गंगटोक: सिक्किम में भारी बारिश के बीच एक बार फिर भूस्खलन ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। पश्चिम सिक्किम के रिंबी गांव में लगातार बारिश के बाद पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा खिसक गया, जिसके बाद मिट्टी, पत्थर और मलबा नीचे की ओर आ गया। इसकी चपेट में कई घर, सरकारी क्वार्टर और दूसरी संपत्तियां आई हैं। राहत की बात है कि फिलहाल किसी की मौत की सूचना नहीं है। रिंबी में पहले से ही भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। ऐसे में ताजा घटना के बाद प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों पर निगरानी बढ़ा दी है और लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
रात की बारिश के बाद बिगड़े हालात
ताजा भूस्खलन शुक्रवार को लगातार बारिश के बीच हुआ। पहाड़ी से अचानक मलबा नीचे आने लगा और आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। रिंबी पश्चिम सिक्किम के युक्सोम-ताशीडिंग विधानसभा क्षेत्र में आता है। भूस्खलन के कारण आसपास रहने वाले लोगों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है, क्योंकि बारिश जारी रहने पर जमीन के दोबारा खिसकने का खतरा बना हुआ है।
कई घर और सरकारी इमारतें प्रभावित
भूस्खलन का असर रिहायशी इलाकों पर भी पड़ा है। कई घरों और संपत्तियों को नुकसान पहुंचा है, जबकि सरकारी क्वार्टर भी मलबे की चपेट में आए हैं। अधिकारियों के सामने फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती प्रभावित इलाकों में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और नुकसान का सही आकलन करना है। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

रिंबी में पहले से बना हुआ है भूस्खलन का खतरा
रिंबी में यह पहली बार नहीं है जब भूस्खलन ने लोगों की मुश्किल बढ़ाई हो। सितंबर में भी यहां लगातार जमीन खिसकने की घटनाएं सामने आई थीं। सिक्किम सरकार ने इससे पहले रिंबी और सिंगलिताम इलाके में सक्रिय भूस्खलन की स्थिति को देखते हुए कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया था। 14 सितंबर के आकलन के बाद रिंबी में 28 घरों के 128 लोगों को एहतियात के तौर पर सुरक्षित जगह पर शिफ्ट किया गया था। प्रशासन ने यह भी बताया था कि मलबा नाले के रास्ते नीचे की ओर बह रहा है और भारी बारिश के दौरान स्थिति और गंभीर हो सकती है। लोगों को सक्रिय भूस्खलन वाले हिस्सों, मलबे वाले क्षेत्रों और नदी-नालों के पास जाने से बचने की सलाह दी गई थी।
सड़क संपर्क पर भी मंडरा रहा खतरा
रिंबी में भूस्खलन का असर सिर्फ घरों तक सीमित नहीं है। इससे सड़क संपर्क भी प्रभावित हुआ है। सरकारी जानकारी के मुताबिक, इलाके में पहले हुए भूस्खलन के कारण सड़क को नुकसान पहुंचा था और संपर्क बहाल करने के लिए प्रशासन तथा संबंधित विभागों को लगातार काम करना पड़ा। सितंबर की शुरुआत में रिंबी के पास मलबे और पानी के तेज बहाव से गेजिंग-पेलिंग-युक्सोम मार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ था। बाद में संबंधित विभागों और राहत टीमों की मदद से सड़क को दोबारा चालू किया गया।
लोगों को सुरक्षित जगह जाने की सलाह
बारिश के दौरान प्रशासन लगातार लोगों से सतर्क रहने की अपील कर रहा है। खासकर उन परिवारों को ज्यादा सावधानी बरतने को कहा गया है, जिनके घर भूस्खलन की चपेट में आने वाले क्षेत्रों के आसपास हैं।सिक्किम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने लोगों को सक्रिय भूस्खलन वाले इलाकों से दूर रहने, बारिश के दौरान नदियों और नालों के पास नहीं जाने और खतरा बढ़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।
बारिश बढ़ी तो और बिगड़ सकती है स्थिति
पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के दौरान जमीन के भीतर पानी का दबाव बढ़ने से भूस्खलन का खतरा बढ़ जाता है। रिंबी में पहले से कमजोर इलाकों को देखते हुए ताजा घटना ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।अधिकारियों की नजर अब इस बात पर है कि बारिश के अगले दौर में स्थिति कैसी रहती है और क्या किसी अन्य संवेदनशील हिस्से में भी जमीन खिसकने की घटना सामने आती है।
फिलहाल किसी की जान नहीं गई
ताजा भूस्खलन में अब तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन कई घरों और सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचा है। प्रशासन प्रभावित इलाकों की स्थिति का जायजा ले रहा है और लोगों को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। रिंबी में पहले से जारी भूस्खलन की घटनाओं को देखते हुए आने वाले दिनों में बारिश के दौरान अतिरिक्त सतर्कता जरूरी होगी। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित परिवारों की सुरक्षा, नुकसान का आकलन और इलाके में जरूरी संपर्क व्यवस्था बनाए रखना है।
ये भी पढ़ें…UN में पत्रकार के सवालों से बचते नजर आए शहबाज शरीफ, जवाब दिए बिना मुख्यालय से निकले पाकिस्तानी PM









