Hamid Ansari Controversy: पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी की हालिया टिप्पणी को लेकर सियासी विवाद गहराता जा रहा है। दिल्ली में आयोजित ए.जी. नूरानी मेमोरियल लेक्चर में अंसारी द्वारा हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता और राष्ट्रवाद को लेकर की गई टिप्पणी पर भाजपा नेताओं और हिंदू सेना ने आपत्ति जताई है। अब हिंदू सेना ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर अंसारी को दिया गया पद्म श्री सम्मान वापस लेने की मांग की है।
नूरानी की किताब के हवाले से क्या बोले हामिद अंसारी?
विवाद की शुरुआत ए.जी. नूरानी मेमोरियल लेक्चर में हामिद अंसारी के संबोधन से हुई। उन्होंने ए.जी. नूरानी की किताब The RSS: A Menace to India का उल्लेख करते हुए जवाहरलाल नेहरू की एक पुरानी टिप्पणी का हवाला दिया। अंसारी के मुताबिक, नेहरू ने भारत के लिए कम्युनिज्म की तुलना में ‘हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता’ को बड़ा खतरा बताया था। उन्होंने इसी संदर्भ में भारत में राष्ट्रवाद को लेकर चल रही बहस और ‘सिविक नेशनलिज्म’ तथा ‘कल्चरल नेशनलिज्म’ के बीच अंतर का भी जिक्र किया।
Hamid Ansari Controversy: हिंदू सेना ने अमित शाह से क्या मांग की?
हामिद अंसारी के बयान के बाद हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता ने गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा। संगठन ने अंसारी के पुराने बयानों और हालिया टिप्पणी की जांच कराने की मांग की है। हिंदू सेना का कहना है कि यदि जांच में संगठन की ओर से लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो अंसारी से पद्म श्री सम्मान वापस लेने की कार्रवाई की जानी चाहिए। हालांकि, अभी तक केंद्र सरकार की ओर से इस मांग पर कोई सार्वजनिक फैसला सामने नहीं आया है।
भाजपा नेताओं ने भी उठाए सवाल
अंसारी की टिप्पणी को लेकर भाजपा नेताओं की ओर से भी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। भाजपा सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने उनके बयान पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस की विचारधारा को लेकर निशाना साधा। वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी अंसारी की टिप्पणी की आलोचना की। भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन ने भी बयान को लेकर असहमति जताई और अंसारी से माफी की मांग की।

Hamid Ansari Controversy: मुस्लिम नेताओं की प्रतिक्रिया भी आई
विवाद के बीच मुस्लिम समुदाय से जुड़े कुछ नेताओं और संगठनों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन से जुड़े नेताओं ने किसी भी तरह की कट्टरता और दूसरे समुदाय के खिलाफ नफरत से बचने की अपील की। साथ ही सामाजिक सौहार्द बनाए रखने पर जोर दिया गया।
बयान से शुरू विवाद पहुंचा पद्म श्री तक
हामिद अंसारी की टिप्पणी को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक बयानबाजी से आगे बढ़कर पद्म श्री सम्मान वापस लेने की मांग तक पहुंच गया है। फिलहाल यह मांग हिंदू सेना की ओर से की गई है और इस पर केंद्र सरकार का कोई फैसला सामने नहीं आया है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि केंद्र सरकार इस मांग पर क्या रुख अपनाती है और हामिद अंसारी की टिप्पणी को लेकर जारी राजनीतिक विवाद किस दिशा में आगे बढ़ता है।
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