China Type 100 Tank: चीन के अत्याधुनिक टाइप 100 मेन बैटल टैंक की नई तस्वीरें सामने आई हैं। चीनी शहर में नजर आए इस टैंक पर नया छलावरण पैटर्न दिखाई दे रहा है। इसे चीन की अगली पीढ़ी के बख्तरबंद युद्धक वाहनों में अहम माना जा रहा है। रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, टाइप 100 का इस्तेमाल अब केवल परेड या प्रशिक्षण तक सीमित रहने के बजाय बड़े पैमाने पर सेना में शामिल किए जाने की दिशा में बढ़ सकता है। चीन के राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय के अनुसार, टैंक को पीपल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) में आधिकारिक रूप से शामिल किया गया है।
China Type 100 Tank: अत्याधुनिक तकनीक से लैस है टाइप 100-
टाइप 100 को नई पीढ़ी के टैंक के तौर पर डिजाइन किया गया है। इसमें सुरक्षा, मारक क्षमता और डिजिटल तकनीक को एक साथ जोड़ा गया है। टैंक में 105mm की मुख्य तोप लगी है। इसकी एक खासियत चालक दल की स्थिति भी है। टैंक के तीनों क्रू सदस्य बुर्ज के बजाय मुख्य बॉडी के अंदर बैठते हैं। इससे गोला-बारूद में विस्फोट जैसी स्थिति पैदा होने पर चालक दल को अतिरिक्त सुरक्षा मिल सकती है।
China Type 100 Tank: रडार और सेंसर से खतरों पर नजर-
टैंक के चारों तरफ लगे फेज्ड-एरे रडार और सेंसर इसे आसपास के खतरे पहचानने में मदद करते हैं। इनमें ड्रोन, मिसाइल, रॉकेट और अन्य सटीक निशाना लगाने वाले हथियार शामिल हैं। इसकी सेंसर प्रणाली को पर्याप्त ऊर्जा उपलब्ध कराने के लिए टैंक में आधुनिक पावर सिस्टम दिया गया है। यह पूरी तरह या आंशिक रूप से इलेक्ट्रिक मोड में भी काम कर सकता है। इससे इसकी आवाज और इन्फ्रारेड सिग्नेचर को कम करने में मदद मिल सकती है।
360 डिग्री निगरानी की सुविधा-
टैंक के चारों ओर लगे कैमरे और ऑगमेंटेड रियलिटी तकनीक चालक दल को आसपास के इलाके की 360 डिग्री जानकारी उपलब्ध कराती है। इससे बिना सीधे बाहर देखे भी चालक दल को युद्धक्षेत्र की स्थिति समझने में मदद मिल सकती है।
डिजिटल कॉम्बैट नेटवर्क का हिस्सा-
टाइप 100 को सिर्फ एक फायरिंग प्लेटफॉर्म के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। इसे आधुनिक डिजिटल कॉम्बैट नेटवर्क का हिस्सा बनाने पर जोर दिया गया है। यह टैंक उपग्रहों, लड़ाकू ड्रोन और कमांड सेंटर से युद्धक्षेत्र से जुड़ी जानकारी हासिल कर सकता है। इस डेटा के आधार पर टैंक उन लक्ष्यों को भी निशाना बनाने में मदद कर सकता है, जो चालक दल की सीधी नजर में नहीं हैं।
बदलते युद्ध के हिसाब से तैयार किया गया टैंक-
आधुनिक युद्ध में टैंकों के सामने खतरे भी तेजी से बदल रहे हैं। अब उन्हें पारंपरिक हथियारों के साथ-साथ एंटी-टैंक मिसाइलों और लोइटरिंग म्यूनिशन जैसे हथियारों से भी चुनौती मिलती है। ऐसे माहौल में केवल भारी कवच पर्याप्त नहीं माना जाता। किसी भी आधुनिक टैंक के लिए खतरे को पहले पहचानना, अपनी मौजूदगी को कम करना और दूसरे सैन्य प्लेटफॉर्म से लगातार जुड़े रहना बेहद अहम हो गया है। इसी वजह से टाइप 100 को चीन की बदलती बख्तरबंद युद्ध रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। इसकी मारक क्षमता, सेंसर, इलेक्ट्रिक तकनीक और डिजिटल नेटवर्किंग इसे पारंपरिक टैंकों से अलग पहचान देते हैं।
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