Anil Ambani: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रिलायंस अनिल अंबानी समूह से जुड़े कथित बैंक घोटाला और धन शोधन मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए ई-कॉम्प्लेक्स प्राइवेट लिमिटेड तथा उसके एक निदेशक के आवास पर छापेमारी की है। जांच एजेंसी का दावा है कि इस कार्रवाई के दौरान संदिग्ध वित्तीय लेनदेन, अचल संपत्तियों और समूह से जुड़े कथित आर्थिक अनियमितताओं के महत्वपूर्ण दस्तावेज और अन्य साक्ष्य जब्त किए गए हैं। ईडी का कहना है कि यह कार्रवाई सार्वजनिक धन के कथित दुरुपयोग और उसे विभिन्न कंपनियों के माध्यम से दूसरी जगह स्थानांतरित किए जाने की जांच का हिस्सा है।
छापेमारी में मिले दस्तावेज और संपत्तियों के रिकॉर्ड
ईडी द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, तलाशी अभियान के दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज, अचल संपत्तियों से जुड़े रिकॉर्ड और बैंक घोटाले की जांच से संबंधित महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए गए हैं। एजेंसी का मानना है कि ये दस्तावेज मामले की जांच को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएंगे। छापेमारी में जब्त रिकॉर्ड के आधार पर संदिग्ध वित्तीय लेनदेन और संपत्तियों की जांच की जा रही है।
Anil Ambani: हजारों करोड़ रुपये के सार्वजनिक धन के कथित डायवर्जन का आरोप
जांच में अब तक सामने आया है कि रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (आरएचएफएल) और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (आरसीएफएल) द्वारा जुटाए गए हजारों करोड़ रुपये के सार्वजनिक धन को कथित तौर पर शेल कंपनियों और समूह से जुड़ी अन्य संस्थाओं के नेटवर्क के जरिए दूसरी जगह भेजा गया। ईडी के अनुसार, इन कंपनियों को सामान्य बैंकिंग नियमों का उल्लंघन करते हुए बिना पर्याप्त जांच-पड़ताल, उचित दस्तावेजी प्रक्रिया और ऋण चुकाने की क्षमता का सही आकलन किए कॉरपोरेट लोन मंजूर किए गए। जांच एजेंसी का दावा है कि कई लाभार्थी कंपनियां आर्थिक रूप से कमजोर थीं, उनका वास्तविक कारोबारी संचालन नहीं था और उनकी ऋण चुकाने की क्षमता भी सीमित थी।
शेल कंपनियों पर समूह के नियंत्रण का दावा
ईडी की जांच में यह भी सामने आया है कि जिन शेल कंपनियों के जरिए कथित वित्तीय लेनदेन किए गए, उनके निदेशक रिलायंस अनिल अंबानी समूह के कर्मचारी या करीबी सहयोगी थे। जांच एजेंसी के अनुसार, ये लोग समूह के वरिष्ठ प्रबंधन के निर्देशों पर काम कर रहे थे। इसके अलावा इन कंपनियों के बैंक खाते और लेखा-जोखा कथित रूप से रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड, रिलायंस पावर लिमिटेड और रिलायंस कैपिटल लिमिटेड के अधिकारियों द्वारा संचालित किए जाते थे। ईडी का दावा है कि इससे इन कंपनियों पर समूह के प्रभावी नियंत्रण के संकेत मिलते हैं।
Anil Ambani: पीएमएलए के तहत कार्रवाई, हजारों करोड़ की संपत्ति कुर्क
ईडी ने इस मामले में 12 जून 2026 को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत विशेष अदालत में अभियोजन शिकायत दाखिल की थी। जांच एजेंसी के अनुसार, अब तक इस मामले में 15,548 करोड़ रुपये की कथित अपराध से अर्जित आय का आकलन किया गया है। वहीं, 4,510 करोड़ रुपये की संपत्तियां पीएमएलए के तहत कुर्क की जा चुकी हैं, जिनमें से 3,926 करोड़ रुपये की कुर्की को निर्णायक प्राधिकरण की मंजूरी भी मिल चुकी है। इससे पहले 15 अप्रैल 2026 को ईडी ने रिलायंस कैपिटल लिमिटेड के पूर्व निदेशक अमिताभ झुनझुनवाला और पूर्व मुख्य वित्तीय अधिकारी अमित बापना को गिरफ्तार किया था। एजेंसी का आरोप है कि दोनों की आरएचएफएल और आरसीएफएल से धन के कथित डायवर्जन में सक्रिय भूमिका थी। फिलहाल दोनों न्यायिक हिरासत में हैं। ईडी ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच अभी जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे भी आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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