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कौन हैं चंद्रशेखर? MP BJP में मिली बड़ी जिम्मेदारी, मोदी के वाराणसी चुनाव से राजस्थान-तेलंगाना तक ऐसा रहा सफर

BJP MP Chandrashekhar: मध्य प्रदेश भाजपा को करीब आठ महीने बाद पूर्णकालिक प्रदेश महामंत्री (संगठन) मिल गया है। केंद्रीय संगठन की ओर से जारी नियुक्तियों में चंद्रशेखर को यह जिम्मेदारी दी गई है। उनका केंद्र भोपाल रहेगा और अब वे प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के साथ मिलकर पार्टी संगठन का काम संभालेंगे।

चंद्रशेखर की नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब भाजपा के संगठन महामंत्री का पद जनवरी 2026 से खाली था। इससे पहले हितानंद शर्मा की आरएसएस में वापसी के बाद यह जिम्मेदारी पूर्णकालिक रूप से किसी को नहीं दी गई थी। इस अवधि में क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के संगठनात्मक कामकाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे।

लेकिन मध्य प्रदेश की जिम्मेदारी मिलने के बाद सबसे ज्यादा चर्चा चंद्रशेखर के नाम और उनके पुराने संगठनात्मक अनुभव को लेकर है। आखिर कौन हैं चंद्रशेखर और उनका सफर किस तरह मध्य प्रदेश तक पहुंचा?

बांदा से शुरू हुआ संघ का सफर

चंद्रशेखर मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के रहने वाले हैं। उनका संगठनात्मक सफर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से शुरू हुआ। वे संघ के प्रचारक के रूप में काम कर चुके हैं और काशी क्षेत्र के साथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी संगठनात्मक जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। संघ में काम करते हुए उन्होंने जमीनी संगठन, कार्यकर्ताओं के नेटवर्क और अलग-अलग स्तरों पर समन्वय से जुड़े काम किए। यही अनुभव आगे चलकर भाजपा में उनकी भूमिका का आधार बना।

BJP MP Chandrashekhar: 2014 में वाराणसी से जुड़ा अहम पड़ाव

चंद्रशेखर के संगठनात्मक सफर में वर्ष 2014 एक महत्वपूर्ण पड़ाव रहा। उस साल नरेंद्र मोदी ने वाराणसी लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था। चंद्रशेखर की वाराणसी में संगठनात्मक भूमिका रही थी। यह वही दौर था जब भाजपा ने बूथ स्तर से लेकर क्षेत्रीय संगठन तक चुनावी अभियान को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाया था। चंद्रशेखर को इस पूरे संगठनात्मक अनुभव का हिस्सा माना जाता है।

राजस्थान में करीब छह साल की जिम्मेदारी

वाराणसी और उत्तर प्रदेश के संगठनात्मक अनुभव के बाद चंद्रशेखर को राजस्थान में बड़ी जिम्मेदारी मिली। सितंबर 2017 में उन्हें राजस्थान भाजपा का प्रदेश महामंत्री (संगठन) बनाया गया। यहां उन्होंने करीब छह साल तक संगठन की जिम्मेदारी संभाली। इस दौरान उनका काम प्रदेश संगठन, कार्यकर्ताओं और पार्टी की अलग-अलग इकाइयों के बीच समन्वय से जुड़ा रहा। राजस्थान में लंबे समय तक संगठन संभालने के बाद 2023 के विधानसभा चुनाव के बाद उनकी जिम्मेदारी बदली गई।

BJP MP Chandrashekhar: राजस्थान के बाद तेलंगाना की जिम्मेदारी

जनवरी 2024 में चंद्रशेखर को तेलंगाना भाजपा का प्रदेश महामंत्री (संगठन) बनाया गया। यानी अब तक उनका संगठनात्मक अनुभव केवल उत्तर भारत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने दक्षिण भारत के अलग राजनीतिक और सामाजिक माहौल वाले राज्य में भी पार्टी संगठन संभाला। तेलंगाना में करीब ढाई साल संगठनात्मक जिम्मेदारी निभाने के बाद अब उन्हें मध्य प्रदेश भेजा गया है। इस तरह उनके सफर को मोटे तौर पर देखें तो क्रम कुछ ऐसा बनता है—बांदा से संघ, काशी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश, 2014 का वाराणसी अनुभव, राजस्थान, तेलंगाना और अब मध्य प्रदेश।

मध्य प्रदेश में क्यों महत्वपूर्ण है यह नियुक्ति?

प्रदेश महामंत्री (संगठन) भाजपा में सामान्य राजनीतिक पद से अलग प्रकृति की जिम्मेदारी है। इसका मुख्य फोकस पार्टी के संगठनात्मक ढांचे, कार्यकर्ताओं और जमीनी नेटवर्क के संचालन पर रहता है। मध्य प्रदेश में चंद्रशेखर के सामने भी सबसे पहले संगठन को प्रदेश से लेकर बूथ स्तर तक सक्रिय रखने की चुनौती होगी। इसके साथ जिला और मंडल स्तर की गतिविधियां, कार्यकर्ताओं के साथ संवाद और संगठन के विभिन्न हिस्सों के बीच तालमेल भी उनके काम का हिस्सा होंगे।

प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के साथ समन्वय भी आने वाले समय में महत्वपूर्ण रहेगा। संगठन और सरकार के बीच तालमेल, पार्टी के कार्यक्रमों को जमीन तक पहुंचाना और भविष्य की चुनावी तैयारियों के लिए संगठन को व्यवस्थित रखना उनके सामने प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल रहेगा।

BJP MP Chandrashekhar
                                                                BJP MP Chandrashekhar
BJP MP Chandrashekhar: हितानंद शर्मा के बाद खाली था पद

चंद्रशेखर की नियुक्ति को समझने के लिए पिछले कुछ महीनों की संगठनात्मक स्थिति को भी देखना जरूरी है। 31 जनवरी 2026 को हितानंद शर्मा की आरएसएस में वापसी के बाद मध्य प्रदेश भाजपा के प्रदेश महामंत्री (संगठन) का पद खाली हो गया था। हितानंद को संघ के मध्य क्षेत्र का सह-बौद्धिक प्रमुख बनाया गया और उनका केंद्र जबलपुर तय किया गया। इसके बाद करीब आठ महीने तक प्रदेश भाजपा को पूर्णकालिक संगठन महामंत्री नहीं मिला।अब चंद्रशेखर की नियुक्ति के साथ यह व्यवस्था फिर से पूर्णकालिक हो गई है।

अब असली परीक्षा मध्य प्रदेश में

चंद्रशेखर का अब तक का सफर अलग-अलग राज्यों में संगठन संभालने का रहा है। उत्तर प्रदेश में संघ का अनुभव, 2014 में वाराणसी का चुनावी संगठन, राजस्थान में करीब छह साल और तेलंगाना में ढाई साल की जिम्मेदारी के बाद मध्य प्रदेश उनके लिए नया संगठनात्मक पड़ाव है।

मध्य प्रदेश में उन्हें ऐसे संगठन के साथ काम करना होगा, जिसकी अपनी मजबूत जमीनी संरचना है और जहां प्रदेश से लेकर बूथ स्तर तक पार्टी की गतिविधियां लगातार चलती रहती हैं। इसलिए अब नजर इस बात पर रहेगी कि चंद्रशेखर अपनी पुरानी संगठनात्मक कार्यशैली को मध्य प्रदेश की राजनीतिक और सामाजिक परिस्थितियों के हिसाब से किस तरह आगे बढ़ाते हैं।

बांदा से शुरू हुआ सफर अब भोपाल पहुंच गया है। संघ प्रचारक से लेकर अलग-अलग राज्यों में संगठन की जिम्मेदारी संभालने तक चंद्रशेखर ने पर्दे के पीछे संगठनात्मक भूमिका निभाई है। अब मध्य प्रदेश भाजपा में उनकी नई जिम्मेदारी यह तय करेगी कि उनका अनुभव राज्य के संगठनात्मक ढांचे में किस तरह दिखाई देता है।

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