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Delhi SIR: पूर्व जज से लेकर मनीष सिसोदिया तक को नोटिस, 33 लाख वोटर जांच के दायरे में

Delhi SIR Notices:
Prabhasakshi

Delhi SIR Notices: दिल्ली में मतदाता सूची के चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) के बीच कई प्रमुख लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और उनके परिवार के सदस्य भी शामिल हैं। अधिकारियों के मुताबिक, नोटिस मतदाता रिकॉर्ड में सामने आई विसंगतियों या पुराने रिकॉर्ड से मैपिंग नहीं होने के कारण जारी किए गए हैं।

Delhi SIR Notices: SIR में क्यों भेजे जा रहे हैं नोटिस-

SIR के दौरान मौजूदा मतदाता जानकारी को पुराने चुनावी रिकॉर्ड से मिलाया जा रहा है। जिन रिकॉर्ड में पुरानी सूची से मैपिंग नहीं हो पाई या जानकारी में विसंगति मिली, उन्हें सत्यापन के लिए नोटिस भेजा जा रहा है। महत्वपूर्ण बात यह है कि नोटिस मिलने का मतलब मतदाता को अयोग्य घोषित करना या उसका नाम निश्चित रूप से हटाना नहीं है। संबंधित अधिकारी दस्तावेज और जवाब देखने के बाद आगे का फैसला करते हैं।

Delhi SIR Notices: मनीष सिसोदिया और परिवार को भी नोटिस-

पूर्व दिल्ली उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, उनकी पत्नी सीमा सिसोदिया और बेटे मीर सिसोदिया को भी SIR के तहत नोटिस जारी किए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, सिसोदिया के नोटिस में कारण स्पष्ट नहीं किया गया है। वहीं मीर सिसोदिया के मामले में माता-पिता के नाम से जुड़ी विसंगति और सीमा सिसोदिया के मामले में नाम में अंतर का उल्लेख किया गया है।

कई बड़े नाम भी जांच के दायरे में-

दिल्ली SIR के तहत कई प्रमुख नेताओं और अधिकारियों के रिकॉर्ड की भी जांच हुई है। रिपोर्टों के मुताबिक, पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, अरविंद केजरीवाल, रेखा गुप्ता समेत कई प्रमुख मतदाताओं को भी नोटिस मिले हैं।

33 लाख से ज्यादा वोटरों को नोटिस-

दिल्ली में करीब 33.13 लाख मतदाताओं को ‘नो मैपिंग’ या ‘लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी’ जैसी श्रेणियों के तहत नोटिस जारी किए गए हैं। चुनावी अधिकारियों ने बताया है कि दस्तावेज और तथ्यों के सत्यापन के बाद पात्र मतदाताओं के नाम अंतिम सूची में शामिल किए जाएंगे। वहीं 31 अगस्त को जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में करीब 47.56 लाख नाम कम पाए गए थे। इन मतदाताओं के लिए दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की प्रक्रिया जारी है।

सुप्रीम कोर्ट में 22 सितंबर को सुनवाई-

दिल्ली SIR को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दाखिल की गई है। अदालत 22 सितंबर 2026 को नोटिस और मतदाता रिकॉर्ड को चिह्नित करने के मानदंडों से जुड़े मामले पर सुनवाई करेगी। याचिका में नोटिस पाने वाले मतदाताओं के नाम और उन्हें नोटिस जारी करने के कारणों को सार्वजनिक करने की मांग की गई है।

कब आएगी दिल्ली की फाइनल वोटर लिस्ट-

ड्राफ्ट वोटर लिस्ट पर दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की प्रक्रिया 30 सितंबर तक चलेगी। नोटिस से जुड़े मामलों का निपटारा 29 अक्टूबर तक किए जाने का कार्यक्रम है, जबकि दिल्ली की अंतिम मतदाता सूची 4 नवंबर 2026 को जारी की जानी है।

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