IIT Bombay Faculty: IIT बॉम्बे में 1,225 स्वीकृत टीचिंग पद हैं, लेकिन 450 पद खाली हैं। सितंबर 2026 के RTI आंकड़ों के मुताबिक 412 प्रोफेसरों में सिर्फ 5 SC और 6 OBC वर्ग से हैं, जबकि ST वर्ग से कोई प्रोफेसर नहीं है। असिस्टेंट और एसोसिएट प्रोफेसर स्तर पर SC, ST और OBC शिक्षकों की संख्या इससे अधिक है।
IIT बॉम्बे में कुल कितने टीचिंग पद हैं?
IIT बॉम्बे देश के प्रमुख तकनीकी संस्थानों में शामिल है। यहां पढ़ने के साथ-साथ देशभर के शिक्षक भी फैकल्टी के तौर पर काम करने का लक्ष्य रखते हैं। ऐसे में संस्थान में अलग-अलग सामाजिक वर्गों का प्रतिनिधित्व भी चर्चा का विषय रहा है। सितंबर 2026 के RTI आंकड़ों के मुताबिक IIT बॉम्बे में टीचिंग स्टाफ के 1,225 पद स्वीकृत हैं। इनमें 775 पद भरे हुए हैं, जबकि 450 पद खाली हैं। यानी स्वीकृत पदों में करीब 37 फीसदी पद इस समय खाली हैं। RTI से मिली जानकारी में कुल 775 भरे पदों में 412 प्रोफेसर हैं।
IIT Bombay Faculty: प्रोफेसर स्तर पर SC, ST और OBC के कितने शिक्षक?
अब सबसे अहम सवाल- 412 प्रोफेसरों में आरक्षित वर्गों के कितने शिक्षक हैं? RTI के मुताबिक सितंबर 2026 में: SC के 5 प्रोफेसर, OBC के 6 प्रोफेसर, ST का 1 भी प्रोफेसर नहीं यानी 412 प्रोफेसरों में SC और OBC को मिलाकर 11 शिक्षक हैं। ST वर्ग से प्रोफेसर स्तर पर कोई शिक्षक दर्ज नहीं है। इसका मतलब यह नहीं है कि IIT बॉम्बे में ST वर्ग का कोई शिक्षक ही नहीं है। ST वर्ग के शिक्षक असिस्टेंट और एसोसिएट प्रोफेसर स्तर पर मौजूद हैं। फर्क यह है कि प्रोफेसर रैंक पर RTI में ST की संख्या शून्य दर्ज हुई है।
असिस्टेंट और एसोसिएट प्रोफेसर स्तर पर क्या तस्वीर है?
RTI के मुताबिक असिस्टेंट और एसोसिएट प्रोफेसर को मिलाकर 363 शिक्षक हैं। इनमें: श्रेणी| शिक्षक SC| 29, ST| 8 और OBC| 35 यानी इन दोनों स्तरों पर SC, ST और OBC के कुल 72 शिक्षक हैं। यहां एक महत्वपूर्ण बात समझनी जरूरी है। खबरों में कई जगह 84 आरक्षित वर्ग के शिक्षकों का आंकड़ा सामने आया है, लेकिन 84 में SC, ST और OBC के साथ EWS को भी शामिल किया गया है।
IIT Bombay Faculty: 775 फैकल्टी में 84 का आंकड़ा क्या बताता है?
सितंबर 2026 में कुल 775 भरे हुए टीचिंग पदों में SC, ST, OBC और EWS को मिलाकर 84 शिक्षक बताए गए हैं। 775 में 84 का हिस्सा करीब 10.8 फीसदी, यानी लगभग 11 फीसदी बैठता है। लेकिन इस आंकड़े को समझते समय एक जरूरी अंतर है- 84 कुल आरक्षित श्रेणियों के शिक्षकों का आंकड़ा है, जबकि 412 केवल प्रोफेसर पद पर मौजूद शिक्षकों की संख्या है।
क्या प्रोफेसर स्तर पर प्रतिनिधित्व और कम है?
उपलब्ध RTI आंकड़ों को सिर्फ प्रोफेसर स्तर पर देखें तो 412 प्रोफेसरों में SC के 5 और OBC के 6 शिक्षक हैं। दोनों को मिलाकर संख्या 11 होती है। दूसरी तरफ, ST वर्ग से प्रोफेसर स्तर पर कोई शिक्षक नहीं है। असिस्टेंट और एसोसिएट प्रोफेसर स्तर पर तस्वीर अलग है। वहां SC के 29, ST के 8 और OBC के 35 शिक्षक दर्ज हैं। यानी उपलब्ध आंकड़ों में आरक्षित वर्गों के शिक्षकों की संख्या शुरुआती/मध्य अकादमिक रैंकों में प्रोफेसर स्तर की तुलना में ज्यादा दिखाई देती है।

IIT Bombay Faculty: फरवरी से सितंबर तक कितना बदलाव हुआ?
यह आंकड़ा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि फरवरी 2026 में मिली पिछली RTI जानकारी में तीनों फैकल्टी स्तरों को मिलाकर SC वर्ग के 33 शिक्षक थे। उस समय ST वर्ग में एक एसोसिएट प्रोफेसर और सात असिस्टेंट प्रोफेसर, यानी कुल आठ शिक्षक थे। OBC वर्ग के शिक्षकों की संख्या 41 बताई गई थी। सितंबर के आंकड़ों में SC फैकल्टी की कुल संख्या में फरवरी के मुकाबले एक की बढ़ोतरी दर्ज हुई। इससे यह भी पता चलता है कि कुछ बदलाव हुए हैं, लेकिन कुछ महीनों की अवधि में संख्या में बड़ा बदलाव नहीं आया।
450 पद खाली होने का क्या मतलब है?
IIT बॉम्बे में 1,225 स्वीकृत टीचिंग पदों में से 450 खाली होना भी इस RTI का महत्वपूर्ण हिस्सा है। हालांकि केवल इस आंकड़े से यह नहीं बताया जा सकता कि इन 450 खाली पदों में से कितने पद SC, ST, OBC या EWS के लिए निर्धारित हैं। उपलब्ध RTI जवाब में श्रेणीवार खाली पदों का पूरा विवरण नहीं दिया गया है।
IIT Bombay Faculty: RTI किसने दाखिल की?
यह RTI ऑल इंडिया OBC स्टूडेंट्स एसोसिएशन के चेयरपर्सन गौड़ किरण कुमार ने दाखिल की थी। उनका कहना है कि उन्होंने यह जानकारी अकादमिक रिसर्च के लिए मांगी थी। RTI में मिली जानकारी के बाद IIT बॉम्बे में आरक्षित वर्गों के फैकल्टी प्रतिनिधित्व को लेकर चर्चा फिर तेज हुई है। हालिया रिपोर्टों में इस मुद्दे को संस्थान में छात्रों से जुड़े जाति और भेदभाव के विवाद के संदर्भ में भी देखा गया है। क्या इन आंकड़ों से आरक्षण नीति के बारे में निष्कर्ष निकाला जा सकता है? RTI आंकड़े IIT बॉम्बे में अलग-अलग फैकल्टी रैंकों पर SC, ST और OBC शिक्षकों की संख्या जरूर दिखाते हैं, लेकिन केवल इन आंकड़ों से यह तय नहीं किया जा सकता कि कम प्रतिनिधित्व का कारण क्या है। इसके लिए यह देखना होगा कि: कितने पद आरक्षण के दायरे में आते हैं? अलग-अलग श्रेणियों के लिए कितने पद निर्धारित थे? कितने उम्मीदवारों ने आवेदन किया?कितने उम्मीदवार चयन प्रक्रिया तक पहुंचे? कितने उम्मीदवारों का चयन हुआ? खाली पदों की श्रेणीवार स्थिति क्या है? नियुक्ति और प्रमोशन की प्रक्रिया में क्या नियम लागू हैं? इन सवालों के जवाब मिलने पर ही फैकल्टी प्रतिनिधित्व की पूरी तस्वीर सामने आएगी।
विशेष भर्ती अभियान के बावजूद क्या हुआ?
RTI से जुड़े अन्य आंकड़ों पर रिपोर्टिंग में IIT बॉम्बे में SC और ST फैकल्टी की भर्ती के लिए चलाए गए विशेष अभियान का भी जिक्र आया है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक 2023 और 2024 की कुछ भर्ती प्रक्रियाओं में आवेदन और चयन की संख्या में बड़ा अंतर रहा। हालांकि, इन आंकड़ों को पूरे आरक्षण सिस्टम का प्रतिनिधि मानने से पहले भर्ती की शर्तों और पदों की श्रेणीवार स्थिति देखना जरूरी है।
RTI से क्या तस्वीर सामने आती है?
RTI के आंकड़े बताते हैं कि IIT बॉम्बे में आरक्षित श्रेणियों के शिक्षकों का प्रतिनिधित्व फैकल्टी के अलग-अलग स्तरों पर समान नहीं है। प्रोफेसर स्तर पर 412 में SC के 5, OBC के 6 और ST का कोई प्रोफेसर नहीं है। वहीं असिस्टेंट और एसोसिएट प्रोफेसर स्तर पर SC, ST और OBC शिक्षकों की संख्या क्रमशः 29, 8 और 35 है।
कुल मिलाकर SC, ST, OBC और EWS को मिलाकर 84 शिक्षक हैं। लेकिन इस आंकड़े को समझने के लिए यह ध्यान रखना जरूरी है कि 84 केवल SC-ST-OBC का आंकड़ा नहीं है, बल्कि इसमें EWS भी शामिल है। इसलिए इस RTI की सबसे बड़ी तस्वीर दो हिस्सों में सामने आती है- एक तरफ 450 टीचिंग पद अभी खाली हैं, और दूसरी तरफ उपलब्ध आंकड़ों में आरक्षित श्रेणियों का प्रतिनिधित्व फैकल्टी के अलग-अलग स्तरों पर अलग-अलग है। इसके कारणों को समझने के लिए श्रेणीवार भर्ती, रिक्तियों और चयन प्रक्रिया के विस्तृत आंकड़ों की जरूरत होगी।









