Trump on India Election: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत की चुनाव प्रक्रिया की तारीफ किए जाने पर शिवसेना (यूबीटी) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी ने अपने मुखपत्र सामना के संपादकीय में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और महाराष्ट्र में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र में मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए जा रहे हैं और इससे चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है।
ट्रंप की टिप्पणी पर शिवसेना UBT का तंज
शिवसेना (यूबीटी) ने ट्रंप की ओर से भारत की चुनाव पद्धति की तारीफ को लेकर कटाक्ष करते हुए कहा कि यदि उन्हें भारतीय चुनाव व्यवस्था आदर्श और पारदर्शी लगती है तो भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और उनकी पूरी चुनावी मशीनरी को अमेरिका ले जाकर वहां चुनाव कराना चाहिए। पार्टी ने अपने संपादकीय में चुनाव प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग पर भी निशाना साधा। शिवसेना (यूबीटी) ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर निष्पक्षता को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि, ये पार्टी के राजनीतिक आरोप हैं और इनके समर्थन में संपादकीय में स्वतंत्र प्रमाण प्रस्तुत नहीं किए गए हैं।
Trump on India Election: महाराष्ट्र SIR को लेकर 2 करोड़ से ज्यादा नाम हटाने का दावा
शिवसेना (यूबीटी) ने दावा किया कि महाराष्ट्र में SIR के तहत करीब 2 करोड़ 7 लाख मतदाताओं को सूची से बाहर किए जाने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। पार्टी ने इसे लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय बताया। पार्टी के अनुसार, इनमें मृत मतदाताओं और डुप्लीकेट नामों को हटाया जाना अलग बात है, लेकिन वास्तविक मतदाताओं के नाम भी सूची से हटने की आशंका है। शिवसेना (यूबीटी) ने दावा किया कि चुनाव आयोग के अनुसार बड़ी संख्या में मतदाताओं ने सूची में नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया में अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं दी, जबकि लाखों डुप्लीकेट नाम भी हटाए गए हैं।
भाजपा पर मतदाता सूची में हेरफेर का आरोप
संपादकीय में शिवसेना (यूबीटी) ने भाजपा पर चुनावी लाभ के लिए मतदाता सूची में बदलाव कराने का आरोप लगाया। पार्टी ने पश्चिम बंगाल और बिहार के चुनावों का हवाला देते हुए भी मतदाता सूची में बदलाव को लेकर सवाल उठाए। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के दौरान मतदाताओं की संख्या में कथित तौर पर 42 लाख की वृद्धि का उल्लेख करते हुए पार्टी ने सवाल किया कि ये मतदाता कहां से आए। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।
Trump on India Election: डुप्लीकेट मतदाताओं को लेकर भी सवाल
शिवसेना (यूबीटी) ने आरोप लगाया कि 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान डुप्लीकेट और कथित फर्जी मतदाताओं को लेकर शिकायतें की गई थीं, लेकिन चुनाव आयोग और अदालत की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। पार्टी ने ठाणे लोकसभा क्षेत्र के अपने पूर्व उम्मीदवार राजन विचारे की ओर से कथित तौर पर चुनाव आयोग के समक्ष दिए गए दस्तावेजों का भी उल्लेख किया। पार्टी का कहना है कि इन शिकायतों पर पर्याप्त कार्रवाई नहीं हुई।
एक लाख BLO के काम पर भी उठाया सवाल
SIR प्रक्रिया के तहत महाराष्ट्र में करीब एक लाख बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) के काम करने का जिक्र करते हुए पार्टी ने कहा कि अधिकारियों की मेहनत अपनी जगह है, लेकिन असली सवाल चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और मतदाता सूची की शुद्धता का है। शिवसेना (यूबीटी) ने कहा कि यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि पात्र मतदाताओं के नाम किसी भी स्थिति में सूची से बाहर न हों।
Trump on India Election: चुनाव आयोग पर लगाया गंभीर आरोप
संपादकीय में शिवसेना (यूबीटी) ने चुनाव आयोग पर भाजपा के पक्ष में काम करने का गंभीर आरोप लगाया। पार्टी ने महाराष्ट्र के मुख्य चुनाव अधिकारी की भूमिका का भी उल्लेख किया और कहा कि SIR की प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों को सतर्क रहने की जरूरत है। पार्टी ने आशंका जताई कि बड़ी संख्या में युवा मतदाताओं के नाम भी प्रभावित हो सकते हैं। उसने महाराष्ट्र के प्रमुख शहरों में युवाओं के आंदोलनों का उल्लेख करते हुए दावा किया कि नए मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा करना जरूरी है।
विपक्षी दलों से सतर्क रहने की अपील
शिवसेना (यूबीटी) ने महाराष्ट्र में SIR को लेकर सभी विपक्षी दलों से एकजुट होकर निगरानी करने की अपील की। पार्टी ने कहा कि मतदाता सूची में किसी भी तरह की गड़बड़ी लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए गंभीर चुनौती हो सकती है। हालांकि, 2.07 करोड़ नाम हटाने, चुनाव में हेरफेर और राजनीतिक दल के पक्ष में चुनाव आयोग के काम करने जैसे दावों को फिलहाल शिवसेना (यूबीटी) के आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए। इन दावों पर चुनाव आयोग या संबंधित अधिकारियों का आधिकारिक पक्ष मिलने पर खबर को और संतुलित किया जा सकता है।
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