Anil Ambani Company Case: अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड एक बार फिर मुश्किलों में घिरती नजर आ रही है। कंपनी को करीब 3,000 करोड़ रुपये की कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मामले में दिल्ली की विशेष अदालत से नोटिस मिला है। यह मामला प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से दर्ज की गई शिकायत से जुड़ा है। कंपनी ने शेयर बाजार को दी जानकारी में अदालत से नोटिस मिलने की पुष्टि की है।
Anil Ambani Company Case: पहले दिवालिया होने से बची थी कंपनी-
रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के खिलाफ 2025 में NCLT ने दिवालिया प्रक्रिया शुरू करने की मंजूरी दी थी। हालांकि, बाद में कंपनी ने अपना कर्ज चुकाया और अदालत का रुख किया। इसके बाद अदालत ने दिवालिया प्रक्रिया पर रोक लगा दी थी। अब वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मामले में नोटिस मिलने के बाद कंपनी की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती दिखाई दे रही हैं।
Anil Ambani Company Case: ₹3,000 करोड़ की कथित वित्तीय अनियमितताओं का मामला-
ED ने रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड और अन्य से जुड़े मामले में शिकायत दर्ज की है। इस शिकायत में रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर को भी प्रस्तावित आरोपी के तौर पर शामिल किया गया है। मामला करीब 3,000 करोड़ रुपये की कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा बताया जा रहा है।
कोर्ट ने क्यों भेजा नोटिस-
रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर को दिल्ली स्थित विशेष CBI जज की अदालत से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 223 के तहत प्री-कॉग्निजेंस नोटिस मिला है। यह नोटिस अदालत की ओर से किसी मामले का संज्ञान लेने से पहले की एक प्रक्रियात्मक कार्रवाई होती है। यानी इस चरण पर अदालत ने मामले में अभी अंतिम रूप से संज्ञान नहीं लिया है।
कंपनी का शेयर करीब ₹64-
रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के शेयर की कीमत करीब 64 रुपये बताई जा रही है। पिछले एक साल में शेयर में करीब 90 फीसदी की गिरावट आई है और इसमें दबाव बना हुआ है। कंपनी को मिले नए नोटिस के बाद निवेशकों की नजर अब मामले में होने वाली आगे की कानूनी कार्रवाई और कंपनी के रुख पर रहेगी।
आगे क्या होगा-
अब अदालत ED की शिकायत और संबंधित दस्तावेजों पर आगे की प्रक्रिया तय करेगी। प्री-कॉग्निजेंस नोटिस मिलने का मतलब यह नहीं है कि कंपनी को दोषी ठहरा दिया गया है। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया के बाद ही आरोपों की स्थिति स्पष्ट होगी।








