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सीएम योगी का सपा पर तीखा हमला, बोले-“देख सपाई, बिटिया घबराई” के दौर को याद करें

Kanpur Women Safety:
UP News: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार, 23 सितंबर को लखनऊ में एक कार्यक्रम के दौरान समाजवादी पार्टी की पिछली सरकार पर कानून-व्यवस्था और बेटियों की सुरक्षा समेत कई मुद्दों को लेकर निशाना साधा।

सीएम योगी ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में गुंडे और अपराधियों का बोलबाला था और उनके कारण लोगों के बीच असुरक्षा का माहौल बना हुआ था। उन्होंने उस दौर को याद दिलाते हुए कहा कि उस समय “देख सपाई, बिटिया घबराई” जैसी कहावत चर्चा में थी। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कई परिवार अपनी बेटियों की सुरक्षा को लेकर चिंतित रहते थे।

बेटियों की पढ़ाई को लेकर भी उठाए सवाल

योगी आदित्यनाथ ने दावा किया कि पिछली सरकार के दौरान कई जिलों में बेटियों की पढ़ाई के लिए सुरक्षित माहौल और जरूरी सुविधाओं की कमी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूल और कॉलेज जाने वाली छात्राओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ता था।

UP News :गरीबों के राशन और जमीन पर भी हमला

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले सरकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक सही तरीके से नहीं पहुंच पाता था। उनके मुताबिक, बिचौलियों और दबंगों पर गरीबों के राशन और पेंशन को लेकर गड़बड़ी के आरोप लगते थे। उन्होंने जमीनों पर कब्जे और अराजकता का भी मुद्दा उठाया।

कानून-व्यवस्था में बदलाव का दावा

योगी ने कहा कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में त्योहारों के दौरान उपद्रव रोकने पर जोर दिया गया और उन्होंने प्रदेश को “कर्फ्यू मुक्त, दंगा मुक्त और कब्जा मुक्त” बनाने का दावा किया। मुख्यमंत्री ने इस बदलाव में सरकार और समाज के साथ मिलकर काम करने की भूमिका भी बताई।

UP News :इंसेफ्लाइटिस पर भी गिनाए आंकड़े

पूर्वी उत्तर प्रदेश में इंसेफ्लाइटिस के मुद्दे पर भी मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि 2017 से पहले यह बीमारी बड़ी समस्या थी, जबकि उनकी सरकार ने इसके नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य, स्वच्छता और जागरूकता से जुड़े कदम उठाए। उत्तर प्रदेश सरकार की प्रकाशित सामग्री के मुताबिक, AES और JE से होने वाली मौतों में पिछले वर्षों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।

मुख्यमंत्री के इस बयान के साथ ही 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर उत्तर प्रदेश में सपा और भाजपा के बीच कानून-व्यवस्था और शासन के रिकॉर्ड पर राजनीतिक बहस एक बार फिर तेज होती दिखाई दे रही है।

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