवाल उठाए। उनके मुताबिक, उन्होंने संबंधित अधिकारियों से इस संबंध में जानकारी मांगी थी। कुछ सवालों के जवाब मिले, लेकिन कई मामलों में चुनाव आयोग का हवाला देते हुए कहा गया कि संबंधित जानकारी उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आती। पवार ने दावा किया कि मिले जवाबों में करीब 80 फीसदी जवाब संतोषजनक नहीं थे। उन्होंने आशंका जताई कि हटाए गए नामों की संख्या आगे बढ़कर 2.2 करोड़ से 2.5 करोड़ तक पहुंच सकती है।
भाजपा समर्थकों के नाम हटाने का भी आरोप
रोहित पवार ने आरोप लगाया कि हटाए गए नामों में ऐसे लोग भी हो सकते हैं जो भाजपा की विचारधारा से सहमत नहीं हैं। हालांकि, उन्होंने इस दावे के समर्थन में कोई स्वतंत्र या आधिकारिक प्रमाण पेश नहीं किया है। ऐसे में इस आरोप को फिलहाल राजनीतिक दावे के तौर पर ही देखा जा रहा है।
Maharashtra SIR News: SIR की समयसीमा पर भी सवाल
SIR की समयसीमा बढ़ाए जाने की संभावना पर पवार ने कहा कि इसकी संभावना कम है, क्योंकि मतदाताओं का डेटा पहले ही जुटाया जा चुका है। उनके अनुसार, करीब दो करोड़ लोगों का डेटा उपलब्ध नहीं होने के कारण उनके नाम प्रक्रिया से बाहर हुए हैं, जबकि जिन मतदाताओं का डेटा उपलब्ध है, उनकी मैपिंग की जाएगी।
कथित पेपर लीक मामले पर भी उठाए सवाल
रोहित पवार ने महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) से जुड़ी कथित पेपर लीक की घटना का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि इस मामले में महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग से संपर्क करने के बाद क्राइम ब्रांच के अधिकारियों से मुलाकात की गई। जांच एजेंसी ने 11 अगस्त तक रिपोर्ट देने की बात कही थी, लेकिन तय समय पर रिपोर्ट नहीं मिल सकी।
Maharashtra SIR News: 1-2 सितंबर तक रिपोर्ट आने का दावा
पवार ने बताया कि अधिकारियों ने जांच रिपोर्ट तैयार करने के लिए 10-12 दिन का अतिरिक्त समय मांगा है। अब 1 या 2 सितंबर तक छात्रों, महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग और मीडिया के सामने रिपोर्ट रखने का आश्वासन दिया गया है। उन्होंने कहा कि वह इस मुद्दे पर राजनीति करने के बजाय छात्रों की समस्याओं को सरकार और संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। पवार ने कहा कि तय समयसीमा तक इंतजार करने के बाद आगे की कार्रवाई पर फैसला लिया जाएगा।
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