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बार-बार छींक और बंद नाक से हैं परेशान? सिर्फ धूल-मिट्टी नहीं, ये 6 वजहें भी बढ़ाती हैं एलर्जी

 Allergy Triggers:

Allergy Triggers: हम अपने दिन का बड़ा हिस्सा बिस्तर पर बिताते हैं, लेकिन गद्दों, तकियों और चादरों में मौजूद डस्ट माइट्स एलर्जी का बड़ा कारण बन सकते हैं। पीजीआई चंडीगढ़ की एचओडी डॉ. जयमंती बख्शी के मुताबिक, अगर सुबह उठते ही छींकें आना या नाक बंद होना शुरू हो जाए तो इसकी वजह आपका बिस्तर हो सकता है। इससे बचने के लिए चादर और तकिए के कवर को हर सप्ताह 60 डिग्री सेल्सियस से अधिक गर्म पानी में धोना चाहिए। साथ ही बेडरूम से कालीन हटाना और एलर्जेन-प्रूफ कवर का इस्तेमाल करना फायदेमंद रहता है।

Allergy Triggers: गंदे एसी और कूलर भी बढ़ा सकते हैं परेशानी-

एयर कंडीशनर और कूलर के फिल्टर समय पर साफ न किए जाएं तो उनमें धूल, फफूंद और एलर्जी पैदा करने वाले कण जमा हो जाते हैं। एसी या कूलर चालू करते ही अगर छींक, खांसी या सांस लेने में दिक्कत होने लगे तो फिल्टर की सफाई जरूरी है। विशेषज्ञ हर 1 से 3 महीने में फिल्टर साफ या बदलने की सलाह देते हैं।

Allergy Triggers: खुशबूदार प्रोडक्ट्स भी बन सकते हैं ट्रिगर-

रूम फ्रेशनर, सुगंधित मोमबत्तियां, फैब्रिक सॉफ्टनर, नया पेंट और नया फर्नीचर हवा में ऐसे रसायन छोड़ते हैं जो सांस की नली में जलन और एलर्जी बढ़ा सकते हैं। अगर घर के अंदर रहने पर एलर्जी ज्यादा महसूस होती है तो इन उत्पादों का इस्तेमाल कम करना चाहिए और घर में पर्याप्त वेंटिलेशन रखना चाहिए।

पैकेट वाला खाना भी हो सकता है जिम्मेदार-

प्रोसेस्ड फूड में मौजूद रंग, प्रिजर्वेटिव और फ्लेवर बढ़ाने वाले तत्व कई लोगों में एलर्जी का कारण बन सकते हैं। कुछ लोगों को कच्चे फल या सब्जियां खाने के बाद भी एलर्जी के लक्षण दिखाई देते हैं। ऐसे में फूड डायरी बनाकर यह नोट करना फायदेमंद हो सकता है कि किस भोजन के बाद परेशानी बढ़ी।

प्रदूषण से बढ़ता है एलर्जी का खतरा-

खराब वायु गुणवत्ता (AQI) और बढ़ता PM2.5 स्तर फेफड़ों की सुरक्षा परत को नुकसान पहुंचाकर एलर्जी को गंभीर बना सकता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि खराब AQI वाले दिनों में बाहर कम निकलें और जरूरत पड़ने पर घर में एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें।

तनाव भी बन सकता है बड़ी वजह-

मानसिक तनाव का असर सिर्फ दिमाग पर नहीं बल्कि शरीर की इम्यूनिटी पर भी पड़ता है। तनाव के दौरान शरीर में ऐसे हार्मोन बढ़ते हैं जो हिस्टामाइन रिलीज कर एलर्जी को ट्रिगर कर सकते हैं। इसलिए दवाओं के साथ पर्याप्त नींद, नियमित व्यायाम और तनाव कम करने वाली गतिविधियों को भी दिनचर्या में शामिल करना जरूरी है।

विशेषज्ञ की सलाह-

अगर सभी सावधानियां बरतने के बाद भी एलर्जी से राहत नहीं मिल रही है, तो इसे नजरअंदाज न करें। समय रहते डॉक्टर से सलाह लें और अपनी जीवनशैली, खान-पान व आसपास के वातावरण की समीक्षा करें, ताकि एलर्जी के वास्तविक कारण की पहचान कर सही उपचार किया जा सके।

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