UP RAIN: उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बारिश और अतिवृष्टि के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में पैदा हुई स्थिति का संज्ञान लिया है। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर हालात का जायजा लेने और जरूरतमंद परिवारों को तत्काल राहत उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। सीएम ने बारिश, आकाशीय बिजली और जलभराव से हुए नुकसान का आकलन कर प्रभावित लोगों को नियमानुसार 24 घंटे के भीतर मुआवजा देने को कहा है। वहीं, नेपाल में आई भीषण बाढ़ को देखते हुए महाराजगंज और कुशीनगर में भी प्रशासन को अलर्ट किया गया है।
24 घंटे में नुकसान का आकलन और मुआवजा
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को अतिवृष्टि और आकाशीय बिजली से हुई जनहानि, पशुहानि तथा आर्थिक नुकसान का तत्काल सर्वे कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों से लगातार संवाद बनाए रखा जाए और उन्हें हर संभव राहत एवं सहायता उपलब्ध कराई जाए। जलभराव वाले क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के भी निर्देश दिए गए हैं।
UP RAIN: जलभराव वाले इलाकों में विशेष निगरानी
सीएम योगी ने स्थानीय प्रशासन को बारिश प्रभावित इलाकों पर लगातार नजर रखने और जरूरत के अनुसार राहत एवं बचाव अभियान चलाने को कहा है। उन्होंने अधिकारियों से फील्ड में सक्रिय रहने और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार तत्काल कदम उठाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से भी सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने आकाशीय बिजली के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर नहीं निकलने और भारी बारिश के दौरान नदियों तथा जलाशयों में जाने से बचने को कहा है।

नेपाल की बाढ़ से सीमावर्ती जिलों में अलर्ट
नेपाल के रसुवा क्षेत्र में भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ के बाद उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों महाराजगंज और कुशीनगर में भी सतर्कता बढ़ाई गई है। नेपाल में बाढ़ से हुई क्षति को चिंताजनक बताते हुए सीएम योगी ने दोनों जिलों के प्रशासन को सभी जरूरी तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए हैं।
UP RAIN: गंडक-नारायणी के जलस्तर पर नजर
नेपाल में बाढ़ के प्रभाव से महाराजगंज और कुशीनगर में गंडक एवं नारायणी नदियों का जलस्तर बढ़ने की आशंका है। मुख्यमंत्री ने प्रशासन को दोनों नदियों के जलस्तर की लगातार निगरानी करने और किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा है। उन्होंने नेपाल में प्रभावित लोगों की सुरक्षा के लिए भगवान पशुपतिनाथ से प्रार्थना भी की।
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