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19-year-old uses AI: अमृतसर से भटककर बिहार पहुंचे बुजुर्ग, 19 वर्षीय युवक ने AI से खोजा परिवार

19-year-old uses AI:

19-year-old uses AI: पंजाब के फतेहगढ़ गुजरां गांव के बुजुर्ग चमन लाल तीर्थ यात्रा के दौरान परिवार से बिछड़ गए और गलती से बिहार जाने वाली ट्रेन में बैठ गए। वह गया जिले पहुंच गए, जहां 19 वर्षीय नीरज कुमार ने उनकी मदद की। नीरज ने AI और गूगल की मदद से बुजुर्ग के गांव का पता लगाया और उन्हें परिवार से मिलाने के लिए खुद पंजाब पहुंचा।

19-year-old uses AI: तीर्थ यात्रा के दौरान जत्थे से बिछड़े चमन लाल-

चमन लाल 11 सितंबर को मुख्यमंत्री तीर्थ योजना के तहत श्री हरमंदिर साहिब, अमृतसर की यात्रा पर गए थे। इसी दौरान वह अपने जत्थे से अलग हो गए और गलती से बिहार जाने वाली ट्रेन में सवार हो गए। इसके बाद वह गया जिले पहुंच गए। परिवार ने उनकी तलाश शुरू की और सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीर साझा करने के साथ पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई।

19-year-old uses AI: बिहार में 19 वर्षीय नीरज ने की बुजुर्ग की मदद-

गया में भटक रहे चमन लाल की मुलाकात 19 वर्षीय नीरज कुमार से हुई। चमन लाल की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी और वह नीरज को सिर्फ अपने गांव का नाम फतेहगढ़ गुजरां बता पा रहे थे। नीरज उन्हें अपने घर ले गया, जहां उसने बुजुर्ग को खाना-पानी दिया और उनकी देखभाल की।

AI की मदद से चार दिन में खोजा गांव-

नीरज ने लगातार चार दिनों तक गूगल और दूसरी AI तकनीक की मदद से फतेहगढ़ गुजरां गांव की लोकेशन तलाश की। आखिरकार उसे पता चला कि यह गांव पंजाब के लुधियाना जिले में माछीवाड़ा साहिब के पास स्थित है। इसके बाद नीरज ने चमन लाल को अपने साथ लिया और ट्रेन से लुधियाना पहुंच गया।

स्थानीय लोगों की मदद से परिवार तक पहुंचे-

लुधियाना पहुंचने के बाद नीरज चमन लाल को माछीवाड़ा साहिब लेकर गया। वहां उसने स्थानीय लोगों को बुजुर्ग की तस्वीर दिखाई और उनके गांव व परिवार का पता लगाने की कोशिश की। माछीवाड़ा में मास्टर कृष्ण लाल ने चमन लाल को पहचान लिया। उन्होंने बताया कि वह फतेहगढ़ गुजरां के रहने वाले हैं और तीर्थ यात्रा के दौरान लापता हो गए थे। इसके बाद उनके परिवार को सूचना दी गई।

दादा को देखकर भावुक हुआ पोता-

सूचना मिलते ही चमन लाल का पोता सुखचैन सिंह उन्हें लेने पहुंचा। लंबे समय बाद अपने दादा को सामने देखकर वह भावुक हो गया और उन्हें गले लगा लिया। सुखचैन सिंह ने 19 वर्षीय नीरज कुमार के पैर छूकर उसका आभार जताया। उन्होंने कहा कि नीरज की निस्वार्थ मदद के कारण ही उनके दादा सुरक्षित परिवार के पास लौट सके।

परिवार ने नीरज का किया सम्मान-

चमन लाल का परिवार नीरज को अपने घर ले गया और उसकी खातिरदारी की। परिवार ने बुजुर्ग को सुरक्षित वापस पहुंचाने के लिए नीरज का धन्यवाद किया। नीरज की मदद और इंसानियत की इस कहानी की स्थानीय स्तर पर काफी सराहना हो रही है

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