Governance: मीडिया और राजनीति में इन दिनों यह चर्चा जोर-शोर से चल रही है कि यूपी में आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जेन-जी (Gen-Z ) और जेन-अल्फा (Gen Alpha) को साधने में जुटे हुए हैं।बताया जाता है कि योगी सरकार स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना के तहत छात्रों एवं युवाओं के लिए 25 लाख टैबलेट खरीदने जा रही है।इसके साथ ही अगले छह महीने में एक लाख युवाओं को नियुक्ति पत्र दे दिए जाएंगे।
नई युवा नीति लाएगी सरकार
इस बार स्वतंत्रता दिवस पर मुख्यमंत्री ने ‘नई युवा नीति’ लाने और जीवन के आधुनिक क्षेत्रों में युवाओं को विशेष अवसर प्रदान किये जाने पर बल दिया, तो इसे भी राजनीतिक चश्मे से देखा जाने लगा। कुछ राजनीतिक पंडितों और राजनेताओं ने तो तत्काल टिप्पणी भी कर दी कि योगी का असली मकसद यूपी में हैट्रिक लगाने का है।अब सवाल यह है कि क्या कोई राजनेता हैट्रिक लगाने की इच्छा रखे, तो इसमें गलत क्या है? क्या कोई जमीन पर काम किये बिना हवा में हैट्रिक लगाएगा ? योगी यदि काम कर रहें, हैं तो जनता उन पर भरोसा करेगी ही।
Governance: जेन-जी और जेन-अल्फा पर शुरू से रहा फोकस
सच तो यह है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जेन-जी और जेन-अल्फा के हित में आज पहली बार घोषणा नहीं की है, वे युवाओं की उच्च शिक्षा, तकनीकी प्रशिक्षण और रोजगार की बात आज पहली बार नहीं कर रहे हैं, शुचिता और पारदर्शिता की बात सिर्फ उनकी जुबान पर नहीं है, बल्कि उन्होंने सत्ता संभालने के साथ ही इस दिशा में जमीनी प्रयास शुरू कर दिये थे।युवाओं के हित में वे हमेशा गंभीर रहे।
युवाओं को मिला विकास का फायदा
अतीत में थोड़ा पीछे मुड़कर देखें तो वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में युवाओं के सामने तमाम चुनौतियां थीं।बेरोजगारी दर बढ़ रही थी, रोजगार के अवसर सीमित थे।सरकारी नौकरियों में भाई-भतीजावाद व भ्रष्टाचार का बोलबाला था।सरकारी भर्तियां वर्षों तक लंबित रहती थी। उद्योगों की जरूरत के अनुसार युवाओं के प्रशिक्षण जैसी सोच नहीं थी।औद्योगिक निवेश की रफ्तार बहुत ही धीमी थी।प्रतिवर्ष बेरोजगारों की फौज तैयार हो रही थी।यूपी का सुरक्षा माहौल इतना खराब था कि उद्योगपति यहाँ आने से डरते थे।युवा रोजगार की तलाश में बाहर जाने को मजबूर थे, लेकिन योगी राज में जो नीतियाँ बनी, वे चमत्कारी साबित हुई।राज्य में आर्थिक और औद्योगिक विकास की एक नई शुरुआत हुई और पलायन पर काफी हद तक रोक लगी।
Governance: स्पष्ट नीति और नीयत
दरअसल, राजनेता की नीति और नीयत साफ हो तो जनता को इसका फायदा मिलता ही है। योगी आदित्यनाथ बोलने से ज्यादा करने में भरोसा रखते हैं।युवा अवस्था में प्रवेश करते ही वे देश और समाज की सेवा में जुट गये थे।उनकी स्पष्ट सोच रही कि शिक्षित और सक्षम युवा देश-प्रदेश के विकास में अहम भूमिका निभा सकते हैं।इस सोच को साकार करने के लिए उनकी सरकार ने निरंतर ठोस कदम उठाए।नतीजा यह है कि आज युवा सशक्तीकरण और रोजगार सृजन के क्षेत्र में बहुत अच्छे परिणाम देखने को मिल रहे हैं।
योगी आदित्यनाथ सरकार ने लाखों युवाओं को नौकरियाँ दी, लेकिन योगी इतने भर से संतुष्ट नहीं हुए। उनका लक्ष्य युवाओं को कौशल, तकनीक और उद्यमिता के प्रति प्रोत्साहित करना रहा, ताकि वे देश-प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति दे सकें। योगी सरकार की पारदर्शी योजनाओं के जरिये आज प्रदेश का युवा आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बन रहा है।
कौशल विकास
यूपी में कौशल विकास को रोजगार से जोड़ने के लिए बड़े स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम चल रहे हैं।आईटीआई और कौशल विकास मिशन के माध्यम से लाखों युवाओं को विभिन्न ट्रेड में प्रशिक्षण दिया गया है। इनमें से अधिकांश को रोजगार मिल चुका है।
मुख्यमंत्री शिक्षुता प्रोत्साहन योजन
मुख्यमंत्री शिक्षुता प्रोत्साहन योजना योगी सरकार की एक अनूठी पहल है। इसके तहत युवाओं को उद्योगों में प्रशिक्षण के साथ ही नौ हजार रुपए का मासिक स्टाइपेंड दिया जाता है।इससे वे रोजगार के काबिल बन पाते हैं।आज लाखों युवा उद्योगों व संस्थानों में प्रशिक्षण ले रहे हैं।
इंडस्ट्री 4.0
योगी सरकार की दूरदर्शी सोच ही कही कही जाएगी कि राज्य में छात्रों और युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), एडवांस्ड कम्प्यूटिंग और रोबोटिक्स जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण देकर इंडस्ट्री 4.0 के अनुरूप तैयार किया जा रहा है। इससे राज्य का युवा वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकेगा।
युवा शक्ति का सदुपयोग
इस समय उत्तर प्रदेश में युवाओं की बहुत बड़ी आबादी है।योगी सरकार इस युवा शक्ति का उपयोग देश-प्रदेश के विकास में करना चाहती है। सरकार का लक्ष्य युवाओं को कौशल से लैस करना है, ताकि वे राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का परिचय दे सकें। निवेश, कौशल विकास और तकनीकी प्रशिक्षण के समन्वय से प्रदेश को ‘ग्लोबल स्किल हब’ बनाने के प्रयास चल रहे हैं। उम्मीदें व्यक्त की जा रही हैं कि आने वाले वर्षों में यूपी औद्योगिक विकास का प्रमुख केंद्र बनेगा।
युवाओं को बांटे 49.86 लाख टैबलेट और स्मार्टफोन
स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना उत्तर प्रदेश सरकार की एक प्रमुख डिजिटल और तकनीकी कल्याणकारी योजना है। इसके तहत राज्य के युवाओं को उच्च शिक्षा, तकनीकी प्रशिक्षण और कौशल विकास से जोड़ने के लिए मुफ्त टैबलेट और स्मार्टफोन वितरित किए जाते हैं।योजना के तहत अब तक 49.86 लाख से अधिक टैबलेट और स्मार्टफोन वितरित किए जा चुके हैं।योजना का लक्ष्य 2 करोड़ युवाओं को डिजिटल उपकरण उपलब्ध कराना है।
परीक्षाओं में शुचिता
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त निर्देश दिये, तो आज सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता और निष्पक्षता है। आयोगों और भर्ती बोर्डों के माध्यम से लाखों युवाओं को सरकारी नौकरियाँ मिली हैं।परीक्षाओं में शुचिता बनाए रखने के लिए सरकार सख्त है। राज्य में सार्वजनिक परीक्षा अनुचित साधन निवारण कानून लागू किया गया है।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में एकल अवसर पंजीकरण व्यवस्था लागू कर आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाया गया है।समूह ख अराजपत्रित और समूह ग पदों की सीधी भर्ती में साक्षात्कार समाप्त कर पारदर्शिता को और मजबूत किया गया है।
बेरोजगारी दर घटी
प्रदेश में रोजगार के बढ़ते अवसरों का असर बेरोजगारी दर में भी देखने को मिला है। फरवरी 2016 में जहाँ बेरोजगारी दर लगभग 18 प्रतिशत थी, वहीं आज यह घटकर 2.21 प्रतिशत रह गई है।साफ है कि योगी सरकार ने रोजगार सृजन और कौशल विकास की जो नीतियाँ अपनायी, उनका प्रभाव जमीन पर दिखाई दे रहा है।
पद संभालते ही सक्रिय हुए योगी
यूपी सरकार के इन जमीनी कामों को देखकर भला कौन मान लेगा कि मुख्यमंत्री योगी की सक्रियता सिर्फ विधानसभा चुनाव के लिए है? राजनीतिक पंडितों को यह भी देखना चाहिए कि योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री पद संभालने के साथ ही युवाओं और यूपी के हित में जुटे हुए हैं।
लेखक-दाताराम चमोली
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