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महिला सुरक्षा, सम्मान और स्वालंबन की दिशा में हमेशा प्रयासरत रही योगी सरकार

Governance: महिला सुरक्षा, सम्मान और स्वालंबन की दिशा में हमेशा प्रयासरत रही योगी सरकार
Governance:  उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वालंबन की दिशा में शुरू से ही प्रयासरत रही है। मार्च 2017 में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के साथ ही योगी आदित्यनाथ ने जनहित के अपने दृढ़ इरादे जाहिर कर दिये थे। इस बीच रक्षाबंधन से ठीक पहले महिलाओं के प्रति सम्मान का भाव प्रकट करते हुए सरकार ने 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा सुविधा देने की घोषणा की है।अब प्रदेश में 60 वर्ष या उससे अधिक आयु की महिलाएं रोडवेज की सामान्य बसों में आजीवन मुफ्त यात्रा कर सकेंगी। इसके अलावा रक्षाबंधन पर 27 से 29 अगस्त तक सभी महिलाएं मुफ्त यात्रा का लाभ उठा सकेंगी।इसे महिलाओं को रक्षाबंधन का उपहार माना जा रहा है। आइये, देखते हैं कि योगी सरकार की तरफ से अब तक महिलाओं के हित में क्या ठोस कदम उठाए गए हैं।

लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा योजना

‘लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा योजना’ उत्तर प्रदेश सरकार की एक नई पहल है।इसके तहत 60 वर्ष या उससे अधिक आयु की महिलाएं उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) की बसों में आजीवन मुफ्त यात्रा कर सकती हैं।यात्रा के दौरान उन्हें आयु और निवास की पुष्टि के लिए सिर्फ आधार कार्ड या वोटर आईडी कार्ड दिखाना होगा।सरकार के अनुमान के मुताबिक रोजाना करीब 88,438 महिला यात्रियों को इसका लाभ मिलेगा। यह योजना बुजुर्ग महिलाओं के लिए सुविधा के साथ सम्मान और आत्मनिर्भरता का भी संदेश है। सरकार का लक्ष्य है कि उम्र महिलाओं की स्वतंत्र आवाजाही में बाधा न बने और वे बिना आर्थिक बोझ के प्रदेश में कहीं भी आ-जा सकें।पात्र महिलाओं की पहचान और यात्रा व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए परिवहन निगम विशेष स्मार्ट कार्ड जारी करेगा। योजना से सरकार पर हर महीने करीब 22.55 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार आने का अनुमान है।रोडवेज बसों में महिलाओं की सुरक्षा के लिए जीपीएस और पैनिक बटन जैसी तकनीकी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।

Governance:  एंटी रोमियो स्क्वाड 
बेटियों और महिलाओं की सुरक्षा मुख्यमंत्री योगी की प्राथमिकता रही। मार्च 2017 में योगी के शपथ ग्रहण करने के साथ ही ‘एंटी रोमियो स्क्वाड (Anti-Romeo Squad)’ का गठन हुआ।इसके कारण स्कूलों, कॉलेजों, बाजारों और पार्कों के बाहर लड़कियों और महिलाओं के साथ छेड़छाड़ की वारदातों पर अंकुश लगा। असमाजिक तत्वों को इस बात  का डर रहता है कि कहीं सादे कपड़ों में तैनात ‘एंटी रोमियो स्क्वाड के सदस्य उनकी गरदन न दबोच लें। त्वरित कानूनी कार्रवाई के डर से लड़कियों और महिलाओं पर फब्तियां कसने और उनका पीछा करने वालों के हौसले टूट गए।एंटी रोमियो स्क्वाड की तर्ज पर बिहार और दिल्ली जैसे क्षेत्रों में भी महिलाओं की सुरक्षा के लिए विशेष दस्ते गठित किये गये।
Governance: मिशन शक्ति 
योगी सरकार द्वारा 17 अक्टूबर 2020 को मिशन शक्ति अभियान शुरू किया गया। आज राज्य में महिला सुरक्षा के लिए मिशन शक्ति केंद्र, एआई आधारित सेफ सिटी नेटवर्क और आपातकालीन सहायता के लिए 1090 (विमेन पावर लाइन), 181 और 112 जैसी सेवाएं उपलब्ध हैं। 2017 में प्रदेश में करीब 10 हजार महिला पुलिसकर्मी थीं, जबकि अब यह संख्या करीब 45 हजार है। आगामी भर्ती के बाद महिला पुलिसकर्मियों की संख्या 50 हजार से अधिक होने की उम्मीद है।थानों में महिला हेल्प डेस्क की स्थापना की गई है। 
Governance: कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित माहौल

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सदैव यह कोशिश रही कि राज्य में ऐसा वातावरण बने ताकि बेटी घर से निकले, पढ़े, नौकरी करे, कारोबार करे और रात में भी पूरी सुरक्षा के साथ घर लौट सके।आज यूपी में महिलाओं को आवश्यक सुरक्षा प्रावधानों के साथ नाइट शिफ्ट में काम करने की अनुमति दी गई है, जिससे वे सुरक्षित माहौल में कार्य कर सकें।सार्वजनिक स्थानों पर मनचलों और अराजक तत्वों पर नजर रखने के लिए सिविल ड्रेस में पुलिसकर्मियों की तैनाती और विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं।

Governance: जीरो टॉलरेंस नीति

राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई गई है।फास्ट ट्रैक कोर्ट कोर्टों में अपराधियों को सजा मिल रही है। ऐसे में अपराधी अपनी हरकतों को अंजाम देने में डर जाते हैं।
Governance: आर्थिक स्वालंब
राज्य में महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने के उद्देश्य से योगी सरकार ने महत्वपूर्ण योजनाएं चलाई। बेटी के जन्म से लेकर उसकी शिक्षा, रोजगार और उद्यमिता तक अलग-अलग योजनाओं के माध्यम से सहायता दी जा रही है।2017 के बाद सरकार ने महिलाओं के लिए सुरक्षा और स्वावलंबन का ऐसा वातावरण तैयार किया है, जिसमें उनकी आर्थिक भागीदारी भी बढ़ी है। उज्ज्वला, कन्या सुमंगला, सामूहिक विवाह और महिला सुरक्षा से जुड़ी योजनाएं केवल सरकारी योजनाएं नहीं हैं, बल्कि महिलाओं को जीवन के अलग-अलग पड़ाव पर सहारा देने के माध्यम हैं। 
Governance:  कन्या सुमंगला योजना

राज्य में मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत बेटी के जन्म से लेकर स्नातक स्तर तक उसकी शिक्षा के लिए अलग-अलग चरणों में 25,000 रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। सामूहिक विवाह योजना के तहत भी आर्थिक सहायता दी जा रही है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना ने महिलाओं को रसोई के धुएं से राहत देकर स्वस्थ्य रखा।जानकारों के अनुसार योगी सरकार की इन योजनाओं ने बेटियों को आत्मनिर्भर बनने का रास्ता दिया है।

Governance: लखपति दीदी योजना 

योगी सरकार की लखपति दीदी योजना ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की एक महत्वपूर्ण पहल है। योजना के तहत महिलाओं की वार्षिक पारिवारिक आय को 1 लाख रुपये से अधिक करने का लक्ष्य है।1 करोड़ ग्रामीण महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जोड़कर कौशल प्रशिक्षण (Skill Training) देकर स्वरोजगार के लिए तैयार किया जा रहा है। महिलाओं को सिलाई, कढ़ाई, डेयरी और फूड प्रोसेसिंग जैसे लघु उद्योगों के लिए 5 लाख रुपये तक का ऋण बिना गारंटी दिया जाता है।कृषि, डेयरी, मुर्गी पालन, हस्तशिल्प और तकनीकी क्षेत्रों में मुफ्त ट्रेनिंग दी जाती है।

Governance: बीसी सखी (BC Sakhi) 

उत्तर प्रदेश सरकार की इस महत्वपूर्ण योजना के तहत ग्रामीण महिलाओं को घर-घर बैंकिंग सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रशिक्षित एजेंट के रूप में नियुक्त किया जाता है। इसका फायदा यह है कि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को घर बैठे वित्तीय और बैंकिंग सेवाएं जैसे कि पैसे जमा करना, निकालना और मनरेगा भुगतान की सुविधाएं मिल रही हैं। एजेंट के लिए किसी भी महिला की आयु 18 से 50 वर्ष होनी चाहिए। उसकी न्यूनतम योग्यता 10 वीं पास होनी चाहिए तथा उसे उसी ग्राम पंचायत का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है, जहां वह सेवाएं दे।महिला एजेंट को शुरुआती 6 महीनों के लिए 4,000 रुपए प्रति माह मानदेय और डिजिटल डिवाइस जैसे माइक्रो एटीएम, फिंगरप्रिंट स्कैनर आदि खरीदने के लिए 50,000 रुपए तक की सहायता दी जाती है।इसके बाद उन्हें प्रत्येक लेन-देन पर कमीशन मिलता है।एजेंट बनने के लिए UP BCSakhi ऐप के माध्यम से पंजीकरण किया जाता है।

Governance: सामूहिक विवाह योजना

उत्तर प्रदेश सरकार की यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण योजना है। इसके तहत आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों की बेटियों, विधवाओं, और तलाकशुदा महिलाओं की शादी के लिए एक लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत अब तक 5 लाख 54 हजार से अधिक बेटियों की शादियां संपन्न हो चुकी हैं।

Governance: बुनियादी सुविधाएं

राज्य में महिलाओं के जीवन को आसान बनाने के लिए शौचालय, नल से जल और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया गया है।पहले महिलाओं को पेंशन के नाम पर केवल 300 रुपये दिए जाते थे।अब योगी सरकार पात्र महिलाओं को सालाना 12 हजार रुपये की सहायता दे रही है और पैसा सीधे बैंक खातों में पहुंचाया जा रहा है।यदि कोई लाभार्थी के खाते से पैसा निकालने या उसमें गड़बड़ी करने का प्रयास करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी।