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एक पल में मलबे में बदल गई पांच मंजिलें, 6 की मौत और 11 का रेस्क्यू; जानिए सत्य निकेतन हादसे का पूरा अपडेट

सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे में 6 की मौत

Delhi Building Collapse: दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार, 6 सितंबर को हुए बिल्डिंग हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 6 हो गई है। यहां एक पांच मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई थी। हादसे के बाद कई लोग मलबे के नीचे दब गए। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें इमारत गिरने के बाद चारों तरफ धूल का गुबार उठता दिखाई दे रहा है।

Delhi Building Collapse: 11 लोगों का किया गया रेस्क्यू

हादसे के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। अब तक 11 लोगों को मलबे से बाहर निकाला जा चुका है। वहीं, जिन लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है, उनकी तलाश अभी भी की जा रही है।मलबे को धीरे-धीरे हटाया जा रहा है। सर्च ऑपरेशन में एनडीआरएफ के डॉग्स की भी मदद ली जा रही है, ताकि अगर कोई व्यक्ति अंदर फंसा हो तो उसका पता लगाया जा सके।

Delhi Building Collapse: सत्य निकेतन हादसा: 6 की मौत, रेस्क्यू जारी
सत्य निकेतन हादसा: 6 की मौत, रेस्क्यू जारी
Delhi Building Collapse: सत्य निकेतन में पहले भी हो चुका है हादसा

सत्य निकेतन में रविवार को हुआ बिल्डिंग हादसा इस इलाके में पिछले चार साल में हुई दूसरी ऐसी घटना बताई जा रही है। इससे पहले 25 अप्रैल 2022 को भी यहां एक पुरानी तीन मंजिला इमारत में हादसा हुआ था। उस समय इमारत में अवैध तरीके से मरम्मत का काम चल रहा था। इस हादसे में दो मजदूरों की मौत हो गई थी।बताया गया था कि नगर निगम ने काम रोकने के लिए नोटिस दिया था, लेकिन इसके बावजूद काम बंद नहीं किया गया। बाद में इस मामले की जांच भी हुई, लेकिन किसी तरह की कार्रवाई नहीं होने का दावा किया गया।

हादसे वाली इमारत में करीब 25 कमरे थे

मौजूदा हादसे को लेकर सामने आई जानकारी के मुताबिक, करीब 80 गज के प्लॉट पर भूतल के साथ चार मंजिला मकान बना हुआ था। इमारत के हर फ्लोर पर करीब पांच कमरे थे। इस हिसाब से पूरी इमारत में लगभग 25 कमरे थे।इस इमारत का इस्तेमाल पीजी के तौर पर किया जा रहा था।

पुलिस और एनडीआरएफ ने संभाला मोर्चा

इमारत गिरने की सूचना मिलते ही राहत और बचाव के लिए पुलिस, एनडीआरएफ और सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स मौके पर पहुंच गए।बचाव अभियान में किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए आसपास का इलाका खाली कराया गया। मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए उसे हाथों से हटाने का काम भी शुरू किया गया।

Delhi Building Collapse: हादसे ने प्रशासन पर खड़े किए सवाल

सत्य निकेतन की घटना ने एक बार फिर राजधानी में इमारतों की सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासतौर पर इसलिए क्योंकि दक्षिणी दिल्ली में करीब तीन महीने पहले भी इसी तरह का एक हादसा सामने आया था।आलोचना यह है कि अवैध निर्माण, तय मानकों की अनदेखी और प्रशासनिक लापरवाही के कारण बार-बार ऐसी घटनाएं सामने आती हैं और इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ता है।

सैदुलाजाब में भी छह लोगों की हुई थी मौत

दक्षिण दिल्ली के सैदुलाजाब इलाके में पांच मंजिला मकान गिरने की घटना में भी छह लोगों की मौत हुई थी। इस हादसे में कई लोग घायल हुए थे।विशेषज्ञों के मुताबिक, दिल्ली में लगातार हो रहे ऐसे हादसों को केवल सामान्य दुर्घटना मानकर नहीं देखा जाना चाहिए। उनके अनुसार, अवैध निर्माण, भवन निर्माण के नियमों की अनदेखी और एमसीडी की लापरवाही भी इन घटनाओं की बड़ी वजह हो सकती है।

हर हादसे के बाद जांच पर सवाल

हर बार किसी बड़े हादसे के बाद अधिकारियों के निलंबन, जांच कमेटी बनाने और मुआवजे जैसी कार्रवाई की जाती है। लेकिन सवाल यह है कि क्या इससे पुरानी और जर्जर इमारतों की समस्या वास्तव में खत्म हो रही है।दावा किया गया है कि पुरानी और कमजोर इमारतों का सर्वे कई बार सिर्फ कागजों तक सीमित रह जाता है। जब तक अवैध बेसमेंट, अतिक्रमण और नियमों के खिलाफ किए जा रहे निर्माण पर सख्त कार्रवाई नहीं होगी, तब तक ऐसी घटनाओं को पूरी तरह रोकना मुश्किल होगा।

Delhi Building Collapse: दिल्ली में पहले भी हुए बड़े बिल्डिंग हादसे

राजधानी दिल्ली में पिछले वर्षों में कई बड़े बिल्डिंग हादसे सामने आ चुके हैं।

15 नवंबर 2010: लक्ष्मी नगर के ललिता पार्क में एक अवैध पांच मंजिला इमारत गिर गई थी। हादसे में 67 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 70 से अधिक लोग घायल हुए थे। इमारत गिरने की वजहों में बेसमेंट में पानी भरना और घटिया निर्माण सामग्री को बताया गया था।

25 अप्रैल 2022: सत्य निकेतन में पुरानी तीन मंजिला इमारत में अवैध मरम्मत के दौरान हादसा हुआ था। इसमें दो मजदूरों की मौत हुई थी। बताया गया था कि नगर निगम के नोटिस के बावजूद काम जारी रहा था।

18 अप्रैल 2025: मुस्तफाबाद में करीब 20 साल पुरानी चार मंजिला इमारत देर रात गिर गई थी। इस हादसे में 11 लोगों की मौत हुई थी। संकरी गलियों और ओवर-कंस्ट्रक्शन के कारण बचाव अभियान 12 घंटे से अधिक समय तक चला था।

जुलाई 2025: वेलकम इलाके में एक चार मंजिला जर्जर इमारत अचानक गिर गई थी। इस घटना में छह लोगों की मौत हुई थी।

30 मई 2026: साकेत मेट्रो स्टेशन के पास सैदुलाजाब इलाके में एक पांच मंजिला अवैध इमारत गिर गई थी। इमारत पास की कैंटीन और लाइब्रेरी पर जा गिरी थी। इस हादसे में छह मेडिकल छात्रों की मौत हुई थी और कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे।

मलबे में किसी और के फंसे होने की आशंका

दिल्ली के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि अभी यह पक्के तौर पर नहीं बताया जा सकता कि मलबे के अंदर कोई और व्यक्ति फंसा है या नहीं।उन्होंने बताया कि सभी छात्रों का पता लगाया जा चुका है। उनके मुताबिक, अब तक 12 लोगों को बचाया गया है और 6 लोगों की मौत हुई है। हालांकि, आशंका है कि मलबे में कोई ऐसा मजदूर फंसा हो सकता है, जिसकी पहचान अभी नहीं हो पाई है।उन्होंने कहा कि जब तक स्थिति पूरी तरह साफ नहीं हो जाती, तब तक इस बारे में कुछ भी निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी और दोषियों के खिलाफ केस दर्ज किए जाएंगे।

Delhi Building Collapse: हादसे का सीसीटीवी फुटेज आया सामने

सत्य निकेतन में हुई इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में देखा जा सकता है कि इमारत गिरते ही वहां धूल का बड़ा गुबार उठ जाता है।बताया जा रहा है कि इमारत के सामने मौजूद शिव मंदिर पर बने एक कमरे में लगे कैमरे में यह पूरी घटना रिकॉर्ड हुई है।

सीएम रेखा गुप्ता ने घटनास्थल का जायजा लिया

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी हादसे के बाद घटनास्थल पर पहुंचीं और वहां की स्थिति का जायजा लिया। मौके पर अभी भी खोज और बचाव अभियान चल रहा है।मुख्यमंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही भवन मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश भी दिए गए हैं।सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि इस घटना के लिए जो भी व्यक्ति जिम्मेदार पाया जाएगा, उसकी पूरी जवाबदेही तय की जाएगी। दोषी के खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

फायर अधिकारी बोले- दोपहर 1:33 बजे मिली इमारत गिरने की सूचना

दिल्ली फायर अधिकारी अभिलाष कुमार मलिक ने बताया कि दमकल विभाग को रविवार दोपहर 1:33 बजे इमारत गिरने की सूचना मिली थी। सूचना मिलने के सिर्फ एक मिनट बाद दमकल की शुरुआती टीम को घटनास्थल के लिए रवाना कर दिया गया। पहली टीम के मौके पर पहुंचने के बाद अधिकारियों को वहां की स्थिति की जानकारी दी गई, जिसके बाद बचाव अभियान को और तेज कर दिया गया। हादसे में कई लोग मलबे के अंदर फंस गए थे। उन्हें बाहर निकालने के लिए दमकल विभाग, एनडीआरएफ और अन्य बचाव दलों ने मिलकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया।

Delhi Building Collapse: मेयर ने अवैध निर्माण पर दिया बड़ा आदेश

हादसे के बाद दिल्ली के मेयर प्रवेश वाही ने भी सख्त कार्रवाई की बात कही है। उन्होंने रविवार शाम कहा था कि सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे के जिम्मेदार लोगों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।मेयर के मुताबिक, चार मंजिल से अधिक वाले सभी अवैध निर्माणों को तत्काल सील किया जाएगा। इसके अलावा, लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी और दोषी अधिकारियों को तत्काल बर्खास्त करने की बात कही गई है।उन्होंने कहा कि ये आदेश तुरंत प्रभाव से लागू किए जाएंगे।

हादसे वाली गली की जर्जर इमारतों को नोटिस

पांच मंजिला इमारत गिरने के बाद दिल्ली नगर निगम यानी एमसीडी भी अलर्ट मोड में आ गया है। एमसीडी ने हादसे वाली गली में मौजूद जर्जर हालत की इमारतों को नोटिस जारी किया है।इस कदम का उद्देश्य आसपास की ऐसी इमारतों की स्थिति पर कार्रवाई करना है, जिनसे भविष्य में हादसे का खतरा हो सकता है।

NSUI अध्यक्ष ने सिस्टम की नाकामी पर उठाए सवाल

NSUI अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने हादसे को लेकर प्रशासन और व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि छात्रों को समय पर रेस्क्यू नहीं किया जा सका, जो सिस्टम की बड़ी नाकामी को दिखाता है। उनके मुताबिक, देश की राजधानी में भी आपदा से निपटने के लिए पर्याप्त योजना, जरूरी उपकरण और सही टीम की कमी नजर आई।विनोद जाखड़ ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और स्थानीय नेताओं की जवाबदेही पर भी सवाल उठाए। उन्होंने मांग की कि सभी निजी पीजी को हटाकर उनकी जगह सरकारी हॉस्टल बनाए जाएं।उन्होंने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को मुआवजा देने, घायल छात्रों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने और घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी मांग की।

गिरी हुई इमारत को लेकर एमसीडी ने दी जानकारी

दिल्ली नगर निगम के मुताबिक, जो इमारत गिरी है उसकी पहचान पी-14, सत्य निकेतन के रूप में हुई है। यह एक पुनर्वास कॉलोनी का हिस्सा है और इसका क्षेत्रफल करीब 55 वर्ग गज है।एमसीडी के अनुसार, इस संपत्ति में बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर और चौथी मंजिल तक के फ्लोर मौजूद थे। बताया गया है कि यह इमारत 1990 के दशक में बनाई गई थी।एमसीडी का कहना है कि इस संपत्ति की बुकिंग या सीलिंग से जुड़ा कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। इसके अलावा, संपत्ति में किए गए किसी भी काम को लेकर भी एमसीडी को पहले कोई शिकायत नहीं मिली थी।

Delhi Building Collapse: हादसे के बाद पीजी संचालकों ने हटाए बोर्ड

सत्य निकेतन में हादसे के बाद इलाके के कई पीजी ऑनर्स पर भी सवाल उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि कुछ पीजी संचालकों ने अपनी इमारतों के बाहर लगे पीजी के बोर्ड हटा दिए हैं।इसके साथ ही कुछ लोगों ने अंदर से दरवाजों पर ताला लगा दिया है। ऐसा करने के पीछे वजह यह बताई जा रही है कि बाहर से यह पता न चल सके कि संबंधित इमारत में पीजी चल रहा है।

सत्य निकेतन हादसे के बाद ABVP का प्रदर्शन

दिल्ली के सत्य निकेतन में रविवार, 6 सितंबर को पांच मंजिला इमारत गिरने की घटना के बाद रविवार रात ABVP यानी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सदस्यों ने सिविक सेंटर स्थित MCD कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी हादसे को लेकर MCD की जवाबदेही तय करने और MCD कमिश्नर के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने विरोध कर रहे ABVP के सदस्यों को हिरासत में ले लिया। इस हादसे में अब तक 6 लोगों की मौत हो चुकी है और 11 लोगों को रेस्क्यू किया गया है। राहत और बचाव अभियान अभी भी जारी है।

दिल्ली बिल्डिंग हादसे पर ABVP का प्रदर्शन
दिल्ली बिल्डिंग हादसे पर ABVP का प्रदर्शन
AIIMS ने 11 मरीजों की जानकारी दी

सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे के बाद कुल 11 मरीजों को दिल्ली के जेपीएन एपेक्स ट्रॉमा सेंटर, एम्स लाया गया। एम्स के मुताबिक, इनमें से 5 मरीजों को मृत अवस्था में अस्पताल पहुंचाया गया था। वहीं, गंभीर हालत में भर्ती एक अन्य मरीज ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।फिलहाल तीन मरीज अस्पताल में भर्ती हैं और उनका इलाज चल रहा है। इनमें से एक मरीज के पैर की सर्जरी की गई है। वहीं, एक मरीज को मामूली चोट लगी थी। इलाज और निगरानी के बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

जांच और बचाव अभियान जारी

सत्य निकेतन में हुए इस हादसे के बाद प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य जारी है। मलबे को सावधानी से हटाया जा रहा है और एनडीआरएफ के डॉग्स की मदद से भी तलाश की जा रही है।अब तक 6 लोगों की मौत हो चुकी है और 11 लोगों को रेस्क्यू किया गया है। हालांकि, मलबे के अंदर किसी और व्यक्ति के फंसे होने की आशंका को देखते हुए सर्च ऑपरेशन अभी जारी है। प्रशासन ने साफ किया है कि घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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