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काँग्रेस विधायक के अनशन से सियासत में हलचल, मोहन यादव का कैलारस शक्कर कारखाना शुरू करने का ड्राफ्ट तैयार

Kailaras Sugar Mill: मुरैना के कैलारस शक्कर कारखाने को बचाने और किसानों की मांगों को लेकर कांग्रेस विधायक पंकज उपाध्याय के ‘आमरण अनशन’ के बाद अब मामले ने तूल पकड़ लिया है। पांच दिन से जारी अनशन और शक्कर कारखाना परिसर में हुई किसानों की महापंचायत के बीच सरकार ने कारखाने को दोबारा शुरू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर कैलारस शक्कर कारखाने को फिर से चालू करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके लिए MSME विभाग देश के बड़े शक्कर मिल संचालकों से प्रस्ताव आमंत्रित करेगा।

Kailaras Sugar Mill:
                                                                                                                                                                        Pankaj Upadhyay (Photo Source: Patrika News)
अनशन के बाद सरकार ने लिया बड़ा फैसला

शक्कर कारखाने को शुरू कराने और किसानों के हितों से जुड़ी मांगों को लेकर विधायक पंकज उपाध्याय का आमरण अनशन जारी है। इसी दौरान कारखाना परिसर में किसानों की महापंचायत आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में किसान, व्यापारी, आम नागरिक, समाजसेवी और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता शामिल हुए। महापंचायत में आंदोलन को गांव-गांव तक ले जाने और 22 अगस्त को संपूर्ण मुरैना जिला बंद रखने का निर्णय लिया गया। आंदोलन के बढ़ते दबाव के बीच अब सरकार ने कारखाने को दोबारा शुरू करने की जानकारी दी है। इसे विधायक के अनशन और किसानों के आंदोलन के बाद सरकार की सक्रियता के तौर पर देखा जा रहा है।

Kailaras Sugar Mill: MSME विभाग बुलाएगा शक्कर मिल संचालकों से EOI

कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना ने बताया कि 19 अगस्त 2025 को  कैलारस शक्कर कारखाने की जमीन MSME विभाग को सौंप दी गई थी। अब विभाग देश के बड़े शक्कर मिल संचालकों से Expression of Interest यानी EOI आमंत्रित करेगा। प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर कारखाने को संचालित करने की आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी। सरकार की योजना कारखाने को दोबारा शुरू करने के साथ क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की भी है।

अतिरिक्त जमीन पर बनेगा नया औद्योगिक क्षेत्र

कारखाने को संचालित करने के लिए जितनी जमीन जरूरी होगी, उतनी भूमि को मिल के लिए रखा जाएगा। इसके बाद बची अतिरिक्त जमीन पर MSME विभाग नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित करेगा। इससे कैलारस और आसपास के क्षेत्र में नए उद्योग स्थापित होने की संभावना बढ़ेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं। सरकार की योजना केवल शक्कर मिल को शुरू करने तक सीमित नहीं है। कृषि विभाग कैलारस और आसपास के क्षेत्रों में गन्ने का उत्पादन बढ़ाने के लिए भी विशेष प्रयास करेगा, ताकि मिल के संचालन के लिए पर्याप्त मात्रा में गन्ना उपलब्ध हो सके।

Kailaras Sugar Mill: अनशन के पांचवें दिन विधायक की सेहत बिगड़ी

इधर, आमरण अनशन पर बैठे विधायक पंकज उपाध्याय की सेहत को लेकर भी चिंता बढ़ी है। बुधवार को डॉक्टरों की टीम ने उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया। जांच में पांच दिनों के दौरान उनका करीब डेढ़ किलो वजन कम पाया गया। इसके साथ ही उनका ब्लड शुगर लगातार गिरने और ब्लड प्रेशर बढ़ने की बात सामने आई है। डॉक्टरों की टीम लगातार उनके स्वास्थ्य पर नजर बनाए हुए है। वहीं, आंदोलनकारियों का कहना है कि शक्कर कारखाना क्षेत्र के किसानों और स्थानीय लोगों की आर्थिक जरूरतों से जुड़ा है। सरकार की ओर से कारखाना दोबारा शुरू करने की प्रक्रिया शुरू किए जाने के बाद अब आंदोलनकारियों की नजर इस बात पर है कि EOI की प्रक्रिया कब शुरू होती है और कारखाने का संचालन कब तक जमीन पर उतरता है।

:Kailaras Sugar Mill
                                                    फ़ोटो में दिखाई दे रहा करीब 13 साल से बंद पड़ा कैलारस शक्कर कारखाना, जिसे लेकर आमरण  अनशन पर हैं कॉंग्रेस विधायक । 
कैलारस शक्कर कारखाना क्यों है चर्चा में?

कैलारस शक्कर कारखाना लंबे समय से बंद है और इसे दोबारा शुरू कराने की मांग को लेकर कांग्रेस विधायक पंकज उपाध्याय आमरण अनशन पर बैठे हैं। कारखाने की शुरुआत क्षेत्र के गन्ना किसानों को बाजार उपलब्ध कराने और स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ाने के उद्देश्य से हुई थी। कई वर्षों तक संचालन के बाद आर्थिक और प्रशासनिक कारणों से यह बंद हो गया। इसके बाद से किसान और स्थानीय लोग इसे फिर शुरू कराने की मांग करते रहे हैं। अब विधायक के अनशन और किसानों के आंदोलन के बाद सरकार सक्रिय हुई है। 19 अगस्त 2026 की कैबिनेट बैठक में कारखाने की जमीन MSME विभाग को सौंपने का फैसला किया गया है। अब MSME विभाग देश के बड़े शक्कर मिल संचालकों से EOI यानी संचालन के प्रस्ताव मांगेगा। मिल के लिए जरूरी जमीन अलग रखने के बाद बची अतिरिक्त भूमि पर नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की भी योजना है।

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