Shaheen Mosque Dispute: शाहीन मस्जिद में हुए विवाद के बाद खबर इंडिया की टीम पूरे मामले की पड़ताल के लिए ग्राउंड जीरो पर पहुंची। रिपोर्टर रोहित अत्री ने मौके पर मौजूद कुछ मुस्लिम युवकों से बातचीत कर घटना को समझने और उनका पक्ष जानने की कोशिश की। सवाल-जवाब के दौरान माहौल अचानक गरमा गया और कुछ युवकों ने रिपोर्टर के साथ तीखी बहस शुरू कर दी।
Shaheen Mosque Dispute: निकल जाओ यहां से’ सवाल पर भड़के युवक-
रोहित अत्री जब युवकों से बातचीत कर रहे थे, तभी एक युवक ने उनसे कहा, “कहां से कहा निकल जाओ यहां से।” इसके बावजूद रोहित ने बातचीत जारी रखी और विवाद से जुड़े सवाल पूछे। पत्थरबाजी को लेकर पूछे गए सवाल पर एक युवक ने कहा, “मस्जिद से नहीं हुई पत्थरबाजी।” वहीं, बातचीत में कुछ लोगों ने रात में हुए प्रदर्शन को लेकर कहा कि प्रदर्शन करने आए लोगों ने बाद में शहर काजी की बात मान ली। एक युवक ने कहा, “लोग आए अफवाह जो रात में प्रोटेस्ट किए उन्होंने बात मानी, शहर काजी की बात हमने मानी।” इसी दौरान बाहर से लोगों के आने का दावा भी किया गया।
Shaheen Mosque Dispute: ‘पत्थरबाजी क्या हमेशा अफवाह में ही होती है?’-
घटना को लेकर रोहित अत्री ने सीधे सवाल किया, “पत्थरबाजी क्या हमेशा अफवाह में ही होती है क्या?”
इस पर युवक ने जवाब दिया, “हां, उसी से होती है।”
बातचीत के दौरान एक दुकान चला रहे मौलाना ने पत्थरबाजी को लेकर कहा, “पत्थरबाजी हमेशा होती रहती है नॉर्मल है यार।” हालांकि, उन्होंने साथ ही इसे गलत भी बताया।
मंदिर-मस्जिद पर सवाल, कौम पूछने तक पहुंची बहस-
रोहित अत्री ने सवाल किया, “मंदिर में भी हटाए जा रहे फिर मस्जिद में पत्थर क्यों?”
इस पर एक युवक ने रिपोर्टर से उनकी कौम पूछते हुए कहा, “आपके हिंदू धर्म में यह सिखाया जाता होगा हमारे यहां ऐसा कुछ नहीं होता।”
इसके बाद बातचीत का माहौल और तनावपूर्ण हो गया। आरोप है कि युवक ने रोहित अत्री के माइक से छेड़छाड़ करने की कोशिश की। बाद में रिपोर्टर को अपशब्द कहे जाने का भी आरोप है।
मस्जिद की लाइट और कुरान को लेकर भी दावा-
बातचीत के दौरान एक युवक ने दिल्ली की घटना का जिक्र करते हुए दावा किया, “दिल्ली में किया गया मस्जिद को शहीद क्यों हुई लाइट बंद, कुरान को भी नहीं उठाने दिया गया।”
हालांकि, बातचीत में सामने आए इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि खबर इंडिया नहीं करता है।
सवालों से पीछे नहीं हटे रोहित अत्री-
तीखी नोकझोंक और कथित बदसलूकी के बावजूद रोहित अत्री ने मौके पर सवाल पूछना जारी रखा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पत्रकारिता में सवाल पूछना उनका दायित्व है और वे दबाव में पीछे नहीं हटेंगे।
रोहित अत्री ने कहा, “ना वो डरेंगे न झुकेंगे।”
शाहीन मस्जिद विवाद को लेकर मौके पर अलग-अलग पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे सामने आए हैं। ऐसे में पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र और तथ्यात्मक पुष्टि महत्वपूर्ण है।
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