Breaking News
Home » ग्राउंड रिपोर्ट » क्या निशु आज़ाद के कथित धार्मिक बयानों से पड़ोसी महिला भी नाराज हैं? जानें बातचीत में उन्होंने क्या कहा

क्या निशु आज़ाद के कथित धार्मिक बयानों से पड़ोसी महिला भी नाराज हैं? जानें बातचीत में उन्होंने क्या कहा

निशु आज़ाद पर पड़ोसी महिला ने साधा निशाना

Nishu Azad Controversy: निशु आज़ाद से जुड़े विवाद के बीच एक वीडियो सामने आया है, जिसमें ‘खबर इंडिया’ के पत्रकार रोही चत्री को दिल्ली के विक्रम एंक्लेव स्थित उस सोसाइटी में स्थानीय लोगों से बातचीत करते हुए देखा जा सकता है, जहां निशु आज़ाद के रहने की बात कही गई है। बातचीत के दौरान एक महिला पड़ोसी ने निशु आज़ाद की कथित टिप्पणियों और उनके सार्वजनिक बयानों को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी।वीडियो में पत्रकार ने बताया कि वह सोसाइटी के लोगों से यह जानने के लिए बातचीत करने पहुंचे हैं कि स्थानीय लोग निशु आज़ाद को लेकर चल रहे विवाद को किस नजरिए से देखते हैं।

पड़ोसी महिला ने निशु की उम्र का किया जिक्र

बातचीत के दौरान महिला पड़ोसी ने दावा किया कि निशु आज़ाद कुछ दिन पहले ही वहां आई हैं। महिला ने उनके कथित बयानों का जिक्र करते हुए कहा कि अगर कोई व्यक्ति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या मां सरस्वती को लेकर आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करता है, तो उसकी उम्र और समझ को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।महिला के मुताबिक, निशु की उम्र काफी कम है और वह अभी बहुत छोटी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनके अनुसार इतनी कम उम्र में व्यक्ति कई बार उन लोगों की बातों को दोहरा सकता है, जिनके प्रभाव में वह रहता है।

Nishu Azad Controversy: ‘शिक्षा होती तो ऐसी टिप्पणी नहीं करतीं’

महिला पड़ोसी ने आगे निशु की शिक्षा और समझ पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि यदि कोई व्यक्ति शिक्षित है और ज्ञान की देवी मां सरस्वती के प्रति आस्था रखता है, तो उसके बारे में इस तरह की टिप्पणी नहीं करनी चाहिए।उन्होंने कहा कि मां सरस्वती को हिंदू समाज में ज्ञान की देवी माना जाता है और लोग उनकी पूजा तथा आराधना करते हैं। ऐसे में उनके प्रति कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर महिला ने असहमति जताई।

पत्रकार ने धार्मिक टिप्पणियों को लेकर उठाया सवाल

वीडियो में पत्रकार रोही चत्री ने निशु आज़ाद द्वारा हिंदू धर्म और धार्मिक आस्थाओं को लेकर कथित तौर पर की गई टिप्पणियों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि अलग-अलग धर्मों की मान्यताओं को लेकर सवाल उठाने के मामले में समान दृष्टिकोण होना चाहिए।पत्रकार ने यह भी कहा कि निशु आज़ाद और स्वतंत्र भारतद्वाज से जुड़े विवादों के बीच सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर लगातार अलग-अलग दावे और आरोप सामने आते रहे हैं। इसी संदर्भ में उन्होंने सवाल उठाया कि धार्मिक भावनाओं से जुड़े मुद्दों पर प्रतिक्रिया देने का पैमाना सभी के लिए एक जैसा होना चाहिए या नहीं।

Nishu Azad Controversy: ‘विक्टिम कार्ड’ को लेकर भी चर्चा

बातचीत में पत्रकार ने कथित तौर पर ‘विक्टिम कार्ड’ के इस्तेमाल का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने सवाल किया कि यदि किसी व्यक्ति की धार्मिक टिप्पणियों पर आपत्ति जताई जाती है, तो क्या उसके बाद पूरे मामले को केवल उत्पीड़न या भेदभाव के नजरिए से देखा जाना चाहिए।उन्होंने यह भी कहा कि दलितों के खिलाफ होने वाले अत्याचार एक गंभीर सामाजिक मुद्दा हैं, लेकिन किसी भी विवाद को समझने के लिए उसके सभी पहलुओं पर चर्चा जरूरी है।

सोसाइटी में मंदिर का भी किया जिक्र

पत्रकार ने विक्रम एंक्लेव की सोसाइटी में मौजूद मंदिर का भी उल्लेख किया। वीडियो में वह मंदिर को दिखाते हुए कहते हैं कि सोसाइटी में रहने वाले कई लोग यहां पूजा-अर्चना करते हैं।इसी संदर्भ में उन्होंने निशु आज़ाद की कथित धार्मिक टिप्पणियों को लेकर सवाल खड़ा किया और कहा कि यदि किसी धर्म की आस्था पर सवाल उठाए जाते हैं, तो क्या दूसरे धर्मों के बारे में भी इसी तरह की टिप्पणियां करने की स्वतंत्रता समान रूप से मौजूद है।

Nishu Azad Controversy: पत्थर फेंके जाने के दावे का भी जिक्र

वीडियो में पत्रकार ने निशु आज़ाद की ओर से अपने घर पर पत्थर फेंके जाने के कथित आरोप का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस दावे के बाद विवाद और अधिक चर्चा में आया है।हालांकि, वीडियो में इस घटना के संबंध में किसी स्वतंत्र जांच, पुलिस की पुष्टि या अन्य पक्ष का विस्तृत बयान सामने नहीं आता। इसलिए पत्थर फेंके जाने के दावे की स्वतंत्र पुष्टि इस वीडियो के आधार पर नहीं की जा सकती।

विवाद के बीच सामने आया पड़ोसी का बयान

पूरी बातचीत में पड़ोसी महिला ने निशु आज़ाद के कथित बयानों पर अपनी नाराजगी जाहिर की। वहीं पत्रकार ने धार्मिक आस्था, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और कथित पीड़ित होने के दावों को लेकर सवाल उठाए।फिलहाल, इस वीडियो में दिखाई गई बातचीत स्थानीय लोगों और पत्रकार के बीच हुई चर्चा पर आधारित है। निशु आज़ाद की ओर से इन टिप्पणियों पर क्या प्रतिक्रिया है या उनके कथित बयानों का पूरा संदर्भ क्या है, यह इस वीडियो में स्पष्ट नहीं किया गया है।

ये भी पढ़ें…अमेरिका का 5 ईरानी टैंकरों पर हमला: ईरान ने 20 मिसाइलें दागीं, 10 जहाजों पर हमले का दावा