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एयर इंडिया विमान हादसे को एक साल, परवेज वोहरा के परिवार का दर्द आज भी नहीं हुआ कम

Air india: 12 जून 2025 को हुए एयर इंडिया विमान हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। इस भीषण दुर्घटना में 260 से अधिक लोगों की जान चली गई थी। हादसे को आज एक साल पूरा हो चुका है, लेकिन जिन परिवारों ने अपने अपनों को खोया, उनके लिए समय मानो थम सा गया है। गुजरात के खेड़ा जिले के ठासरा गांव का वोहरा परिवार भी उन्हीं परिवारों में शामिल है, जो आज भी अपने प्रियजनों की यादों और इंसाफ की उम्मीद के सहारे जिंदगी गुजार रहा है।

महज 10 दिन पहले भारत लौटे थे परवेज

खेड़ा जिले के ठासरा गांव के रहने वाले परवेज वोहरा पिछले चार साल से लंदन में रह रहे थे। वह अपनी पांच साल की बेटी के दांतों के इलाज और परिवार से मिलने के लिए भारत आए थे। किसी ने नहीं सोचा था कि यह मुलाकात आखिरी साबित होगी।

Air india: एयरपोर्ट से लौटते ही मिली दिल दहला देने वाली खबर

12 जून को परवेज को एयरपोर्ट छोड़ने उनके भाई रोमिल वोहरा गए थे। उन्हें विदा कर लौटते समय ही फ्लाइट हादसे की खबर सामने आई। रोमिल बताते हैं कि अस्पतालों और अधिकारियों के चक्कर लगाने के बाद जब डीएनए सैंपल मांगा गया, तभी उन्हें अपने परिवार को खो देने का अहसास हो गया था।

Air india: गर्भवती पत्नी पर टूटा दुखों का पहाड़

हादसे के समय परवेज की पत्नी लंदन में गर्भवती थीं। उन्हें भारत बुलाया गया, लेकिन यहां पहुंचने के बाद जब हादसे की सच्चाई सामने आई तो पूरा परिवार टूट गया। कुछ दिनों बाद उन्होंने एक बेटे को जन्म दिया, लेकिन बच्चे के जन्म की खुशी भी परिवार के दुख को कम नहीं कर सकी।

मुआवजा मिला, लेकिन सवाल अब भी बाकी

हादसे के बाद पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता मिली, लेकिन कई सवाल अब भी अनुत्तरित हैं। परिवार का कहना है कि उन्हें सिर्फ मुआवजा नहीं, बल्कि यह जानना है कि हादसे के लिए जिम्मेदार कौन था। वे चाहते हैं कि जांच पूरी पारदर्शिता से हो और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

एक साल बाद भी ताजा हैं जख्म

Air india: एक साल गुजर जाने के बाद भी हादसे की यादें परिवारों का पीछा नहीं छोड़ रही हैं। अपनों को खोने का दर्द आज भी उतना ही गहरा है। पीड़ित परिवारों की नजर अब जांच रिपोर्ट और न्याय की उम्मीद पर टिकी हुई है, ताकि उन्हें यह पता चल सके कि आखिर इस दर्दनाक हादसे का जिम्मेदार कौन था।

 

 

 

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