BBC Dilnawaz Pasha: बीबीसी के धमकी बाज रिपोर्टर दिलनवाज पाशा अभी हालही में खबर इंडिया समेत तमाम राष्ट्रवादी चैनलों में एक्सपोज़्ड हुआ जिसमें वो पुलिस के साथ बदतमीज़ी भी करते नजर आ रहा था। वहीं अब एक और नया मामला सामने आया है जिसमें दिलनवाज कथित तौर पर पत्रकार राहुल शुक्ला को धमकी देता नजर आया। जिसमें उसने पत्रकार राहुल शुक्ला से गाली गलौज की बल्कि उन्हें उठाव लेने की भी बात कहीं। उसपर उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित खोड़ा क्षेत्र में कथित तौर पर झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ खबर करने को लेकर पत्रकार राहुल शुक्ला ने दिलनवाज और अज्ञात नंबर से आई कॉल पर धमकी देने, गाली-गलौज करने तथा रंगदारी मांगने के गंभीर आरोप लगाए हैं। राहुल शुक्ला का दावा है कि उन्हें पुलिस के माध्यम से झूठे मामले में फंसाने, पिटवाने और यहां तक कि अपहरण कराने की धमकी दी गई। इस मामले में खोड़ा थाने में एफआईआर दर्ज होने की प्रति भी सामने आई है। राहुल का कहना है कि उन्हें आज भी आशंका रहती है कि कहीं उनके साथ कोई अप्रिय घटना न हो जाए।
खबर इंडिया के रिपोर्टर विनीत अत्री से खास बातचीत में राहुल शुक्ला ने पूरे घटनाक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि वह अवैध रूप से प्रैक्टिस कर रहे झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ खबरें दिखाना चाहते थे। दिल्ली के कई विधायक भी झोलाछाप डॉक्टरों की मनमानी और उन्हें एक्सपोज करने पर लगे हुए थे। इसके बाद बीबीसी के पत्रकार दिलनवाज पासा ने कॉल लगाकर पत्रकार राहुल को यह करने से रोका साथ ही उसने धमकी भी दी।
BBC Dilnawaz Pasha: झोलाछाप डॉक्टरों की कवरेज के दौरान धमकी देने का आरोप-
राहुल शुक्ला के मुताबिक, 10 सितंबर 2026 को वह झोलाछाप डॉक्टरों से संबंधित एक मामले की कवरेज के लिए गए थे। उनका कहना है कि कुछ दिल्ली के विधायक भी संबंधित डॉक्टरों का विरोध कर रहे थे। इसी सिलसिले में खबर करने के दौरान दिलनवाज पाशा ने कथित तौर पर उन्हें धमकाया। राहुल ने बताया कि धमकी मिलने के बाद उनका परिवार भी परेशान हो गया था। उनके मुताबिक, घटना के दौरान उनकी माता जी इतनी चिंतित हो गईं कि रोने लगीं। राहुल का आरोप है कि संबंधित व्यक्ति ने फोन पर बातचीत के दौरान उनके साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और पत्रकारिता को लेकर भी अपमानजनक टिप्पणी की। राहुल शुक्ला के अनुसार, दिलनवाज पाशा ने उनसे कहा कि ‘भाड़ में गई पत्रकारिता।’ राहुल का आरोप है कि उन्हें खबरें करने से रोकने के लिए लगातार दबाव बनाया गया।
BBC Dilnawaz Pasha: ‘विधायक की गोद में बैठे हो तो भी नहीं छोड़ूंगा’-
एफआईआर में दर्ज शिकायत के मुताबिक, 11 सितंबर 2026 को सुबह करीब 9:45 बजे राहुल शुक्ला अपने घर पर बैठे थे। इसी दौरान उनके पास व्हाट्सऐप कॉल आई। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कॉल करने वाले व्यक्ति ने उन्हें धमकाया और उनसे रंगदारी/पैसों की मांग की। शिकायत के अनुसार, राहुल ने जब इसका विरोध किया तो उन्हें पुलिस के माध्यम से झूठे मामले में फंसाने, पिटवाने और प्रताड़ित कराने की धमकी दी गई। राहुल का आरोप है कि फोन पर बातचीत के दौरान उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी भी दी गई। एफआईआर में दर्ज विवरण के अनुसार, आरोपी ने कथित तौर पर कहा कि वह किसी विधायक की गोद में बैठे हों, तब भी उन्हें नहीं छोड़ेगा। शिकायत में यह भी आरोप है कि बातचीत के दौरान अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया और राहुल को डराने की कोशिश की गई।
‘लाहौर से उठवा लूंगा’, अपहरण की धमकी देने का आरोप कहीं पाकिस्तान तक तो नहीं दिलनवाज के तार?-
राहुल शुक्ला ने विनीत अत्री से बातचीत में आरोप लगाया कि उन्हें धमकी देते हुए कहा गया कि अगर वह लाहौर में भी बैठे होंगे तो वहां से उठवा लिया जाएगा। राहुल के मुताबिक, उन्हें अपहरण कराने और शारीरिक नुकसान पहुंचाने की धमकियां भी दी गईं। दिलनवाज में राहुल शुक्ला को पाकिस्तान के लाहौर से उठाने की धमकी दी अब सवाल उठ रहे हैं कि कहीं उसके तार पाकिस्तान तक तो नहीं जुड़े हुए है। एफआईआर में दर्ज शिकायत के अनुसार, 11 सितंबर को आए फोन के बाद राहुल ने कॉल काट दी थी। इसके बाद संबंधित मोबाइल नंबर से कई बार व्हाट्सऐप कॉल किए गए। भय के कारण उन्होंने शुरुआत में कुछ कॉल रिसीव नहीं किए। शिकायत में बताया गया है कि बाद में एक अन्य मोबाइल नंबर से कॉल आने पर उन्होंने बातचीत रिकॉर्ड करना शुरू किया। राहुल का दावा है कि उनके पास इस घटनाक्रम से संबंधित व्हाट्सऐप कॉल की रिकॉर्डिंग मौजूद है। उनके मुताबिक, रिकॉर्डिंग में कथित तौर पर गाली-गलौज और धमकी देने की बातें दर्ज हैं। हालांकि, रिकॉर्डिंग की स्वतंत्र पुष्टि और उसकी फॉरेंसिक जांच की जानकारी उपलब्ध नहीं है।
परिवार को भी सता रहा अनहोनी का डर-
राहुल शुक्ला ने कहा कि धमकियों के बाद से वह और उनका परिवार असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने आशंका जताई कि संबंधित व्यक्ति या उसके सहयोगियों की ओर से उनके साथ कोई गंभीर घटना की जा सकती है। राहुल के शब्दों में, उन्हें आज भी डर सताता है कि कहीं उनके साथ कुछ गलत न हो जाए और खबर दिखाने वाला पत्रकार खुद ही किसी घटना की खबर न बन जाए। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता का काम लोगों के सामने समस्याओं को लाना और जनहित के मुद्दों पर सवाल उठाना है। यदि अवैध रूप से प्रैक्टिस कर रहे डॉक्टरों के खिलाफ खबर करने पर धमकियां मिलेंगी, तो यह पत्रकारों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर सवाल है।
दिल्ली में एफआईआर नहीं, उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पर भरोसा-

राहुल शुक्ला ने बातचीत में कहा कि उन्होंने दिल्ली में एफआईआर दर्ज नहीं कराई, बल्कि उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित खोड़ा थाने में शिकायत दी। उन्होंने कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार और उत्तर प्रदेश पुलिस पर भरोसा है तथा उन्हें उम्मीद है कि मामले में निष्पक्ष कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में गुंडागर्दी नहीं चलने दी जाएगी और उन्हें प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर भरोसा है। उनका कहना है कि वह झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ खबरें दिखाने का काम जारी रखेंगे और धमकियों के दबाव में पीछे नहीं हटेंगे।
खोड़ा थाने में दर्ज है एफआईआर-
उपलब्ध एफआईआर की प्रति के अनुसार, मामला खोड़ा थाने, कमिश्नरेट गाजियाबाद में दर्ज है। दस्तावेज में एफआईआर संख्या 0370/2026 और प्राथमिकी दर्ज होने की तारीख 19 सितंबर 2026 अंकित है। घटना की तारीख 11 सितंबर 2026 बताई गई है।एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 352 और धारा 351(3) दर्ज हैं। शिकायतकर्ता के बयान में दिलनवाज पाशा समेत अन्य लोगों पर धमकी देने, गाली-गलौज करने, रंगदारी मांगने तथा शारीरिक नुकसान और अपहरण की धमकी देने के आरोप लगाए गए हैं।
पत्रकारिता पर दबाव का सवाल-
राहुल शुक्ला का कहना है कि झोलाछाप डॉक्टरों और अवैध चिकित्सा गतिविधियों से जुड़े मामलों की रिपोर्टिंग जनहित में की जाती है। ऐसे मामलों में पत्रकारों को कथित धमकियां मिलना उनके काम और सुरक्षा, दोनों से जुड़ा विषय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह धमकियों के बावजूद जनहित से जुड़े मुद्दों पर रिपोर्टिंग जारी रखेंगे। अब इस मामले में पुलिस की जांच, कथित कॉल रिकॉर्डिंग की पुष्टि और संबंधित पक्ष का जवाब महत्वपूर्ण होगा।
यह भी पढ़े- मोदी सरकार में एक और मंत्री का इस्तीफा, पीएम मोदी को पत्र लिखकर बताई वजह









