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अंकिता भंडारी केस में क्यों उठ रही फांसी की मांग? इंडिया गेट पर धरने में राहुल गांधी की एंट्री से बढ़ी चर्चा

Ankita Bhandari: अंकिता भंडारी केस में उम्रकैद, फिर फांसी की मांग क्यों ?

Ankita Bhandari: उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। इस मामले में तीन दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई जा चुकी है, लेकिन अंकिता के परिवार की इंसाफ की लड़ाई अब भी जारी है। परिवार की मांग है कि मामले में सामने आए कथित VIP एंगल की भी निष्पक्ष जांच हो। इसी मांग को लेकर अंकिता के माता-पिता दिल्ली के इंडिया गेट पर धरने पर बैठे। 14 अक्टूबर को राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने उनसे मुलाकात की। इसके बाद मामला एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गया।

अंकिता भंडारी की हत्या का मामला

अंकिता भंडारी उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले की रहने वाली थीं। वह ऋषिकेश के पास स्थित वनंतरा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करती थीं। सितंबर 2022 में उनकी हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद उनका शव चीला नहर से बरामद हुआ। इस मामले में रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य और उसके दो कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया। घटना के बाद उत्तराखंड समेत देशभर में विरोध प्रदर्शन हुए और अंकिता के लिए न्याय की मांग उठी।

Ankita Bhandari: तीन दोषियों को उम्रकैद की सजा

अंकिता भंडारी हत्याकांड में 30 मई 2025 को अदालत ने पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को दोषी ठहराया था। तीनों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। अदालत के फैसले के बाद मामले में दोषियों की सजा का सवाल तो सुलझ गया, लेकिन अंकिता के परिवार की कुछ मांगें अब भी बाकी हैं। परिवार चाहता है कि हत्या से जुड़े कथित VIP एंगल की भी जांच हो और इस मामले से जुड़े सभी सवालों के जवाब सामने आएं।

कथित VIP एंगल पर क्यों उठ रहे सवाल?

अंकिता भंडारी मामले में कथित VIP का मुद्दा लंबे समय से चर्चा में रहा है। परिवार की मांग है कि इस पहलू की निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि घटना के पीछे किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं। हालांकि, किसी व्यक्ति के खिलाफ लगाए गए आरोप को जांच या अदालत के निष्कर्ष के बिना साबित तथ्य नहीं माना जा सकता। परिवार इसी मुद्दे पर संबंधित एजेंसियों से कार्रवाई की मांग कर रहा है।

Ankita Bhandari: दुष्यंत गौतम की नियुक्ति पर विवाद

मामले ने उस समय फिर तूल पकड़ा, जब दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने की खबर सामने आई। अंकिता के परिवार ने इस नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से अपील की कि कथित VIP एंगल की जांच पूरी होने तक नियुक्ति पर रोक लगाई जाए। परिवार का कहना है कि मामले से जुड़े सवालों का समाधान होना जरूरी है। इसी मांग को लेकर दिल्ली में धरना दिया गया।

इंडिया गेट पर राहुल गांधी की एंट्री

14 अक्टूबर को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा इंडिया गेट पहुंचे। दोनों ने धरने पर बैठे अंकिता के माता-पिता से मुलाकात की और उनकी मांगों के प्रति समर्थन जताया। राहुल गांधी की मौजूदगी के बाद यह मामला राजनीतिक रूप से भी चर्चा में आ गया। कांग्रेस ने कथित VIP एंगल की जांच और परिवार की मांगों पर कार्रवाई का मुद्दा उठाया।

Ankita Bhandari: उम्रकैद के बाद भी परिवार की लड़ाई जारी

अंकिता भंडारी हत्याकांड में तीन दोषियों को उम्रकैद की सजा मिल चुकी है, लेकिन परिवार की मौजूदा मांग कथित VIP एंगल की जांच और उससे जुड़े सवालों के जवाब पाने पर केंद्रित है। परिवार चाहता है कि उसकी शिकायतों पर गंभीरता से विचार किया जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की मुलाकात के बाद यह मुद्दा फिर चर्चा में है। अब संबंधित संस्थाओं की कार्रवाई और जांच से जुड़ी आगे की जानकारी पर नजर रहेगी।

 

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