Amit Shah: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने SIR यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आरोपों पर पलटवार किया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब SIR की प्रक्रिया 2024 के बाद शुरू हुई, तो उससे पहले कांग्रेस चुनाव क्यों हारती रही? अमित शाह ने कांग्रेस की चुनावी स्थिति का जिक्र करते हुए राहुल गांधी को आत्ममंथन करने की सलाह दी। साथ ही उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस को 2029 के लोकसभा चुनाव में भी हार का सामना करना पड़ेगा। दूसरी ओर, राहुल गांधी चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर लगातार सवाल उठा रहे हैं। ऐसे में SIR को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव तेज हो गया है।
SIR को लेकर अमित शाह ने राहुल गांधी से क्या पूछा?
अमित शाह ने राहुल गांधी के आरोपों का जवाब देते हुए सवाल किया कि क्या कांग्रेस गुजरात में SIR की वजह से चुनाव हारी थी? उन्होंने कहा कि SIR की प्रक्रिया 2024 के बाद शुरू हुई, जबकि कांग्रेस इससे पहले भी कई चुनाव हार चुकी है। शाह के मुताबिक, कांग्रेस को अपनी चुनावी हार के कारणों पर आत्ममंथन करना चाहिए। उन्होंने इस मुद्दे को कांग्रेस के राजनीतिक प्रदर्शन से जोड़ते हुए राहुल गांधी पर निशाना साधा।
Amit Shah: गुजरात में कांग्रेस की हार का किया जिक्र
अमित शाह ने गुजरात में कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लंबे समय से राज्य में चुनावी जीत हासिल नहीं कर पाई है। शाह ने गुजरात के स्थानीय निकाय चुनावों में बीजेपी की जीत का भी उल्लेख किया। उनका तर्क था कि कांग्रेस की चुनावी चुनौतियों को केवल मतदाता सूची के पुनरीक्षण से जोड़कर नहीं देखा जा सकता। उन्होंने पार्टी के नेतृत्व और चुनावी रणनीति पर भी सवाल उठाए।
2029 के लोकसभा चुनाव को लेकर क्या बोले शाह?
अमित शाह ने राहुल गांधी पर हमला करते हुए दावा किया कि कांग्रेस को 2029 के लोकसभा चुनाव में भी बड़ी हार का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस लगातार चुनावी चुनौतियों का सामना कर रही है। शाह ने विपक्ष की राजनीति और चुनावी रणनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि केवल आरोप लगाने से जनता का विश्वास हासिल नहीं किया जा सकता। हालांकि, 2029 के चुनाव के नतीजे भविष्य में मतदाताओं के फैसले से तय होंगे।
Amit Shah: राहुल गांधी चुनाव आयोग पर क्यों उठा रहे सवाल?
राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनावी प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने मतदाता सूची में संशोधन और SIR की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़ा मुद्दा बताया है। राहुल गांधी का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होनी चाहिए। उन्होंने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए आंदोलन जारी रखने की बात भी कही है। चुनाव आयोग की भूमिका और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है।
SIR क्या है और इसे लेकर विवाद क्यों?
SIR का पूरा नाम स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी विशेष गहन पुनरीक्षण है। इसका उद्देश्य मतदाता सूची को अद्यतन करना और मृत, स्थानांतरित, दोहरे पंजीकरण वाले या अपात्र मतदाताओं से जुड़ी प्रविष्टियों की जांच करना है। चुनाव आयोग इस प्रक्रिया को मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए जरूरी बताता है। वहीं, विपक्ष का आरोप है कि प्रक्रिया के दौरान पात्र मतदाताओं के नाम हटने का खतरा है और दस्तावेजों से जुड़ी कठिनाइयां लोगों को प्रभावित कर सकती हैं। इसी को लेकर राजनीतिक विवाद जारी है।
Amit Shah: कांग्रेस की हार और SIR पर क्यों आमने-सामने हैं बीजेपी-कांग्रेस?
बीजेपी कांग्रेस की पुरानी चुनावी हार का हवाला देकर SIR को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर सवाल उठा रही है। वहीं, कांग्रेस मतदाता सूची की पारदर्शिता और चुनाव आयोग की जवाबदेही को प्रमुख मुद्दा बना रही है। अमित शाह का ताजा बयान इसी राजनीतिक टकराव का हिस्सा है। अब बहस दो सवालों पर केंद्रित है—कांग्रेस की चुनावी हार के पीछे क्या कारण रहे हैं और मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया कितनी पारदर्शी है। दोनों दल इन मुद्दों पर अपने-अपने तर्क सामने रख रहे हैं।
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