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उज्जैन में चौड़ीकरण को लेकर विवाद के बाद पथराव, कारोबार प्रभावित; व्यापारियों ने शांति की अपील की

उज्जैन में मस्जिद हिस्से पर विवाद के बाद पथराव

Ujjain News: मध्य प्रदेश के उज्जैन में सिंहस्थ कुंभ की तैयारियों के बीच सड़कों के चौड़ीकरण का काम जारी है। इसी के तहत रास्ते में आ रहे मंदिरों और अन्य निर्माणों को हटाया जा रहा है। इसी क्रम में शाही मस्जिद के करीब तीन से चार फीट हिस्से को हटाने की कार्रवाई को लेकर विवाद खड़ा हो गया। कार्रवाई के बीच प्रशासन और पुलिस पर पथराव की घटना हुई, जिसके बाद इलाके में तनाव की स्थिति बनी। हालांकि, मौके पर मौजूद लोगों ने कहा कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और शहर में शांति बनाए रखने की कोशिश की जा रही है।

Ujjain News: चौड़ीकरण की जद में आ रहे निर्माण हटाए जा रहे

सिंहस्थ कुंभ को देखते हुए उज्जैन में कई इलाकों का चौड़ीकरण किया जा रहा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, इस काम की जद में करीब 22 मंदिर और दो जैन मंदिर भी आए थे, जिन्हें हटाया गया है। लोगों का कहना है कि इन निर्माणों को हटाए जाने पर किसी तरह का बड़ा विवाद नहीं हुआ। इसी क्रम में शाही मस्जिद का भी केवल करीब तीन मीटर हिस्सा चौड़ीकरण की सीमा में आ रहा था, जिसे प्रशासन के निर्देश पर हटाने की कार्रवाई शुरू की गई।इसी कार्रवाई के दौरान प्रशासन पर पथराव हुआ। घटनास्थल के आसपास पुलिस की मौजूदगी बढ़ा दी गई और लोगों को प्रभावित क्षेत्र की ओर जाने से रोका गया। मौके से करीब 100 मीटर की दूरी पर शाही मस्जिद स्थित है। पथराव के बाद आसपास की कई दुकानें भी बंद रहीं।

अफवाहों को लेकर स्थानीय लोगों ने जताई चिंता

स्थानीय व्यापारियों और लोगों का कहना है कि मस्जिद को पूरी तरह हटाए जाने या ध्वस्त किए जाने की बात अफवाह के तौर पर फैलाई जा रही है। उनका कहना है कि असल में केवल वही हिस्सा हटाया जा रहा है, जो सड़क चौड़ीकरण की जद में आ रहा है।स्थानीय निवासी विजय अग्रवाल ने कहा कि सिंहस्थ जैसे बड़े आयोजन को देखते हुए शहर में विकास और चौड़ीकरण का काम जरूरी है। उन्होंने कहा कि किसी धार्मिक स्थल को पूरी तरह हटाने की बात सही नहीं है। उनके मुताबिक, केवल करीब तीन मीटर हिस्सा रास्ते में आ रहा था और उसी को हटाया जा रहा है।उन्होंने यह भी कहा कि कुछ जिम्मेदार लोगों की ओर से गलत जानकारी दिए जाने से स्थिति बिगड़ सकती है। उनके मुताबिक, सोशल मीडिया और व्हाट्सऐप के जरिए लोगों तक यह संदेश पहुंचाया जा रहा था कि पूरी मस्जिद को हटाया जा रहा है, जबकि ऐसा नहीं है।

Ujjain News: 22 मंदिर हटने का भी दिया गया उदाहरण

विजय अग्रवाल ने कहा कि चौड़ीकरण की वजह से 22 मंदिर हटाए गए हैं और इस पर किसी तरह का बड़ा विरोध नहीं हुआ। उन्होंने खड़े हनुमान जी मंदिर का भी जिक्र किया, जो चौड़ीकरण की जद में आ रहा है।उन्होंने कहा कि मंदिर और मस्जिद इंसानों द्वारा बनाए गए धार्मिक स्थल हैं और विकास कार्यों के लिए जरूरत पड़ने पर उनके प्रभावित हिस्से को हटाया जा सकता है। उनका कहना था कि विवाद बढ़ाने के बजाय लोगों को पूरे मामले की जानकारी समझनी चाहिए।

गंगा-जमुनी तहजीब और भाईचारे की अपील

स्थानीय लोगों ने उज्जैन की पहचान आपसी भाईचारे और मिल-जुलकर रहने वाले शहर के रूप में बताते हुए शांति बनाए रखने की अपील की। उनका कहना था कि यहां अलग-अलग समुदायों के लोग मिलकर त्योहार मनाते हैं और एक-दूसरे के साथ काम करते हैं।विजय अग्रवाल ने कहा कि उज्जैन में सभी समुदायों के लोग मिल-जुलकर रहते हैं। ऐसे में पथराव जैसी घटनाएं शहर की छवि को प्रभावित करती हैं। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन पहुंचने वाले हैं और ऐसी घटनाओं का संदेश दूर तक जाता है।

Ujjain News: सिंहस्थ से पहले करीब 30 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की तैयारी

स्थानीय लोगों ने बताया कि सिंहस्थ को लेकर शहर में बड़े स्तर पर तैयारियां चल रही हैं। आने वाले समय में करीब 30 करोड़ श्रद्धालुओं के उज्जैन पहुंचने की बात कही जा रही है। ऐसे में शहर की सड़कों और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए चौड़ीकरण किया जा रहा है, ताकि बाहर से आने वाले लोगों को परेशानी न हो।व्यापारियों का कहना है कि बेहतर सड़क और यातायात व्यवस्था का लाभ केवल किसी एक समुदाय को नहीं, बल्कि सभी लोगों को मिलेगा। उनके मुताबिक, श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने से हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के कारोबार को फायदा मिल सकता है।

व्यापारियों ने कहा- नुकसान सभी का हो रहा

पथराव की घटना के बाद आसपास का बाजार बंद रहा। इससे स्थानीय व्यापारियों को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। व्यापारियों ने बताया कि इस इलाके में हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों की दुकानें हैं और बंदी की वजह से सभी प्रभावित हैं।एक व्यापारी ने बताया कि शाम के समय इस इलाके में काफी भीड़ रहती थी और दुकानों पर ग्राहकों की आवाजाही बनी रहती थी, लेकिन पथराव की घटना के बाद कारोबार रुक गया। उन्होंने कहा कि पहले से ही व्यापार पर मंदी का असर है और ऐसे हालात नुकसान को और बढ़ा रहे हैं।व्यापारियों का कहना है कि घटना के बाद यह दूसरा दिन है और अभी यह स्पष्ट नहीं है कि बाजार पूरी तरह कब खुलेगा। प्रशासन अपने स्तर पर काम कर रहा है, लेकिन स्थिति सामान्य करने के लिए आम लोगों का सहयोग भी जरूरी है।

महेश खेमानी बोले- उज्जैन में ऐसा माहौल पहले नहीं देखा

स्थानीय व्यापारी महेश खेमानी बिट्टू ने कहा कि उन्होंने उज्जैन में इस तरह की स्थिति पहले नहीं देखी। उनके मुताबिक, मस्जिद से जुड़े विवाद के बाद शहर का माहौल प्रभावित हुआ और पथराव की घटना के कारण पूरा बाजार बंद रहा।उन्होंने कहा कि इससे व्यापारियों को काफी नुकसान हो रहा है। उनका कहना था कि सभी व्यापारी फिलहाल दुकानें बंद कर बैठे हैं और बाजार दोबारा कब खुलेगा, इसको लेकर बातचीत चल रही है।महेश खेमानी ने कहा कि उज्जैन पर देश ही नहीं, बल्कि दुनिया भर के लोगों की नजर रहती है। सिंहस्थ को लेकर श्रद्धालु पहले से ही यहां आने की योजनाएं बना रहे हैं। ऐसे में शहर में तनाव की खबरों से बाहर से आने वाले लोगों के मन में भी चिंता पैदा हो सकती है।

Ujjain News: व्यापारियों ने पथराव को बताया गलत

व्यापारियों ने पथराव की घटना को गलत बताया। उनका कहना था कि पूरे बाजार में अलग-अलग समुदायों के लोगों की दुकानें हैं और किसी भी तरह की हिंसा से सभी को नुकसान होता है।एक व्यापारी ने कहा कि अगर पथराव के बाद पुलिस कार्रवाई करती है, तो उस कार्रवाई को लेकर भी विवाद खड़ा हो सकता है। उनके मुताबिक, ऐसी स्थिति पैदा होने से बचने के लिए लोगों को शांति बनाए रखनी चाहिए।स्थानीय लोगों ने कहा कि शहर की शांति बनाए रखने की जिम्मेदारी केवल प्रशासन की नहीं है। आम लोगों को भी अफवाहों से बचना होगा और किसी भी ऐसी गतिविधि का हिस्सा नहीं बनना चाहिए, जिससे माहौल खराब हो।

प्रशासन के निर्देश पर कई दुकानें बंद

स्थानीय व्यापारियों के मुताबिक, इलाके की कुछ दुकानें प्रशासन के निर्देश पर बंद हैं, जबकि कुछ दुकानदारों ने अपनी इच्छा से भी दुकानें बंद रखी हैं। बाजार बंद होने की वजह से व्यापारियों को लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।व्यापारी मोनू लोधी ने कहा कि प्रशासन स्थिति को संभालने के लिए सहयोग कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ असामाजिक तत्व माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनका मानना है कि प्रशासन उनसे निपट लेगा और स्थिति को ज्यादा गंभीर होने से रोका जा सकता है।

Ujjain News: फिलहाल शांत है उज्जैन, लेकिन तनाव बरकरार

पथराव की घटना के बाद इलाके में तनाव जरूर है, लेकिन मौके पर स्थिति फिलहाल शांत बताई जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दो दिन पहले बिगड़े माहौल को दोबारा सामान्य करने की कोशिश की जा रही है।व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों ने कहा कि उज्जैन महाकाल की नगरी है और इसकी पहचान शांतिपूर्ण माहौल और आपसी भाईचारे से जुड़ी है। उनका कहना है कि शहर की शांति बनाए रखने के लिए सभी समुदायों को मिलकर काम करना होगा। प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान दिया जा रहा है।सिंहस्थ से पहले शहर में विकास और चौड़ीकरण का काम जारी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस प्रक्रिया के दौरान किसी भी तरह की अफवाह या विवाद से बचना जरूरी है, ताकि उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय कारोबारियों दोनों को परेशानी न हो।