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‘संत रविदास नगर कहलाएगा भदोही’, CM योगी का ऐलान, 1994 से अब तक 4 बार बदला नाम

Bhadohi name change:

Bhadohi name change: उत्तर प्रदेश के कालीन नगरी के नाम से मशहूर भदोही जिले की पहचान एक बार फिर बदलने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को जिले का नाम बदलकर ‘संत रविदास नगर भदोही’ करने का ऐलान किया। सीएम योगी भदोही में आयोजित अंतरराष्ट्रीय कारपेट एक्सपो में शामिल होने पहुंचे थे। प्रदर्शनी का अवलोकन करने के बाद उन्होंने मंच से यह घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि महान संत रविदास के सम्मान और जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए अब जिले को ‘संत रविदास नगर भदोही’ के नाम से जाना जाएगा। घोषणा के बाद प्रशासनिक स्तर पर नाम बदलने की औपचारिकताएं शुरू की जा रही हैं।

Bhadohi name change: 2017 से पहले के यूपी का जिक्र कर विपक्ष पर निशाना-

सीएम योगी ने अपने संबोधन में 2017 से पहले के उत्तर प्रदेश का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय प्रदेश की पहचान दंगे, माफिया राज, गुंडागर्दी, अराजकता, कर्फ्यू और पॉलिसी पैरालिसिस से जुड़ी हुई थी। उन्होंने कहा कि उस दौर में मजदूरों को सुविधाएं नहीं मिलती थीं, बिजली की समस्या थी और सड़कें भी खस्ताहाल थीं। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि आज प्रदेश के हालात पूरी तरह बदल चुके हैं।

Bhadohi name change: 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव का दावा-

मुख्यमंत्री ने प्रदेश की बदलती आर्थिक स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश को अब तक 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं।उन्होंने बताया कि इनमें से 15 लाख करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स की ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी पूरी हो चुकी है, जबकि 7.5 लाख करोड़ रुपये के अन्य प्रोजेक्ट्स पर जल्द काम शुरू होने जा रहा है।

9.5 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने का दावा-

रोजगार के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार अब तक 9.5 लाख युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरियां दे चुकी है। सीएम योगी ने कहा कि आने वाले 6 महीनों में यूपी सरकार एक लाख और युवाओं को सरकारी नौकरी देने जा रही है।

बेटियों और व्यापारियों की सुरक्षा पर सख्त चेतावनी-

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के रोजगार से खिलवाड़ करने वालों को जेल भेजा जाएगा और उनकी संपत्ति जब्त की जाएगी। उन्होंने प्रदेश की बेटियों और व्यापारियों की सुरक्षा को लेकर भी सख्त चेतावनी दी।

1994 से अब तक 4 बार बदला जिले का नाम-

भदोही का नाम बदलने का इतिहास करीब तीन दशक पुराना है। 1994 में वाराणसी से अलग होकर नया जिला बनने के बाद इसका नाम कई बार बदला गया।

– 30 जून 1994: मुलायम सिंह यादव की सरकार ने वाराणसी से अलग कर ‘भदोही’ नाम से नया जिला बनाया।
– 4 दिसंबर 1997: मायावती की सरकार ने इसका नाम बदलकर ‘संत रविदास नगर’ कर दिया।
– 12 नवंबर 1999: भाजपा सरकार में मुख्यमंत्री रामप्रकाश गुप्ता ने इसका नाम ‘संत रविदास नगर भदोही’ कर दिया।
– 6 दिसंबर 2014: अखिलेश यादव की सरकार ने जिले का नाम फिर से केवल ‘भदोही’ कर दिया।
– 4 अक्टूबर 2026: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर ‘संत रविदास नगर भदोही’ नाम करने का ऐलान किया।

2027 चुनाव से पहले फैसले की सियासी चर्चा-

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस ऐलान के बाद जिले के नाम को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है। दिए गए राजनीतिक संदर्भ में इस फैसले को 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव से पहले दलित समुदाय तक पहुंच बनाने की रणनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है। वहीं, भदोही के कालीन उद्योग और स्थानीय राजनीतिक गलियारों में भी इस घोषणा को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।

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