Bhopal News: स्वामी विवेकानंद के विश्वबंधुत्व, मानवता और सह-अस्तित्व के संदेश से प्रेरणा लेते हुए IIIT भोपाल के अरुणोदय क्लब ने सामाजिक सेवा की पहल की। क्लब ने AIIMS भोपाल के सहयोग से 23 सितंबर को संस्थान के NTB ब्लॉक में रक्तदान शिविर आयोजित किया। शिविर में विद्यार्थियों और शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। इस दौरान 150 से अधिक लोगों ने रक्तदान किया, जबकि 265 से ज्यादा लोगों ने रक्तदान के लिए पंजीयन कराया।
विश्वबंधुत्व के संदेश को सेवा से जोड़ा
अरुणोदय क्लब के अध्यक्ष हर्ष गोयल ने बताया कि स्वामी विवेकानंद के ऐतिहासिक शिकागो भाषण में मानवता, सह-अस्तित्व और विश्वबंधुत्व का संदेश पूरी दुनिया तक पहुंचा था। इसी विचार को व्यवहार में उतारने के उद्देश्य से रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य केवल रक्त संग्रह करना नहीं, बल्कि युवाओं में सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना भी है।
Bhopal News: 150 से ज्यादा लोगों ने किया रक्तदान
रक्तदान शिविर में IIIT भोपाल के विद्यार्थियों और शिक्षकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। बड़ी संख्या में पंजीयन होने के बाद विद्यार्थियों में रक्तदान को लेकर उत्साह देखने को मिला। 265 से अधिक पंजीयन और 150 से ज्यादा रक्तदान इस पहल में युवाओं की भागीदारी को दर्शाते हैं। AIIMS भोपाल के सहयोग से आयोजित इस शिविर के जरिए जरूरतमंदों के लिए रक्त उपलब्ध कराने की दिशा में भी योगदान दिया गया।

युवाओं को जिम्मेदारी का अवसर
क्लब संयोजक डॉ. सोनल चंदेल ने कहा कि युवाओं के पास ऊर्जा और सामर्थ्य दोनों हैं। रक्तदान जैसे प्रयास उन्हें अपनी जिम्मेदारी को केवल विचारों तक सीमित न रखकर उसे धरातल पर उतारने का अवसर देते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियों से विद्यार्थियों में सेवा, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को बढ़ावा मिलता है।
Bhopal News: सेवा और मानवता का दिया संदेश
अरुणोदय क्लब की इस पहल ने स्वामी विवेकानंद के विचारों को सामाजिक सेवा से जोड़ने का प्रयास किया। रक्तदान करने वाले विद्यार्थियों ने मानवता और सहयोग की भावना का संदेश दिया। शिविर के माध्यम से यह भी सामने आया कि युवा शिक्षा और करियर के साथ सामाजिक जिम्मेदारियों में भी सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं। IIIT भोपाल में आयोजित इस पहल ने विद्यार्थियों को सेवा के कार्य से जोड़ने के साथ रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने का काम किया।









