Indira Gandhi: चुनाव आयोग और वोटर लिस्ट में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर चल रही सियासी बहस के बीच राहुल गांधी ने एंटी-इनकंबेंसी को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का उदाहरण देते हुए कहा कि भारतीय राजनीति में सत्ता के खिलाफ असंतोष का असर देखने को मिलता रहा है। राहुल ने सवाल किया कि जब इंदिरा गांधी जैसी लोकप्रिय नेता के खिलाफ भी एंटी-इनकंबेंसी दिखी थी, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी के खिलाफ वैसा माहौल क्यों दिखाई नहीं देता? राहुल के इस बयान पर बीजेपी ने कांग्रेस के पुराने चुनावी रिकॉर्ड का हवाला देते हुए पलटवार किया।
राहुल गांधी ने इंदिरा गांधी का उदाहरण क्यों दिया?
राहुल गांधी ने एंटी-इनकंबेंसी को भारतीय राजनीति की एक महत्वपूर्ण ताकत बताते हुए इंदिरा गांधी का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि 1971 के बांग्लादेश युद्ध में जीत के बाद इंदिरा गांधी की लोकप्रियता काफी बढ़ी थी। इसके बावजूद कुछ वर्षों के भीतर उनकी सरकार को राजनीतिक विरोध और एंटी-इनकंबेंसी का सामना करना पड़ा। राहुल का तर्क था कि लंबे समय तक सत्ता में रहने वाली सरकारों के खिलाफ आमतौर पर असंतोष पैदा होता है।
Indira Gandhi: मोदी सरकार को लेकर राहुल का सवाल
इसी संदर्भ में राहुल गांधी ने मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर सवाल उठाया। उनका कहना था कि बीजेपी और नरेंद्र मोदी लंबे समय से सत्ता में हैं, लेकिन उनके खिलाफ वैसी एंटी-इनकंबेंसी क्यों नहीं दिख रही, जैसी पहले की सरकारों के खिलाफ देखने को मिलती थी। उन्होंने कई राज्यों के चुनावी बदलावों का हवाला देते हुए कहा कि पहले सत्ता परिवर्तन का एक पैटर्न दिखाई देता था, लेकिन अब तस्वीर अलग नजर आती है।
BJP ने कांग्रेस के पुराने रिकॉर्ड से दिया जवाब
राहुल गांधी के बयान पर बीजेपी ने पलटवार करते हुए कांग्रेस के अलग-अलग राज्यों में लंबे समय तक सत्ता से बाहर रहने का रिकॉर्ड सामने रखा। बीजेपी की ओर से कहा गया कि अगर एंटी-इनकंबेंसी को ही राजनीतिक बदलाव का आधार माना जाए, तो कांग्रेस का इतिहास भी कई सवाल खड़े करता है। तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और बिहार समेत कई राज्यों का उदाहरण देते हुए कांग्रेस की चुनावी स्थिति पर सवाल उठाए गए।
Indira Gandhi: ‘एंटी-इनकंबेंसी’ पर आमने-सामने तर्क
इस विवाद में दोनों पक्ष एंटी-इनकंबेंसी को अलग-अलग तरीके से देख रहे हैं। राहुल गांधी का जोर इस बात पर है कि सत्ता में लंबे समय तक रहने के बावजूद बीजेपी के खिलाफ अपेक्षित राजनीतिक असंतोष क्यों दिखाई नहीं दे रहा। वहीं बीजेपी का तर्क है कि चुनावी राजनीति में किसी एक सिद्धांत को हर राज्य और हर चुनाव पर लागू नहीं किया जा सकता। अलग-अलग राज्यों में मतदाताओं का फैसला अलग मुद्दों पर निर्भर करता है।
SIR विवाद से जुड़ा है बयान
राहुल गांधी का यह बयान SIR को लेकर चल रहे विवाद के बीच आया है। वह चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग भी की है। चुनाव आयोग ने अपने फैसलों और प्रक्रिया को लेकर अपना पक्ष रखा है। ऐसे में SIR का मुद्दा राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।
Indira Gandhi: इंदिरा गांधी से मोदी तक पहुंची बहस
राहुल गांधी के बयान के बाद इंदिरा गांधी का नाम सोशल मीडिया पर भी चर्चा में आ गया। एक तरफ राहुल गांधी ने इंदिरा गांधी के उदाहरण से एंटी-इनकंबेंसी का सवाल उठाया, तो दूसरी तरफ बीजेपी ने कांग्रेस के चुनावी इतिहास को सामने रखकर जवाब दिया। इस तरह विवाद अब केवल SIR तक सीमित नहीं रहा, बल्कि भारतीय राजनीति में सत्ता, एंटी-इनकंबेंसी और लगातार चुनावी सफलता की बहस तक पहुंच गया है।
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